बर्फ, अग्नि, पानी और कीचड़ को चीरते हुए निकले युवा, कुश्ती में भी आजमाया दमखम

Dungarpur News: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से ‘युवा शंखनाद महोत्सव’ का भव्य आयोजन हुआ. शहीद पार्क से शुरू हुए इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया. आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अनुशासित करने के साथ-साथ देश के सामने आने वाली हर चुनौती से निपटने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना था.
बर्फ, अग्नि, पानी और कीचड़ के दरिया से होकर गुजरे युवा
शहीद पार्क पर भारत माता के जयकारों के साथ युवाओं की टोलियों ने अपनी यात्रा शुरू की. सबसे पहले गिरल कॉलेज ग्राउंड में युवाओं ने महज 2 से 3 इंच चौड़ी लकड़ियों पर दौड़कर संतुलन और एकाग्रता का परिचय दिया. इसके बाद एसबीपी कॉलेज ग्राउंड में युवाओं के सामने कठिन साहसिक बाधाएं रखी गईं. युवा आग की लपटों (अग्नि दरिया), बर्फ की ठंडी सिल्लियों (हिम मार्ग), पानी और कीचड़ से भरे दरिया को पार करते हुए आगे बढ़े.
अंधेरी गुफा, पाइप-टायर के नीचे रेंगकर दिखाई जांबाजी
साहसिक गतिविधियों के क्रम में युवाओं ने जिग-जैक रेस, पत्थर-रेलिंग रनिंग, खाई जंप और अंधेरी गुफा जैसी चुनौतीपूर्ण बाधाओं पर विजय प्राप्त की. इसके साथ ही सेना की ट्रेनिंग की तर्ज पर युवाओं को पाइप और टायरों के बीच घुटनों व कोहनियों के बल रेंगकर (क्रॉलिंग) निकलने का अभ्यास कराया गया.
गोरखा और डोगरा रेजीमेंट के रूप में कुश्ती में दिखाया दमखम
कार्यक्रम के दौरान युवाओं की दो विशेष टोलियां- गोरखा रेजीमेंट और डोगरा रेजीमेंट बनाई गईं, जिन्होंने कुश्ती के अखाड़े में उतरकर अपना दमखम और शौर्य प्रदर्शित किया. कार्यक्रम में आरएसएस के विभाग प्रचारक विकासराज, मुख्य अतिथि विनोद प्रजापत और जिला संघचालक योगेंद्र शर्मा मौजूद रहे.
स्क्रीन टाइम घटाने और शारीरिक-मानसिक विकास का संदेश
महोत्सव के अंत में वक्ताओं और संयोजक भावेश भाई ने युवाओं को मोबाइल और टीवी से दूर रहने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि लगातार स्क्रीन से चिपके रहने के कारण आज के युवाओं का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है. युवाओं को खेलों से जुड़कर अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना चाहिए.



