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बालोतरा की धरती उगल रही ‘लाल सोना’, किसानों की बदल रही है तकदीर, लाखों में कमा रहे मुनाफा

Last Updated:December 29, 2025, 11:58 IST

Pomegranate Farming: बालोतरा जिले के भाखरसर गांव में किसान शेराराम चौधरी ने पथरीली और रेतीली जमीन पर अनार की खेती शुरू कर नई राह दिखाई. लगातार अच्छी पैदावार से प्रेरित होकर अब गांव में 25 से अधिक किसान हाईटेक तकनीक से अनार उगा रहे हैं. सैकड़ों टन अनार देश-विदेश भेजा जा रहा है, जिससे किसानों की आय बढ़ी है और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है.इस3 किसानों को न केवल अच्छी आमदनी मिल रही है बल्कि उनकी आय भी दोगुनी हुई है.

बालोतरा जिले के पाटोदी क्षेत्र के भाखरसर गांव में किसान शेराराम चौधरी ने अनार की खेती की शुरुआत कर एक नई मिसाल कायम की. उन्होंने पथरीली और रेतीली जमीन पर अनार का बगीचा विकसित कर यह साबित किया कि आधुनिक तकनीक से खेती की तस्वीर बदली जा सकती है. लगातार चार-पांच वर्षों से अनार की अच्छी पैदावार मिलने के बाद आस-पास के किसान भी प्रेरित हुए हैं. अब कई किसान हाईटेक तकनीक अपनाकर अनार की खेती कर रहे हैं और बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं.

पथरीली और रेतीली जमीन पर अनार का बगीचा तैयार किया है

आज हालात यह है कि भाखरसर गांव में करीब 25 से अधिक किसान अनार की खेती कर रहे हैं और लगभग हर बोरवेल क्षेत्र में अनार के बगीचे नजर आने लगे हैं. पानी की भरपूर उपलब्धता के कारण भाखरसर को ‘वाटर पॉइंट’ के नाम से भी जाना जाता है. यहां जमीन में थोड़ी खुदाई करने पर ही पानी मिल जाता है, जिससे सिंचाई आसान हो गई है. इसका सीधा लाभ अनार की खेती को मिल रहा है और किसानों की आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.

अनार की खेती से यहां के किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई ह

वर्तमान समय में भाखरसर गांव से सैकड़ों टन अनार गाड़ियों में भरकर देश और विदेश के विभिन्न बाजारों में भेजे जा रहे हैं. अनार की गुणवत्ता और आकार के कारण इसे खरीदने के लिए अलग-अलग राज्यों से व्यापारी सीधे गांव पहुंच रहे हैं. इस सीजन में अनार के भाव 170 से 200 रुपये प्रति किलो तक चल रहे हैं, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा हो रहा है. अनार की खेती ने क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और खेती को लाभ का साधन बनाया है.

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इस सीजन में अनार करीब 200 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है

एक सीजन में भाखरसर क्षेत्र से अनार का व्यापार चार से पांच करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है. इससे गांव और आसपास के इलाकों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है. बेहतर आमदनी को देखते हुए किसान अब अनार के साथ-साथ विदेशी खजूर और अमरूद जैसी फसलों की ओर भी रुख कर रहे हैं. खजूर की खेती के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और पौधों पर फल आना शुरू हो गया है. इससे आने वाले समय में किसानों की आय और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

किसान अब पारंपरिक फसलों को छोड़कर नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे है

किसान शेराराम चौधरी का कहना है कि अगर किसान मेहनत और सही तकनीक अपनाए तो हर जमीन उपजाऊ बन सकती है. अनार की खेती से लगातार अच्छी पैदावार मिलने के कारण क्षेत्र के किसान तेजी से इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं. खेती में रासायनिक खाद की बजाय देसी खाद का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मिट्टी की सेहत सुधरी है और उत्पादन भी बेहतर हुआ है. कम लागत और अच्छे मुनाफे के चलते अनार की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है.

अनार की खेती से बेहतर मुनाफा कमा रहे है

पहले इस क्षेत्र में मुख्य रूप से इसबगोल और जीरा की खेती की जाती थी, लेकिन अब अनार की खेती से अधिक मुनाफा मिलने के कारण किसानों का रुझान तेजी से बदल रहा है. कृषि अधिकारी डॉ बाबूराम राणावत के अनुसार किसान पारंपरिक फसलों को छोड़कर नकदी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं. अनार जैसी फसल से कम पानी में बेहतर उत्पादन और अच्छे भाव मिल रहे हैं. इससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है.

First Published :

December 29, 2025, 11:58 IST

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बालोतरा की धरती उगल रही ‘लाल सोना’, लाखों में मुनाफा कमा रहे किसान

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