Rajasthan

जयपुर वालों के लिए गुड न्यूज, शहर के इन 3 चौराहों पर बदलेगी ट्रैफिक की तस्वीर, अंडरपास बनने से मिलेगी राहत

जयपुर. राजधानी में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए जेडीए ने तीन प्रमुख चौराहों पर अंडरपास बनाने की योजना पर काम तेज कर दिया है. अजमेर रोड पर पुरानी चुंगी के पास अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि गोपालपुरा पुलिया और राजमहल सर्कल पर भी अंडरपास बनाने की तैयारी है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य व्यस्त मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारों को कम करना और लोगों का सफर आसान बनाना है, अगले तीन महीने में इन कार्यों में तेजी आने की संभावना है.

जयपुर में बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण कई प्रमुख चौराहों पर सुबह और शाम के समय लंबा जाम लगता है. सिग्नल पर बार-बार रुकने से वाहन चालकों का समय बर्बाद होता है. ऐसे में अंडरपास बनने से यातायात को सुचारू करने में मदद मिलेगी, जेडीए की योजना के तहत अजमेर रोड, गोपालपुरा पुलिया और राजमहल सर्कल पर ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए काम किया जा रहा है.

अजमेर रोड पर निर्माण कार्य शुरू

अजमेर रोड पर पुरानी चुंगी के पास अंडरपास का निर्माण शुरू हो चुका है, इस परियोजना से मुख्य मार्ग पर चलने वाले वाहनों को सिग्नल और चौराहे के दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है. अंडरपास बनने से वाहन चालकों को बिना बार-बार रुके आगे निकलने का विकल्प मिलेगा. इससे अजमेर रोड और आसपास के व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम हो सकता है.

गोपालपुरा पुलिया पर भी बनेगा अंडरपास

गोपालपुरा पुलिया क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने के लिए अंडरपास बनाने की तैयारी है. प्रस्तावित योजना में बी-टू बाइपास और आसपास के व्यस्त मार्गों पर आवाजाही आसान बनाने पर जोर दिया है. इस प्रोजेक्ट पर करीब 42 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. अंडरपास बनने से गोपालपुरा पुलिया और आसपास के इलाकों में रोजाना आने-जाने वाले लोगों को फायदा मिल सकता है.

राजमहल सर्कल पर भी जाम से राहत की तैयारी

राजमहल सर्कल पर अंडरपास बनाने की योजना भी प्रस्तावित है, यहां यातायात का दबाव कम करने और वाहनों की आवाजाही सुचारू बनाने के लिए योजना तैयार की जा रही है. प्रस्तावित अंडरपास की लंबाई करीब 330 मीटर बताई गई है. इस परियोजना पर लगभग 47 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. हालांकि, निर्माण की समयसीमा और अंतिम डिजाइन के संबंध में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है.

अंडरपास के प्रवेश और निकास पर देना होगा ध्यान

अंडरपास बनने से ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी, लेकिन इसके प्रवेश और निकास बिंदुओं की योजना भी महत्वपूर्ण होगी. यदि इन स्थानों पर वाहनों की कतारें लगती हैं, तो आसपास के चौराहों पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए सड़क की चौड़ाई, वाहनों की संख्या और आगे के जंक्शन की क्षमता को ध्यान में रखकर निर्माण करना जरूरी होगा. योजनाएं पूरी होने के बाद जयपुर के व्यस्त मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर होने और वाहन चालकों का समय बचने की उम्मीद है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj