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एक तरफ किम जोंग उन ने दागा नया हथियार, दूसरी तरफ बॉर्डर पर धमाका, दक्षिण कोरिया के 3 सैनिक घायल

Last Updated:September 22, 2026, 12:04 IST

DMZ Blast: उत्तर कोरिया ने नए हथियार का परीक्षण कर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है. किम जोंग उन की निगरानी में टेस्ट हुआ. विशेषज्ञ हाइपरसोनिक हथियार का एडवांस्ड रूप मान रहे हैं. इसी बीच दक्षिण कोरिया के DMZ में एक अभियान के दौरान विस्फोट हुआ, जिसमें तीन सैन्य अधिकारी घायल हो गए.एक तरफ किम जोंग उन ने दागा नया हथियार, दूसरी तरफ बॉर्डर पर धमाकाZoomउत्तर कोरिया ने नए हथियार का टेस्ट किया. (Reuters)

North Korea Missile Test: कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव एक बार फिर दोनों मोर्चों पर दिखाई दे रहा है. एक तरफ उत्तर कोरिया ने नए हथियार की टेस्टिंग का ऐलान कर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है, तो दूसरी तरफ उसी दौरान दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक सीमा के बेहद संवेदनशील इलाके में हुए विस्फोट में घायल हो गए. इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण माहौल को और गंभीर बना दिया है.

किम जोंग उन ने दिखाया नया हथियार

उत्तर कोरिया ने रविवार को एक नए हथियार का परीक्षण किया. सरकारी मीडिया KCNA के मुताबिक, इसे देश की ‘अति-आधुनिक रक्षा तकनीक’ की बड़ी उपलब्धि बताया गया है. परीक्षण खुद किम जोंग उन की निगरानी में हुआ. किम ने दावा किया कि इस हथियार से उत्तर कोरिया की युद्ध क्षमता में अहम बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन को जल्द समझ आ जाएगा कि इस तकनीकी प्रगति का उसके लिए क्या मतलब है. लेकिन प्योंगयांग ने सबसे अहम बात बताने से परहेज किया. उसने यह साफ नहीं किया कि आखिर परीक्षण में कौन सा नया हथियार इस्तेमाल किया गया.

तस्वीरों ने खोला मिसाइल का राज?

उत्तर कोरिया की ओर से जारी तस्वीरों में किम जोंग उन अपनी बेटी के साथ एक स्क्रीन देखते नजर आए. स्क्रीन पर उत्तर कोरिया के पूर्वी तट का नक्शा और Hwasongpho-11-ma-1 की उड़ान का रास्ता दिख रहा था. दक्षिण कोरिया के मुताबिक, रविवार को उत्तर कोरिया ने पूर्वी तट से दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. दोनों के बीच करीब तीन घंटे का अंतर था. एक करीब 450 किलोमीटर और दूसरी लगभग 600 किलोमीटर तक गई. सियोल स्थित उत्तर कोरिया पर नजर रखने वाली वेबसाइट NK News के मुताबिक, तस्वीरों में दिखाई दे रही मिसाइल पहले से टेस्ट किए जा रहे हाइपरसोनिक हथियार का एडवांस्ड रूप हो सकती है. हालांकि, उत्तर कोरिया ने खुद इसे हाइपरसोनिक मिसाइल के तौर पर घोषित नहीं किया है.

हाइपरसोनिक हथियार इतना खतरनाक क्यों?

हाइपरसोनिक मिसाइल की खासियत सिर्फ उसकी रफ्तार नहीं होती. इनमें इस्तेमाल होने वाला ग्लाइड वाहन उड़ान के दौरान अपनी दिशा बदल सकता है. इससे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए उसे ट्रैक करना और रोकना ज्यादा मुश्किल हो सकता है. यही वजह है कि किम जोंग उन लंबे समय से हाइपरसोनिक हथियारों समेत कई नई सैन्य तकनीकों को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से जोड़कर आगे बढ़ाने पर जोर देते रहे हैं.

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया का बॉर्डर. इस तस्वीर में उत्तर कोरिया का बॉर्डर दिखाई दे रहा है.

दूसरी तरफ सीमा पर धमाका

उत्तर कोरिया के नए हथियार के ऐलान के बीच दक्षिण कोरिया से भी तनाव बढ़ाने वाली खबर आई. सोमवार को दोनों देशों के बीच बने DMZ यानी असैन्यीकृत क्षेत्र में एक विस्फोट हो गया. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसमें तीन सैन्य अधिकारी घायल हुए. दो अधिकारियों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया, जबकि तीसरे को पहले जमीन के रास्ते ले जाया गया और बाद में हवाई मार्ग से अस्पताल पहुंचाया गया. घायल सैनिकों का इलाज सियोल के पास एक सैन्य अस्पताल में चल रहा है.

क्या माइंस से हुआ धमाका?

विस्फोट की वजह अभी साफ नहीं है. दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने यह भी नहीं बताया कि क्या यह उत्तर कोरिया की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंग हो सकती है. DMZ दुनिया की सबसे भारी सुरक्षा वाली सीमाओं में शामिल है. करीब 250 किमी लंबी और 4 किमी चौड़ी इस पट्टी में बड़ी संख्या में माइंस, कंटीले तार, टैंक रोधी अवरोध और भारी हथियारों से लैस सैनिक मौजूद हैं. हाल के महीनों में उत्तर कोरिया ने अपनी तरफ सीमा पर बारूदी सुरंगें और दूसरे सुरक्षा अवरोध बढ़ाए हैं.

सीमा पर पहले भी कई बार बढ़ा तनाव

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य सीमा को लेकर तनाव नया नहीं है. अप्रैल 2025 में उत्तर कोरिया के करीब 10 सैनिक सैन्य सीमांकन रेखा पार कर दक्षिण कोरिया की तरफ बढ़ गए थे. सियोल ने चेतावनी प्रसारण और चेतावनी फायरिंग के बाद उन्हें पीछे हटाया था.

About the AuthorYogendra Mishra

Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…

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September 22, 2026, 12:04 IST

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