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Vellanki Simhadri Case: शिवा साइनाइड, रियल एस्टेट में डूबा पैसा, फिर शुरू हुआ किस्मत चमकाने का खौफनाक खेल, और 10 कत्ल

Cyanide Siva serial killer: आंध्र प्रदेश का एलुरु शहर, जहां का रहने वाला वेल्लंकी सिम्हाद्री अपराध की दुनिया में शिवा साइनाइड के नाम से जाना जाता है. एक सामान्य व्यक्ति से शिवा साइनाइड बनने की उसकी कहानी आपके अंदर डर से सिहरन पैदा कर देगी. एक पल के लिए सो​चिए. आपका कोई परिचित आपको भगवान का प्रसाद दे और आप उसे पूरी श्रद्धा के साथ अपनी जीभ पर रखें, लेकिन अगले ही पल आप जमीन पर गिरे पड़े हों और आपके प्राण पखेरू उड़ चुके हों. बाद में आपके घरवालों को पता चले कि उस प्रसाद में साइनाइड था. आज के क्राइम स्टोरी में जानते हैं वेल्लंकी सिम्हाद्री के शिवा साइनाइड बनने की कहानी.

रियल एस्टेट में डूबा पैसा, टूटा राजा बनने का सपना

बात है फरवरी 2018 से पहले की. जब 38 साल का वेल्लंकी सिम्हाद्री रियल एस्टेट में पैसा लगाता था. उम्मीद थी कि वह एक दिन बहुत पैसे और बड़े रूतबे वाला बनेगा. लेकिन उसकी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. किस्मत ने उसे ऐसा दगा दिया कि रियल एस्टेट में लगाया सारा पैसा डूब गया. राजा बनने का सपना देखने वाला सिम्हाद्री कंगाल हो गया और सड़क पर आ गया. उस पर काफी कर्ज हो गया था.

फिर आया किस्मत बदलने का खौफनाक आइडिया

कुछ समय गुजरा, तो उसके मन में एक खौफनाक ख्याल ने जन्म लिया. अपनी किस्मत भले ही डूब गई तो क्या, अब दूसरों की किस्मत को चमकाना है. इस किस्मत चमकाने में कोई चमत्कार नहीं, बल्कि सिम्हाद्री के शिवा साइनाइड बनने की शुरूआत थी. यहां से शुरू होती है शिवा साइनाइड के जुर्म की दुनिया.

15 फरवरी 2018: किस्मत बदलने के लिए खिलाया प्रसाद

सिम्हाद्री ने 15 फरवरी, 2018 को अपना पहला शिकार बनाया वल्लभनेनी उमामहेश्वर को. पुलिस का अरोप है कि सिम्हाद्री ने उमामहेश्वर को किस्मत चमकाने के नाम पर प्रसाद खिलाया, जिसमें साइनाइड मिला था. उस प्रसाद को खाने से उमामहेश्वर की मौत हो गई और सिम्हाद्री 40 लाख रुपए और चांदी की एक अंगूठी लेकर वहां से फरार हो गया.

फिर शुरू हुआ अपराध का सिलसिला, एक के बाद एक…10 कत्ल

कहते हैं कि जब एक बार शेर के मुं​ह में खून लग जाए तो फिर वो कहां रुकता है. पहले केस में सिम्हाद्री अपने मकसद में कामयाब हो गया था, तो उसे पकड़े जाने का भी डर नहीं रहा.

पुलिस रिपार्ट के अनुसार, उसने लोगों की किस्मत चमकाने के नाम पर साइनाइड मिला प्रसाद खिलाना शुरू कर दिया, कुछ से कहा कि साइनाइड एक पारंपरिक दवा है. वह उन लोगों को ही अपना शिकार बनाता, जिसे वो पहले से जानता था.

फरवरी 2018 से अक्टूबर 2019 के बीच उसने आंध्र प्रदेश में 10 कत्ल किए. उसने लोगों के सोने, चांदी, नकद रुपए चुरा लिए. मकसद था रियल एस्टेट में डूबी किस्मत को फिर से चमकाने का.

10वें कत्ल ने खोली पोल, पुलिस की गिरफ्त में पहुंचा शिवा साइनाइड

किस्मत चमकाने का आइडिया काम कर रहा था. उसने एक-एक करके 9 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. लेकिन 10वें कत्ल ने उसका भांड़ा फोड़ दिया. 17 अक्टूबर 2019 को एलुरु में काटी नागराजू बेहोशी की हालत में पाए गए. घटना से एक शाम पहले पत्नी को बोलकर घर से निकले थे कि बैंक जा रहे हैं, लेकिन वे लौटकर नहीं आए.

पुलिस ने जब जांच की तो एक सीसीटीवी फुटेज में सिम्हाद्री को नागराजू के साथ देखा. शक की सुई सिम्हाद्री पर थी. पुलिस ने काफी जांच पड़ताल के बाद नवंबर 2019 में सिम्हाद्री को गिरफ्तार कर ​लिया.

चोरी के पैसों से खरीदा घर

पुलिस ने बताया कि सिम्हाद्री ने चोरी के पैसों से एलुरु में एक घर खरीदा था. वहीं दूसरा घर बनाया था. पुलिस शिकायत के अनुसार, सिम्हाद्री ने 10 लोगों के कत्ल की बात स्वीकार कर ली. उसने माना कि आलीशान जीवनशैली और खर्चों को पूरा करने के लिए 10 लोगों को मार डाला. उनकी सारा नकदी, सोने, चांदी चोरी कर लिए. 10 लोगों में 7 पुरुष और 3 महिलाएं थीं. उसने अपनी सगी दादी और बहन को भी नहीं बख्शा था.

पास से मिले साइनाइड, सोना और रुपए

पुलिस ने सिम्हाद्री के पास से एक प्लास्टिक के डिब्बे में साइनाइड, सोने के गहने और 1,63,400 रुपए बरामद किए थे.

साइनाइड सप्लायर भी गिरफ्तार

सिम्हाद्री को शेख अमीनउल्लाह बाबू नाम का एक शख्स साइनाइड सप्लाई करता था. पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया.

शिवा साइनाइड को उम्रकैद, बाबू को 10 साल जेल

शिवा साइनाइड यानि सिम्हाद्री और बाबू के खिलाफ केस चला और सुनवाई हुई. जनवरी 2026 में फैसले की घड़ी आई. शिवा साइनाइड को उम्रकैद और बाबू को 10 साल के लिए कठोर कारावास की सजा सुनाई गई.

नहीं रहेंगे सतर्क, तो हो सकते हैं जुर्म का शिकार…

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