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दादी-नानी के 10 पुराने शौक, जो नेचुरल तरीके से दूर करते हैं डिप्रेशन-एंग्जायटी, मेंटल रिलीफ के लिए आप भी सीख लें

Last Updated:October 24, 2026, 13:32 IST

Traditional Hobbies for Anxiety Relief : बढ़ते तनाव और डिजिटल दुनिया के शोर के बीच अगर आप सुकून की तलाश में हैं तो दादी-नानी वाले पुराने शौक काफी राहत दे सकते हैं. यही वजह है कि ये ट्रेडिशनल एक्टिविटीज तेजी से युवाओं में लोकप्रिय हो रहे हैं. जिन्‍हें आप भी अपने लाइफस्‍टाइल का हिस्‍सा बना सकते हैं.दादी-नानी के 10 पुराने शौक, जो नेचुरल तरीके से दूर करते हैं डिप्रेशन-एंग्जायटीZoomभागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा वक्त निकालकर अगर आप भी इनमें से किसी एक शौक को अपना लें, तो यह डिप्रेशन और एंग्जायटी को दूर भगाने में किसी दवा से कम साबित नहीं होगा.Image : Canva

Hobbies To Soothe Anxiety : आज के इस दौर में हर कोई स्क्रीन से चिपका नजर आता है. बिना रुके सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, हर वक्त ऑनलाइन रहना और खुद को दूसरों से बेहतर साबित करने का मेंटल स्‍ट्रेस—इन सब ने मिलकर हमारी जिंदगी को काफी तनावपूर्ण बना दिया है. ऐसे में एक ट्रेंड लोगों के दिलों में अपनी जगह बना रहा है वो है ‘ग्रैंड मॉम हॉबीज यानी दादी-नानी वाले शौक’. जी हां, दरअसल, जब इंटरनेट का जमाना नहीं था तो दादी नानी यहां तक कि मम्‍मियां भी खुद को बिजी रखने के लिए कई क्रिएटिव(Traditional Hobbies for Anxiety Relief ) काम में लगे होते थे.ये ऐसे काम थे, जिन्हें जल्दबाजी में नहीं बल्कि धीरे-धीरे और अपने हाथों से किया जाता था. अगर आप अपनी जड़ों में वापिस जाएं तो डिजिटल दुनिया के शोर-शराबे के बीच ऐसे शौक मानसिक सुकून का अहसास कराने में काफी असरदार साबित हो सकते हैं.

क्या हैं ‘दादी-नानी वाले ये शौक’?
Image : Canva

‘दादी-नानी वाले शौक’ कहने का मतलब किसी का मजाक उड़ाना बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह एक प्यार भरा नाम है. ये वे एक्टिविटीज हैं जो हमारी पिछली पीढ़ियों से जुड़ी रही हैं. इनमें तकनीक या गैजेट्स का इस्तेमाल न के बराबर होता है, जिससे मन को शांत होने का मौका मिलता है.

वेरीवेलमाइंड में प्रकाशित प्रसिद्ध आर्ट थेरेपिस्ट एमिली शार्प का कहना है, “इन शौकों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनमें तकनीक की कोई जगह नहीं होती. इन्हें करते हुए हम धीरे-धीरे काम करना, अपनी इंद्रियों से चीजों को महसूस करना और बिना किसी मानसिक दबाव के कुछ नया रचना सीखते हैं. और मॉर्डन लाइफस्‍टाइल में आज हम इसी चीज की सबसे ज्यादा कमी महसूस करते हैं.”

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बेहद असरदार हैं ये 10 ‘दादी-नानी वाले शौक’:

1.ऊन से बुनाई और क्रोशिया: फंदों को गिनते हुए स्वेटर या शॉल बुनना दिमाग को पूरी तरह एक जगह केंद्रित करता है.2.कढ़ाई और सिलाई (Cross-Stitch): हाथ से सुई-धागा चलाना तनाव भगाने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है.3.मिट्टी के बर्तन बनाना: गीली मिट्टी को आकार देना इंद्रियों को शांत करता है और अद्भुत मानसिक शांति देता है.4.पेंटिंग और ड्राइंग: रंगों के साथ खेलना और कागज़ पर कल्पनाएं उतारना भावनाओं को बाहर निकालने का बेहतरीन जरिया है.5.बागवानी (Gardening): पौधों में पानी देना, मिट्टी तैयार करना और घर में हर्ब्स उगाना प्रकृति से जोड़ता है.6.घर पर बेकिंग: ब्रेड या कुकीज खुद तैयार करने से मिलने वाली संतुष्टि बाजार की चीजों में नहीं मिलती.7.हाथ से चिट्ठियां लिखना: डिजिटल मैसेजिंग के इस दौर में पेन और पेपर से अपने दिल की बात लिखना थेरेपी जैसा काम करता है.8.पहेलियां और बोर्ड गेम्स: सुडोकू, क्रॉसवर्ड या पारंपरिक बोर्ड गेम्स दिमाग को सक्रिय और तनावमुक्त रखते हैं.9.बर्ड वॉचिंग: सुबह के वक्त पक्षियों को देखना और उनकी आवाज सुनना मानसिक थकान को चुटकियों में दूर करता है.10.पैचवर्क या रजाई बनाना: कपड़ों के छोटे-छोटे टुकड़ों को जोड़कर कोई उपयोगी चीज तैयार करना रचनात्मकता को बढ़ावा देता है.

फिर से क्यों लौट रहा यह पुराना ट्रेंड?

कोई नया शौक शुरू करने में रील्स या वीडियो लगातार स्क्रॉल करने से थोड़ी ज्यादा मेहनत जरूर लगती है, लेकिन इससे मिलने वाला मानसिक सुकून और ठहराव पूरी तरह अलग होता है.

केप टाउन क्राफ्ट क्लब की संस्थापक, लेखिका और फाइबर आर्टिस्ट एंडी रीव्स बताती हैं कि उन्होंने इन पारंपरिक शौकों की लोकप्रियता को बहुत करीब से बढ़ते देखा है. उनके मुताबिक, आज की युवा पीढ़ी लगातार काम करते रहने और हर वक्त व्यस्त दिखने वाली संस्कृति (Hustle Culture) से ऊब चुकी है. लोग अब स्क्रीन से दूर रहकर वास्तविक चीजों को छूने, महसूस करने और अपने हाथों से कुछ नया रचने वाले अनुभव तलाश रहे हैं.

इसके अलावा, ऐसी दुनिया में जहां हर चीज एक जैसी और मशीन से बनी मिलती है, अपने हाथों से बनाई गई कोई चीज आपको एक यूनीक पहचान और खास होने का अहसास कराती है.

भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा वक्त निकालकर अगर आप भी इनमें से किसी एक शौक को अपना लें, तो यह डिप्रेशन और एंग्जायटी को दूर भगाने में किसी दवा से कम साबित नहीं होगा. तो देर किस बात की, इस वीकेंड अपने फोन को थोड़ा दूर रखिए और अपनी पसंद का कोई पारंपरिक शौक चुनकर सुकून भरे पलों की शुरुआत कीजिए!

About the AuthorPranaty Tiwary

Pranaty Tiwary(Mukherjee) is a seasoned journalist with nearly 18 years of experience across print, television, and digital media. Known for her credible, research-driven, and reader-first approach, she special…

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October 24, 2026, 13:32 IST

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