Tonk News: 13 साल का संघर्ष फिर मिली सफलता, जनरल सर्जन बनकर लौटा बेटा तो पिता ने आतिशबाजी से किया स्वागत

Last Updated:October 31, 2026, 14:29 IST
Tonk News: करीब 13 साल के लंबे संघर्ष और मेहनत के बाद डॉ. नीलोत्पल सिंगोदिया जनरल सर्जन बनकर टोंक लौटे तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. चीन से MBBS और मुरादाबाद से MS की डिग्री हासिल करने वाले नीलोत्पल का पिता कमलेश सिंगोदिया और शहरवासियों ने माला, साफा और आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया.टोंक के डॉक्टर नीलोत्पल सिंगोदिया
टोंक. कहते हैं कि जब संतान अपने सपनों को पूरा कर सफलता की नई ऊंचाइयां छूती है तो माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहता. ऐसा ही भावुक और गौरवान्वित कर देने वाला नजारा टोंक में देखने को मिला, जहां डॉ. नीलोत्पल सिंगोदिया जनरल सर्जन बनकर अपने शहर लौटे तो पिता कमलेश सिंगोदिया की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. बेटे की इस बड़ी उपलब्धि पर पिता ने परिवार और शहर के लोगों के साथ मिलकर उनका भव्य स्वागत किया. इस दौरान माला पहनाकर और साफा बांधकर उनका अभिनंदन किया गया. वहीं, आतिशबाजी कर इस खास पल को यादगार बनाया गया.
डॉ. नीलोत्पल सिंगोदिया की यह सफलता एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं, बल्कि करीब 13 साल के लंबे संघर्ष, लगन और समर्पण की कहानी है. टोंक जैसे छोटे शहर से निकलकर चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने वाले नीलोत्पल ने अपनी मेहनत से न केवल परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि से परिजनों और परिचितों में उत्साह का माहौल है. शहर के प्रबुद्धजनों ने भी उनका स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी.
चीन से एमबीबीएस, यूपी से जनरल सर्जरी में एमएस
डॉ. नीलोत्पल ने वर्ष 2013 में चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखा था, इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और चीन की चोंगकिंग यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने पहले ही प्रयास में एमसीआई की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा साबित की. वर्ष 2022 में जयपुर के एसडीएमएच से इंटर्नशिप पूरी की. इसके बाद वर्ष 2023 से 2026 तक उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित टीएमयू से जनरल सर्जरी में एमएस की डिग्री हासिल की. इस तरह करीब 13 वर्षों की मेहनत के बाद उन्होंने जनरल सर्जन बनने का अपना सपना साकार किया.
गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करना प्राथमिकता
बेटे की इस उपलब्धि पर पिता कमलेश सिंगोदिया ने गर्व और खुशी जाहिर की, उन्होंने कहा कि बेटे ने लंबे संघर्ष और मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया है. उन्हें उम्मीद है कि डॉ. नीलोत्पल अपनी चिकित्सा सेवाओं के जरिए गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करेंगे. साथ ही समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान देंगे. डॉ. नीलोत्पल की सफलता आज उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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October 31, 2026, 14:29 IST



