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अमेरिकी हमले की तबाही, सड़कें हुई खाली, किराना दुकानों पर लोगों की भीड़, तस्वीरों में देखें वेनेजुएला का हाल

Last Updated:January 04, 2026, 15:38 IST

US Attack On Venezuela: अमेरिकी हमलों में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला गहरे संकट में है. कराकास में धमाकों, ब्लैकआउट और सशस्त्र गश्त ने डर का माहौल बना दिया है. सरकार समर्थक और विरोधी आमने-सामने हैं, जबकि अमेरिका के अस्थायी नियंत्रण के दावे ने देश के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.

कराकास में शनिवार तड़के करीब दो बजे अचानक धमाकों की आवाजे गूंजने लगीं. आसमान रोशनी से भर गया, जैसे नए साल की आतिशबाजी हो, लेकिन यह जश्न नहीं था. यह अमेरिकी हमलों की शुरुआत थी. कुछ ही मिनटों में पूरा शहर समझ गया कि कुछ बड़ा हो रहा है. घर-घर, फोन कॉल्स और सोशल मीडिया पर एक ही बात दोहराई जा रही थी, ‘शुरू हो गया.’ इसके तुरंत बाद सबसे बड़ा सवाल उठा, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो कहां हैं? बाद में पता चला कि अमेरिका ने निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी समेत गिरफ्तार कर लिया है.

आधे घंटे में ही पूरा ऑपरेशन खत्म हो गया. सुबह जब हुई तो राजधानी कराकास पूरी तरह बदली हुई थी. सैटेलाइट तस्वीरों में फोर्ट तिउना सैन्य परिसर की तबाही साफ दिखी, जहां दिसंबर के आखिर तक इमारतें सलामत थीं, वहीं 3 जनवरी की तस्वीरों में वही सैन्य ढांचा मलबे में तब्दील नजर आया. लगभग 40 लोगों के मौत की खबर आई है.

शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हो चुकी थी. लोग सड़कों पर खड़े होकर अपने मोबाइल फोन चार्ज करते दिखे. एक ब्लैकआउट, जो सिर्फ बिजली का नहीं, बल्कि देश के भविष्य को लेकर भी था.

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ला कार्लोटा मिलिट्री एयरबेस, जिसे अमेरिकी हमलों का बड़ा निशाना बताया गया, वहां एंटी-एयरक्राफ्ट यूनिट्स पूरी तरह तबाह दिखीं. जले हुए ढांचे के पास फायरफाइटर चलते नजर आए, मानो यह याद दिला रहे हों कि हमला सिर्फ सत्ता पर नहीं, जमीन पर भी हुआ है.

अमेरिकी हमले के बाद उड़ गया बख्तरबंद गाड़ी का गेट

कराकास की सड़कों पर ट्रैफिक न के बराबर था. खाली सड़कों पर कभी-कभार कोई कार गुजरती दिखी. कहीं एक साइकिल सवार रुककर फोन में खबरें चेक करता दिखा. हर कोई यही जानना चाहता था कि अब क्या होगा.

सरकार समर्थक अर्धसैनिक समूह ‘कोलेक्टिवोस’ के हथियारबंद सदस्य कई इलाकों में नजर आए. हाथों में बंदूकें लिए ये लोग सड़कों पर घूमते रहे, मानो यह संदेश देने के लिए कि मादुरो की गिरफ्तारी का जश्न मनाना खतरे से खाली नहीं है.

दुकानें और पेट्रोल पंप ज्यादातर बंद रहे, लेकिन कुछ जगहों पर लोग राशन खरीदने के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखे. लोगों को भविष्य का पता नहीं है. सुपरमार्केट और छोटी दुकानों पर दूध, पानी और जरूरी सामान खरीदने की होड़ लगी थी. डर साफ झलक रहा था. लोग जितना हो सके, घरों में सामान जमा करना चाहते थे.

इसी बीच, उपराष्ट्रपति भवन के बाहर मादुरो समर्थक लोग इकट्ठा हुए. उनके हाथों में दिवंगत राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज और निकोलस मादुरो की तस्वीरें थीं. नारे लग रहे थे- ‘मादुरो को रिहा करो.’ इसे वे अमेरिकी ‘अपहरण’ के खिलाफ प्रदर्शन बता रहे थे.

अमेरिकी हमलों के बाद सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब बाहर की दुनिया से खबर आई कि अमेरिकी बलों ने निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया है और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया है. कराकास में इसकी तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो ने इस खबर को और पुख्ता कर दिया.

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका वेनेजुएला को अस्थायी रूप से ‘चलाएगा’ और तेल ढांचे की सुरक्षा करेगा. लेकिन कराकास की सड़कों पर यह बयान राहत से ज्यादा चिंता पैदा कर रहा है. लोग पूछ रहे हैं- अगर मादुरो चले गए, तो सत्ता किसके हाथ में होगी? क्या सेना साथ देगी या देश और अराजकता की ओर जाएगा?

कुछ लोग उम्मीद भी जता रहे हैं. उनका मानना है कि मादुरो के जाने से एक दशक से चली आ रही आर्थिक तबाही खत्म हो सकती है. लेकिन डर भी उतना ही गहरा है. लोग ‘कोलेक्टिवोस’ की मौजूदगी से सहमे हुए हैं और खुलकर बोलने से बच रहे हैं. लेकिन अमेरिका में जश्न का माहौल है.

First Published :

January 04, 2026, 15:38 IST

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