ऑस्कर 2027 में ‘गोंधल’ की ऑफिशियल एंट्री, अब डायरेक्टर ने खोले राज, कान्स में 40 फिल्में देखकर बनाई मास्टरपीस

Last Updated:September 19, 2026, 11:28 IST
ऑस्कर अवॉर्ड्स 2027 के लिए मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ भारत की आधिकारिक एंट्री बन चुकी है. अब निर्देशक संतोष दावखर ने फिल्म को लेकर बड़ा खुलासा किया है. कान्स फिल्म फेस्टिवल में 15 दिनों के भीतर 40 से अधिक फिल्में देखने के बाद संतोष ने इस मास्टरपीस को तैयार किया. गरीबी और जातिवाद से परे हटकर भारतीय संस्कृति और समृद्ध परंपराओं को पर एक थ्रिलर मिस्ट्री के रूप में पेश किया. ‘गोंधल’ की मेकिंग के पीछे की कहानी अब हर किसी को चौंका रही है.
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ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री बनी मराठी फिल्म ‘गोंधल’.
नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा के लिए एक गर्व का पल आया है. निर्देशक संतोष दावखर की फिल्म ‘गोंधल’ को ऑस्कर अवॉर्ड्स 2027 की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है. महाराष्ट्र के ग्रामीण अंचल की पृष्ठभूमि पर बनी यह थ्रिलर फिल्म सुमन नाम की एक नवविवाहित महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी शादी से नाखुश है. अब इस मूवी को लेकर संतोष दावखर ने खुलकर बात की है.
आईएएनएस के साथ बातचीत में संतोष दावखर ने फिल्म को लेकर अपने नजरिए पर बात की और बताया कि शुरुआत में उन्हें इस बात को लेकर यकीन नहीं था कि दर्शक इसे कैसे लेंगे. मेरी पहली प्रायोरिटी यह थी कि मुझे यह फिल्म इंटरनेशनल लेवल पर बनानी है. मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को कान्स समेत कई फिल्म फेस्टिवल में चुना जा चुका है. फिल्ममेकर का कहना है कि उन्होंने भारतीय सिनेमा के बारे में एक ऐसी सोच देखी जो अक्सर गरीबी और जातिवाद जैसे थीम पर फोकस करती थी.
भारत के कल्चर को सिनेमैटिक तरीके से दिखाया
संतोष दावखर ने कहा, ‘जब मैं कान्स और दूसरे इंटरनेशनल फेस्टिवल्स में था, तब मुझे इंडियन फिल्मों के रिप्रजेंटेशन के बारे में पता चला और लोग कैसे सोचते हैं कि यहां की फिल्में गरीबी और जातिवाद के बारे में होती हैं और भारत में यह जरूरी मुद्दा है. इसके अलावा भारत की एक रिच विरासत है, गर्व करने वाला कल्चर भी है और मैं उस कल्चर को सिनेमैटिक तरीके से दिखाना चाहता था.’
गोंधल बनाने के लिए कान्स में देखी 40 से ज्यादा फिल्में
उन्होंने बताया कि फिल्म ‘गोंधल’ बनाते समय उन्होंने इंटरनेशनल सिनेमा और स्क्रीनराइटिंग की बहुत स्टडी की थी. उन्होंने कहा, ‘जब मैं कान्स में था, तो मैं दिन में तीन-चार फिल्में देखता था. 15 दिनों में, मैंने 40 से ज्यादा फिल्में देखी हैं और अगर आप एक इंटरनेशनल फिल्म बनाना चाहते हैं तो आपकी मेकिंग भी उसी के हिसाब से होनी चाहिए.’
फिल्म बनाने के लिए की खूब रिसर्च
संतोष दावखर ने आगे बताया कि स्क्रीनप्ले पर भी काफी रिसर्च की गई, जिसका मकसद एक थ्रिलर मिस्ट्री को आसान और आसान तरीके से पेश करना था. उन्होंने कहा, ‘मैंने इस पर बहुत रिसर्च की, स्क्रीनप्ले पर भी बहुत रिसर्च की है और मैंने लोगों को बहुत ही आसान तरीके से एक थ्रिलर मिस्ट्री दी है. इसके साथ ही, मैंने रीति-रिवाजों की रिचनेस भी दी है.’
‘गोंधल’ फिल्म की स्टारकास्ट
बताते चलें कि फिल्म गोंधल में मिस्ट्री और थ्रिलर एलिमेंट्स को इंडियन रीति-रिवाजों और कल्चरल ट्रेडिशन की रिचनेस के साथ मिलाया गया है. फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर, अनुज प्रभु, सुरेश विश्वकर्मा और विट्ठल काले हैं.
About the AuthorKamta PrasadSenior Sub Editor
कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
September 19, 2026, 11:28 IST



