टोटल क्षमता 7000 किलो, श्रीलंका में फंसे भारतीयों को लाएंगे IAF के 2 महाबली, C-130J और IL-76 की खासियतें जानिए

नई दिल्ली. श्रीलंका में आए चक्रवाती तूफान दितवाह के बाद भारतीय नेवी और वायुसेना ऑपरेशन सागर बंधु से युद्धस्तर पर अपने पड़ोसी देश में राहत और बचाव के काम में लगी हैं. इस आपदा में अबतक 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वायुसेना के महाबली IL-76 और C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान लोगों की हर संभव मदद में लगे हैं. कुल 70 टन यानी 7000 किलो की क्षमता वाले ये विमान श्रीलंका पहुंच चुके हैं. श्रीलंका में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वतन वापस लाने के लिए वायु सेना ने कमर भी कस ली है. सूत्रों के अनुसार IAF के दोनों विशालकाय परिवहन विमान IL-76 और C-130J सुपर हरक्यूलिस ही श्रीलंका में मौजूद भारतीयों को वापस लेकर आएंगे. रविवार से भारतीयों को निकालने का काम शुरू हो सकता है. चलिए हम आपको भारत के इन दो एलीट वायुसेना के विमानों के बारे में विस्तार में बताते हैं.
C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान
भारतीय वायुसेना में शामिल:
2011 में पहला बेड़ा भारत को मिला.
भारत के पास 12 से ज्यादा C-130J विमान हैं.
कीमतलगभग ₹900–1,100 करोड़ प्रति विमान
खूबियां· शॉर्ट रनवे या कच्ची/ऊबड़-खाबड़ जगहों पर भी उतरने और उड़ान भरने की क्षमता.
· ऊंचे पहाड़ी इलाकों में स्पेशल ऑपरेशन, कमांडो ड्रॉप और उपकरण ले जाने में श्रेष्ठ.
· रात और खराब मौसम में सटीक लैंडिंग — एडवांस एवियोनिक्स और सेंसर.
· स्टील्थ अप्रोच की क्षमता, कम ऊंचाई पर उड़ान के लिए डिजाइन.
· 20 टन तक का माल, सैनिक, वाहन और हथियार ढो सकता है.
किन ऑपरेशन्स में लिया हिस्सा?· 2013 उत्तराखंड बाढ़ (ऑपरेशन राहत) – बड़े स्तर पर रसद व सैनिक पहुंचाए.
· बालाकोट एयरस्ट्राइक (2019) – Garud कमांडो ट्रांसपोर्ट और सपोर्ट मिशन.
· काबुल एयरलिफ्ट (2021) – अफगानिस्तान से भारतीयों को निकालने में प्रयोग.
· LAC पर तैनाती (2020–2021) – लद्दाख में संवेदनशील चौकियों तक उपकरण व सैनिक पहुँचाए.
· कई स्पेशल फोर्स ऑपरेशन में नियमित उपयोग.
आईएल-76एमडी
भारतीय वायुसेना में शामिल
1985 से भारत का हिस्सा.
लगभग 14–17 IL-76 विमान.
कीमतआज के मूल्यों में लगभग ₹1500–1800 करोड़ प्रति विमान (अपग्रेड सहित).
खूबियां· भारी-भरकम मालवाहक — 40–50 टन तक उपकरण व वाहन ले जाने की क्षमता.
· टैंकों, तोपों और बड़े राडार सिस्टम तक को ढो सकता है.
· लंबी दूरी तक उड़ान, इंटर-कॉन्टिनेंटल क्षमता.
· आपदा राहत, एयरलिफ्ट और सैन्य तैनाती में भारतीय वायुसेना का “वर्क हॉर्स”.
· इसके आधार पर भारतीय AWACS (A-50EI) सिस्टम भी बनते हैं.
किन ऑपरेशन्स में हिस्सा?· ऑपरेशन पवन (श्रीलंका, 1987) – भारतीय सेना की एयरलिफ्ट सप्लाई.
· ऑपरेशन कैक्टस (मालदीव, 1988) – तख्तापलट रोकने को पैराशूट ट्रूप्स भेजने में उपयोग.
· कारगिल युद्ध (1999) – भारी उपकरण, तोपें और सैनिकों की तेज तैनाती.
· ऑपरेशन राहत / ऑपरेशन मदद / आपदा मिशन – नेपाल भूकंप, सुनामी आदि में भारी राहत सामग्री पहुँचाई.
· लद्दाख LAC तैनाती (2020) – T-90/ BMP जैसे भारी सैन्य उपकरण स्थानांतरित किए.
विशेषताC-130J (सुपर हरक्यूलिस)IL-76भूमिकास्पेशल ऑपरेशन + मीडियम ट्रांसपोर्टहेवी ट्रांसपोर्टलोड क्षमता~20 टन~50 टनरनवेबहुत छोटा/कच्चा रनवे भीबड़े रनवे की जरूरतशामिल वर्ष20111985मिशनकमांडो ऑपरेशन, हाई-एल्टीट्यूड सप्लाईभारी उपकरण एयरलिफ्ट, युद्ध रसद



