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मोबाइल में चार्जिंग पोर्ट के पास क्यों होता है छोटा सा छेद? सिर्फ जीनियस ही बता पाते हैं सही जवाब

Last Updated:December 28, 2025, 12:50 IST

क्या आप जानते हैं कि मोबाइल के चार्जिंग पोर्ट के पास छोटा सा छेद क्यों होता है? यह कोई सिम या रीसेट बटन नहीं, बल्कि माइक्रोफोन है जो कॉल और ऑडियो क्वालिटी को बेहतर बनाता है. पूरी जानकारी यहां पढ़ें…

क्या आप जानते हैं कि आपके मोबाइल फोन के चार्जिंग पोर्ट के पास जो वह छोटा सा छेद होता है, वह आखिर किस काम के लिए दिया जाता है? क्या आपने कभी इसके बारे में सोचा है? बहुत से लोग इसे गलती से रीसेट बटन या सिम ट्रे समझ लेते हैं. लेकिन असल में, यह छोटा सा छेद एक बहुत ही जरूरी फीचर को छुपाए होता है, जो आपकी कॉल और ऑडियो की क्वालिटी तय करने में अहम भूमिका निभाता है.

उस छेद का असली मकसद: ‘प्राइमरी माइक्रोफोन’- ज्यादातर स्मार्टफोन्स में वह छोटा सा छेद दरअसल माइक्रोफोन का मुख्य स्थान होता है. कॉल के दौरान, वीडियो रिकॉर्डिंग और वॉयस रिकॉर्डिंग जैसी सभी स्थितियों में आपकी आवाज़ को साफ और क्लियर रूप से रिकॉर्ड करने के लिए इसी माइक्रोफोन का इस्तेमाल किया जाता है.

कुछ एडवांस स्मार्टफोन्स में ये छोटा सा छेद सेकेंडरी माइक्रोफोन का भी हिस्सा हो सकता है. इसका इस्तेमाल अनचाहे शोर को कम करने के लिए किया जाता है. ये हवा, ट्रैफिक और आसपास के शोर को अपने आप फिल्टर कर देता है, जिससे आपकी आवाज़ साफ और क्लियर रूप से सामने वाले तक पहुंचती है.

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कुछ फोन में कई माइक्रोफोन क्यों होते हैं?: आज के स्मार्टफोन्स बेहतर और हाई क्वालिटी वाला ऑडियो एक्सपीरिएंस देने के मकसद से एक से ज़्यादा माइक्रोफोन का इस्तेमाल करते हैं.

नॉइज़ कैंसलेशन कैसे काम करता है? प्राइमरी माइक्रोफोन आपकी आवाज़ को रिकॉर्ड करता है. दूसरा माइक्रोफोन आसपास के शोर को रिकॉर्ड करता है. सॉफ्टवेयर अनचाहे शोर को हटाकर सिर्फ आपकी आवाज़ को साफ़ और स्पष्ट रूप से भेजता है. यही वजह है कि बजट फोनों में भी बेहतर कॉल क्वालिटी और रिकॉर्डिंग संभव हो पाती है.

माइक नीचे दिए जाने का कारण: माइक्रोफोन को फोन के निचले हिस्से में रखने का मुख्य कारण एर्गोनॉमिक्स है. जब हम फोन को कान से लगाकर बात करते हैं, तो उसका निचला किनारा स्वाभाविक रूप से हमारे मुंह के सबसे करीब होता है. इसी वजह से यह जगह आपकी आवाज़ को साफ और सटीक रूप से रिकॉर्ड करने के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है.

इस छेद में कुछ भी न डालें: कई लोग इसे गलती से सिम ट्रे का छेद समझकर इसमें पिन या कोई नुकीली चीज़ डाल देते हैं. लेकिन माइक्रोफोन के इस छोटे से छेद में किसी भी तरह की चीज़ डालना बेहद खतरनाक हो सकता है. ऐसा करने से अंदर मौजूद नाज़ुक माइक्रोफोन तुरंत खराब हो सकता है.

इसके अलावा, अगर फोन चालू स्थिति में इस छेद में धातु या कोई तेज़ वस्तु डाली जाए, तो अंदर के माइक्रोफोन और सर्किट को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे कॉलिंग और ऑडियो से जुड़ी सभी सुविधाओं में समस्या आ सकती है.

इसके अलावा, अगर फोन चालू स्थिति में इस छेद में धातु या कोई तेज़ वस्तु डाली जाए, तो अंदर के माइक्रोफोन और सर्किट को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे कॉलिंग और ऑडियो से जुड़ी सभी सुविधाओं में समस्या आ सकती है.

चार्जिंग पोर्ट के पास मौजूद वह छोटा-सा, अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाने वाला छेद आपके स्मार्टफोन की ऑडियो क्वालिटी और कॉल की स्पष्टता के लिए बेहद अहम होता है. इसे गलत समझकर इसमें कुछ चुभोना या छेड़छाड़ करना माइक्रोफोन और अन्य हार्डवेयर को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे आपके डिवाइस के ज़रूरी फंक्शंस भी प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए इस बात को हमेशा ध्यान में रखें.

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December 28, 2025, 12:31 IST

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