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Last Updated:December 07, 2025, 16:56 IST
Sikar Milk Processing Plant: सीकर जिले के पलसाना में एक बड़ा दूध प्रोसेसिंग प्लांट बनने जा रहा है, जहां प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर दूध संग्रह और प्रोसेस किया जाएगा. इसके साथ ही पनीर उत्पादन के लिए भी आधुनिक यूनिट स्थापित होगी. इस प्रोजेक्ट से स्थानीय डेयरी किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
सीकर. शेखावाटी क्षेत्र के लाखों पशुपालकों व सरस डेयरी उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है. अब सीकर के पलसाना में 40 करोड़ की लागत से डेयरी प्लांट बनेगा, इसका प्रबंधन सरस डेयरी द्वारा किया जाएगा. इससे पलसाना में दूध प्रोसेसिंग क्षमता को 60 हजार लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा. आरसीडीएफ की गाइडलाइन के अनुसार परियोजना की डीपीआर तैयार हो चुकी है और अब 10 दिसंबर को संचालक मंडल की बैठक में निर्माण/कार्यकारी एजेंसी तय की जाएगी.

इसके बाद 2026 के अप्रैल तक विस्तार कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इसे दो वर्षों में यानी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें नया पनीर उत्पादन प्लांट, दही प्लांट का विस्तार और अपग्रेडेशन, घी प्लांट अपग्रेड होगा, आधुनिक पैकेजिंग प्लांट बनेगा. इसके अलावा भवन, स्टोरेज और मशीनों का पूर्ण नवीनीकरण व अपग्रेड किया जाएगा.

प्लांट मैनेजर रामलाल ने बताया कि दोनों जिलों में दूध उत्पादन की तुलना में डेयरी की प्रोसेसिंग और स्टोरेज क्षमता काफी कम पड़ती है. इसी कारण केवल 20 प्रतिशत पशुपालकों को ही सहकारी मार्केट में दूध बिक्री की सुविधा मिल पाती है. पर्याप्त दूध संकलित नहीं हो पाता, जिससे उत्पाद भी सीमित मात्रा में हो पाता है. इस वजह से उपभोक्ताओं को बाजार में मांग के अनुरूप सरस के उत्पाद नहीं मिल पाते.
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विस्तार के बाद डेयरी द्वारा दूध संकलन क्षमता बढ़ाई जाएगी. अभी करीब 2 लाख पशुपालक दूध सप्लाई कर रहे हैं, जबकि विस्तारित प्रोसेसिंग और स्टोरेज क्षमता के बाद दोनों जिलों में लगभग 8 लाख पशुपालकों के डेयरी से जुड़ने की संभावना है. इससे पशुपालकों को सरकारी मार्केट में दूध बेचने की स्थायी और आसान सुविधा मिलेगी. दूध बेचने पर फैट के हिसाब से उचित दरों के साथ सरकार द्वारा मिलने वाले बोनस मूल्य का लाभ पशुपालकों को सीधे मिलना शुरू होगा.

इसके अलावा, प्रबंधन ने दूध संकलन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के मिल्क प्रोग्राम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 50 हजार लीटर स्टोरेज क्षमता वाली बीएमसी स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया है. प्रथम चरण में 17 हजार लीटर क्षमता की 15 बीएमसी स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि शेष 33 हजार लीटर क्षमता के लिए अप्रैल तक 25 बीएमसी स्थापित कर दी जाएंगी.

प्लांट के विस्तार के बाद करीब 125 मजदूरों को रोजगार भी मिलेगा. अभी वर्तमान में करीब 150 मजदूर प्लांट में काम कर रहे हैं. इसके अलावा इस परियोजना की कार्यप्रणाली भी तय कर ली गई है. प्लांट विस्तार के लिए आवश्यक पूंजी डेयरी प्रबंधन द्वारा 6.75 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक से लोन लिया जाएगा. इसमें से 6 प्रतिशत ब्याज केंद्र व राज्य सरकार मिलकर वहन करेगी, जबकि 0.75 प्रतिशत ब्याज डेयरी द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा.
First Published :
December 07, 2025, 16:56 IST
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पलसाना में शुरू होगा आधुनिक प्लांट, दूध से पनीर तक सबकुछ एक ही जगह प्रोसेस



