उदास बैठा था बेटा, पिता ने थमाई 18 साल पुरानी कहानी, बेटे ने उसी पर बनाई फिल्म, रिलीज होते ही निकली ब्लॉकबस्टर

Last Updated:January 11, 2026, 16:23 IST
Bollywood Blockbuster Movie : बेटे को किसी बिजनेस या काम में जब असफलता मिलती है तो ऐसे समय में पिता का साथ बहुत काम आता है. रियल लाइफ में हम यह कई बार देख चुके हैं. बॉलीवुड की दुनिया इससे अलग नहीं है. 24 करोड़ के बजट में बनी फिल्म के फ्लॉप हो जाने से सूरज बड़जात्या उदास थे. उनका आत्मविश्वास थोड़ा सा कमजोर हुआ. ऐसे में उनके पिता राज कुमार बड़जात्या 18 साल पुराने अखबार की कटिंग लेकर उनके पास आए. अखबार में एक खबर थी, जिस पर सूरज बड़जात्या को फिल्म बनाने के लिए कहा. पिता की बात को अटल सत्य मानने वाले सूरज ने संस्कार-संस्कृति से रची-बसी ऐसी फिल्म बनाई, जिसने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया. छोटे बजट की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई.
हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं, उसका नाम ‘विवाह’ है जो कि एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी. यह मूवी 10 नवंबर 2006 को रिलीज हुई थी. फिल्म की कहानी सूरज बड़जात्या ने लिखी थी. डायरेक्शन भी सूरज बड़जात्या ने ही किया था. फिल्म का डिस्ट्रीब्यूशन राजश्री प्रोड्क्शन ने किया था. इस मूवी में शाहिद कपूर, अमृता राव लीड रोल में जबकि अनुपम खेर, आलोक नाथ, सीमा विश्वास, अमृता प्रकाश, समीरो सोनी और लता सभरवाल सहायक भूमिकाओं में थे. गीत-संगीत रवींद्र जैन का था.फिल्म में 36:46 मिनट की लेंग्थ के कुल 9 गाने रखे गए थे. फिल्म का म्यूजिक, गानों का फिल्मांकन लाजवाब था. फिल्म के पॉप्युलर गानों में ‘मिलन अभी अधूरा है’, ‘मुझे हक है’, ‘दो अनजाने अजनबी, हमारी शादी में, अभी बाकी हैं दिन चार’ शामिल थे.

सूरज बड़जात्या ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैंने ‘विवाह’ फिल्म अपनी एक फिल्म ‘मैं प्रेम की दीवानी’ फ्लॉप हो जाने के बाद बनाई थी. मेरा आत्मविश्वास थोड़ा कम हुआ था. उस समय इस फिल्म को बनाया जब सब लोग बोल रहे थे कि अरेंज मैरिज का जमाना गया. कौन जल बोलता है? अंदर की आवाज को सुना. मैंने यह फिल्म छोटे से बजट में बनाई थी. मुझे कॉन्फिडेंस मिला कि मेकर्स को वही बनाना चाहिए, जो उसकी अंतरात्मा कहे. विवाह में कई चीजें ऐसी हैं जिन्होंने मुझे हैरत में डाल दिया.’

‘मैंने प्यार किया’ से बतौर डायरेक्टर बॉलीवुड में एंट्री लेने वाले सूरज बड़जात्या ने अपने इंटरव्यू में आगे बताया, ‘जब कास्टिंग हो रही थी तो मुझे पूनम के रोल में एक ऐसी एक्ट्रेस की तलाश थी जो क्लासिकल ब्यूटी वाली हो. मैंने अमृता राव की कुछ फिल्में देखी थीं, तो सबसे पहले मेरे दिमाग में अमृता आईं. जब मैंने उन्हें फोन किया तो वो मथुरा में थीं. मथुरा का ओरिजनल नाम मधुपुर है. मैंने उन्हें जब कहानी बताई और कहा कि यह स्टोरी मधुपुर की एक लड़की की है तो वह हंसने लगीं. अमृता राव और शाहिद कपूर के साथ यह फिल्म मैंने बनाई.’
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उन्होंने कहा, ‘फिर म्यूजिक की बात आई. मैं त्र्यम्बकेश्वर मंदिर दर्शन के लिए गया था. वहां पर ‘श्याम तेरी बंसी, पुकारे राधा नाम’ गाना बजा तो मेरे जेहन में रवींद्र जैन का नम आया. फिर मैंने भगवान शंकर से प्रार्थना की और पूछा कि किस संगीतकार को फिल्म में लूं. जब मंदिर से बाहर आया तो गाना ‘गीत गाता चल, ओ साथे गुनगुनाता चल’ बजा. मुझे लगा कि रवींद्र जैन को फिल्म में लेना चाहिए. मैंने पिता को बताया. रवींद्र जैन ने स्क्रिप्ट सुनी. स्पेशल म्यूजिक बनाया. वो चित्र खींच देते थे. फिल्म का लास्ट सीन समर्पण की भावना वाला था. मैंने उन्हें बताया तो उन्होंने एक गाना ‘समर्पण की बेला आई’ लिखा.’

