Rajasthan

कचरे में प्लास्टिक खा रहे गोवंश, धुएं में सांस ले रहे लोग; रावतभाटा डंपिंग यार्ड की डराने वाली तस्वीर

Last Updated:October 05, 2026, 08:33 IST

Rawatbhata Nagar Palika dumping yard issue in Chittorgarh: रावतभाटा नगर पालिका के पास शिव कॉलोनी का डंपिंग यार्ड क्षेत्रवासियों के लिए नर्क बन गया है. पूरे शहर का कचरा यहां फेंका जा रहा है, जिससे भयंकर बीमारियां और मक्खियों का आतंक फैल रहा है. भूखे गोवंश यहां प्लास्टिक खाने को मजबूर हैं. कर्मचारियों द्वारा कचरा जलाने से लोगों को अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियां हो रही हैं. खुले में मृत जानवर फेंकने से पक्षी बिजली लाइनों से टकराते हैं, जिससे बार-बार बिजली ट्रिप होती है और पानी की सप्लाई ठप हो जाती है. स्वच्छ भारत अभियान यहां पूरी तरह विफल है.

ख़बरें फटाफट

रावतभाटा डंपिंग यार्ड बना मुसीबत, कचरे से बीमारी और बिजली-पानी संकटZoomकचरा जलाया तो उठा जहरीला धुआं, मवेशी फेंके तो गुल हुई बिजली! रावतभाटा में नगर पालिका की कैसी व्यवस्था

Chittorgarh: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित रावतभाटा नगर पालिका वैसे तो किसी परिचय की मोहताज नहीं है, लेकिन जब बात यहां की जमीनी हकीकत और बुनियादी सुविधाओं की आती है, तो स्थिति बेहद निराशाजनक नजर आती है. व्यवस्था और विकास के नाम पर यहां केवल दुर्दशा, अनदेखी और क्षेत्रवासियों का दर्द ही दिखाई देता है. विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच रावतभाटा की शिव कॉलोनी आवासीय योजना के पास का डंपिंग यार्ड नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. यह डंपिंग यार्ड नगर पालिका कार्यालय से महज कुछ मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी अधिकारियों की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है.

रावतभाटा नगर पालिका के पास स्थित शिव कॉलोनी के निवासी इन दिनों नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं. पूरी कॉलोनी के पास कचरे का पहाड़ खड़ा कर दिया गया है. यह सिर्फ कचरा नहीं, बल्कि बीमारियों का एक बहुत बड़ा घर बन चुका है. पूरे शहर का कचरा यहां लाकर डंप कर दिया जाता है, जिससे उठने वाली दुर्गंध ने लोगों का सांस लेना तक मुहाल कर दिया है. सफाई व्यवस्था के नाम पर यहां केवल खानापूर्ति की जा रही है.

बीमारियों का घर बना डंपिंग यार्डकचरे के इस विशाल अंबार की वजह से पूरे क्षेत्र में मक्खियों और मच्छरों का भारी आतंक फैल गया है. हालात इतने भयावह हो गए हैं कि लोग अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे खोलने से भी कतराते हैं. यह डंपिंग यार्ड अब केवल कचरा घर नहीं रहा, बल्कि डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का केंद्र बन गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस लापरवाही का खामियाजा उन्हें अपनी सेहत से समझौता करके चुकाना पड़ रहा है.

गोवंश की दुर्दशा और स्वच्छ भारत अभियानइस डंपिंग यार्ड की सबसे दर्दनाक तस्वीर तब सामने आती है, जब भूखे और लाचार गोवंश भोजन की तलाश में यहां पहुंचते हैं. प्लास्टिक और सड़ा-गला कचरा खाने को मजबूर ये बेजुबान जानवर गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. गोवंश कचरे के ढेरों को फैला देते हैं, जिससे गंदगी और ज्यादा फैल जाती है. स्वच्छ भारत अभियान जैसे महत्वपूर्ण तंत्र को रावतभाटा नगर पालिका ने केवल कागजी वादों तक सीमित कर दिया है.

कचरा जलाने से फैल रहा अस्थमासमस्या सिर्फ कचरे के ढेर तक सीमित नहीं है. नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा कई बार इस कचरे में आग लगा दी जाती है. कचरे में मौजूद पॉलीथिन और अन्य खतरनाक प्लास्टिक के जलने से निकलने वाला जहरीला धुआं सीधे शिव कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में फैलता है. इस जहरीले धुएं के कारण क्षेत्र में रहने वाले लोगों में अस्थमा, सांस लेने में तकलीफ और अन्य गंभीर संक्रमित बीमारियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं.

विद्युत और जल आपूर्ति पर सीधा असरनगर पालिका की इस लापरवाही का असर शहर की बिजली और पानी की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता सौदास मीणा ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा मृत मवेशियों को डंपिंग यार्ड के बाहर खुले में फेंक दिया जाता है. इन मृत जानवरों को खाने के लिए बगुले और अन्य पक्षी आते हैं. उड़ान भरते समय ये पक्षी अक्सर विद्युत लाइनों से टकरा जाते हैं. इसके कारण कई बार विद्युत लाइन ट्रिप कर जाती है. बार-बार बिजली गुल होने से पीएचईडी की लाइनें बंद हो जाती हैं और पानी की सप्लाई ठप पड़ जाती है, जिसका खमियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

और पढ़ेंLocation :

Chittaurgarh,Rajasthan

First Published :

October 05, 2026, 08:33 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj