अजमेर पुलिस का बड़ा एक्शन: BIP ट्रेड कंपनी के नाम पर करोड़ों की फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी, डायरेक्टर समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

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अजमेर पुलिस ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले 4 आरोपी किए गिरफ्तार
Last Updated:October 22, 2026, 08:26 IST
Ajmer Police arrests four accused in BIP Trade forex trading scam: अजमेर पुलिस ने BIP ट्रेड कंपनी के नाम पर फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग का झांसा देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर लोकेश चौधरी, धीरज गुड़ानी, अब्दुल समद और हनुमान छंगाणी को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने 8 से 12 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर लोगों से भारी निवेश कराया था. अकेले अजमेर जिले में इस ठगी को लेकर 40 प्रकरण दर्ज किए गए हैं. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और ठगी गई कुल रकम की गहराई से जांच कर रही है.
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फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाली BIP ट्रेड कंपनी के 4 आरोपी अजमेर पुलिस के हत्थे चढ़े.
अजमेर: अजमेर पुलिस ने बीआईपी ट्रेड (BIP Trade) कंपनी के नाम पर फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी बनाकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल ठगी के मामले में कंपनी के डायरेक्टर लोकेश चौधरी और धीरज गुड़ानी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही, कंपनी के खिलाफ दर्ज मामलों में मुख्य आरोपी लीडर्स अब्दुल समद और हनुमान छंगाणी को भी धर दबोचा गया है.
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने बीआईपी ट्रेड कंपनी के बैनर तले एक पूरी तरह से फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग कारोबार खड़ा किया था. इसके जरिए आम भोले-भाले लोगों को कम समय में 8 से 12 प्रतिशत तक भारी-भरकम मुनाफा दिलाने का लालच देकर निवेश करवाया जाता था. लोगों को अपनी जाल में फंसाने और आकर्षित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर बड़े-बड़े सेमिनार आयोजित किए जाते थे तथा कंपनी की वेबसाइट पर आकर्षक निवेश योजनाएं प्रदर्शित की जाती थीं. शुरुआत में निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए कुछ मुनाफा भी दिया गया, लेकिन बाद में कई निवेशकों की गाढ़ी कमाई डूब गई. इतना ही नहीं, निवेशकों को नुकसान से बचाने का झांसा देकर कूपन और ड्रॉ के जरिए रकम वापस लौटाने के झूठे भरोसे भी दिए गए.
अजमेर जिले में दर्ज हैं 40 से अधिक प्रकरणपुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अकेले अजमेर जिले में बीआईपी ट्रेड कंपनी के खिलाफ ठगी के शिकार निवेशकों की ओर से करीब 40 मामले दर्ज किए गए हैं. इन सभी प्रकरणों में पुलिस का अनुसंधान तेजी से जारी है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कंपनी के जरिए कुल कितने लोगों से निवेश करवाया गया और इस पूरी ठगी का कुल वित्तीय दायरा (रकम) कितना है. शुरुआती पड़ताल में यह भी सामने आया है कि इस ठगी के तार राजस्थान के अन्य जिलों से भी जुड़े हुए हैं.
संयुक्त पुलिस टीम ने की कार्रवाईइस पूरे प्रकरण की तह तक जाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अजमेर पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने एक संयुक्त टीम के रूप में काम किया. पुलिस अधिकारियों और अनुसंधान अधिकारियों की सूझबूझ से इन चारों आरोपियों (लोकेश चौधरी, धीरज गुड़ानी, हनुमान छंगाणी और अब्दुल समद) को शिकंजे में लिया गया है. पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई कर रही है.
पुलिस की खास अपीलइस घटना के बाद अजमेर पुलिस ने आम जनता के लिए एक चेतावनी जारी की है. पुलिस का कहना है कि किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी कानूनी वैधता, उसके वास्तविक कारोबार और मुनाफे के दावों की भली-भांति जांच-परख अवश्य कर लें. कम समय में अत्यधिक और रातों-रात अमीर बनाने का लालच देने वाली लुभावनी योजनाओं से हमेशा सावधान रहें, ताकि आप किसी बड़े आर्थिक फ्रॉड का शिकार होने से बच सकें.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Ajmer,Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 22, 2026, 08:26 IST