फिल की कहानी 18 साल पुराने एक न्यूज पेपर की कटिंग से ली गई थी. इसका दिलचस्प किस्सा सुनाते हुए सूरज बड़जात्या ने कहा,’जब फिल्म रिलीज ही तो हमने दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े -बड़े शहरों छोटे से प्रिंट लगाए. एक हफ्ते बाद पता चला कि पटना-इंदौर-नासिक जैसे शहरों में पिक्चर हाउसफुल चल रही है. जयपुर-कोटा-बीकानेर में हाउसफुल चल रही है. फिल्म का क्रेडिट मेरे पिता को जाता है. मेरे पिता को न्यूजपेपर से कहानियां छांटने और उन्हें काटकर रखने का शौक था. 1988 की मेरठ की एक न्यूज थी जिसमें एक शख्स ने अपनी जली हुई दुल्हन के साथ सरकारी अस्पताल में फेरे लिए थे. वो विवाह का क्लाइमैक्स बना. यह कहानी ने मुझे दी थी.’

विवाह फिल्म करने के बाद अमृता राव को विदेश से भी शादी के प्रपोजल आते थे. अमृता राव ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मुझे एनआरई प्रपोजल भेजते थे. अपनी फैमिली फोटो, कार के साथ. मैं यह सब देखकर हंसा करती थी. मैं सोचती हूं कि फिल्म का क्या इंपैक्ट रहा होगा. मुझे खून से लिखा हुआ एक पत्र भी मिला था. गाने पहले से रिकॉर्ड थे. सूरज बड़जात्या ने पूरा डिटेल नैरेशन दिया था. जहां पर गाना चलना था, वहां पर गाना चलाया. फिल्म हंसाती है, रुलाती है. मिलन अभी आधा अधूरा है, मेरा फेवरेट सॉन्ग है.’

शाहिद कपूर ने सूरज बड़जात्या से उन्हें फिल्म से हटाने को भी कहा था. शाहिद ने एक के बाद एक ती फ्लॉप फिल्में दी थी लेकिन सूरज बड़जात्या अपनी जिद पर अड़े रहे. शाहिद कपूर और अमृता राव की साथ में यह चौथी फिल्म थी. इस फिल्म के ब्लॉकबस्टर होने के बाद सूरज बड़जात्या ने पूरे 9 किसी फिल्म का डायरेक्शन नहीं किया. उन्होंने फिर 2015 में सलमान खान के साथ प्रेम रतन धन पायो मूवी बनाई. यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी.

विवाह फिल्म की कहानी शादी तय होने, एंगेजमेंट से लेकर शादी की कहानी, इस दौरान के घटनाक्रम को बहुत ही इमोशनल तरीके से बताती है. शाहिद कपूर-अमृता राव की एक्टिंग की बड़ी तारीफ हुई थी. यह फिल्म ऐसे समय में अरेंज मैरिज, कल्चर-संस्कार की बात करती है, जब जमाना बहुत आगे निकल चुका था. फिल्म का प्रीमियर देखकर ज्यादातर क्रिटिक्स का कहना था कि यह मूवी फ्लॉप हो जाएगी लेकिन बॉक्स ऑफिस पर कहानी कुछ और ही देखने को मिली थी. 8 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने करीब 50 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
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January 11, 2026, 16:11 IST
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डायरेक्टर ने 18 साल पुरानी कहानी पर बनाई फिल्म, रिलीज होते ही निकली ब्लॉकबस्टर



