जोधपुर-पाली में बनेगी नई स्मार्ट सिटी, पश्चिमी राजस्थान में बड़े निवेश व रोजगार के अवसर, करोड़ों की परियोजनाएं मंजूर

Last Updated:November 24, 2025, 07:08 IST
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर देश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है, जो भारत को वैश्विक औद्योगिक शक्ति बनाने में अहम भूमिका निभा रही है. राजस्थान में डीएमआईसी के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट्स तेजी से विकसित हो रहे हैं. इनमें जोधपुर-पाली मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया प्रमुख है, जिसका विकास अंतिम चरण में है. लगभग 1,000 करोड़ रुपये के निवेश वाले इस प्रोजेक्ट से पश्चिमी राजस्थान में बड़ा औद्योगिक ढांचा विकसित होगा
भारत की आर्थिक प्रगति के लिए बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स की भूमिका अहम है. देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) परियोजना महत्वपूर्ण पहल है. दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) भारत की सबसे बड़ी अवसंरचना विकास परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और स्मार्ट सिटी विकास को नई दिशा देना है. यह कई प्रदेशों में औद्योगिक नेटवर्क को मजबूत करते हुए देशभर में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है. इस परियोजना से भारत के औद्योगिक भविष्य को मजबूती मिलेगी.

राजस्थान में औद्योगिक विकास की नई राह खुल रही है. इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान में औद्योगिक विस्तार को विशेष बढ़ावा मिल रहा है. DMIC की प्रमुख इकाइयों में शामिल विभिन्न परियोजनाएं राज्य में आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की गति तेज कर रही है और नई रोजगार संभावनाएं पैदा कर रही है. इससे राजस्थान में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत होने जा रही है. इसी क्रम में जोधपुर और पाली के बीच प्रस्तावित जोधपुर-पाली मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (JPMIA) का विकास कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है. नया औद्योगिक शहर बनकर तैयार होने के बाद यह क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो जाएगा. यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक नक्शे को पूरी तरह बदल देगी.
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आने वाले समय में इस क्षेत्र की जमीनों के भाव तेजी से बढ़ेंगे. निवेशकों के लिए नए अवसरों का द्वार खुल रहा है. प्रोजेक्ट का अनुमानित निवेश करीब 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक है. एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें देश और विदेश की बड़ी कंपनियों द्वारा निवेश होगा. जोधपुर के रोहट और आस-पास के गांवों की जमीनों के भाव में तेजी आएगी. पचपदरा रिफाइनरी के बाद यह राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. रिफाइनरी के बाद जमीनों के भाव तीन-चार गुना बढ़ गए थे.

राज्य और केंद्र की संयुक्त कोशिशें औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभा रही है. इस परियोजना को राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NICDC) मिलकर विकसित कर रहे हैं. प्रथम चरण में 642 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू करने हेतु टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. यह साझेदारी परियोजना की सफलता की गारंटी है.

औद्योगिक विकास के लिए आधारभूत सुविधाएं अनिवार्य है. परियोजना को आवश्यक जल एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं. राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल से 48 MLD पानी उपलब्ध कराने के लिए 155.85 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जबकि कांकाणी उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति को सक्षम बनाने के लिए 87.21 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की गई है. साथ ही अंडरपास, सड़क संपर्क और लॉजिस्टिक हब से संबंधित विकसित कार्य प्रक्रियाधीन है. यह सुविधाएं औद्योगिक क्षेत्र को सुदृढ़ आधार प्रदान करेंगी.

जोधपुर-पाली मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (JPMIA) पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनने जा रहा है. JPMIA पूरी तरह विकसित होने के बाद सिर्फ औद्योगिक निवेश का हब नहीं बनेगा, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को भी मजबूत करेगा. यहां स्थापित होने वाले उद्योग न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे, बल्कि आस-पास के छोटे व्यवसायों और आपूर्ति श्रृंखला को भी सुदृढ़ करेंगे. साथ ही, इस औद्योगिक क्षेत्र की आधुनिक आधारभूत संरचना, लॉजिस्टिक सुविधाएं और सड़क नेटवर्क राज्य में निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएंगे.
First Published :
November 24, 2025, 07:08 IST
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जोधपुर-पाली में बनेगी स्मार्ट सिटी, बढ़ेंगे निवेश और रोजगार के अवसर


