कलाकंद-गुलाब जामुन-रसगुल्ला, हर चीज में मिलावट; राजस्थान में दीपावली से पहले जमकर छापे

Last Updated:November 04, 2026, 22:11 IST
Milawati Mithai In Rajasthan Different Districts : राजस्थान में दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया है. अलवर, हनुमानगढ़ और खैरथल समेत कई जिलों में भारी मात्रा में दूषित मिठाई और खाद्य सामग्री सीज कर नष्ट की गई है. कहीं पुरानी और खराब मिठाई मिली तो कहीं कलाकंद में मरी हुई मक्खियां और फफूंद लगी क्रीम सामने आई. कई जगह बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री सीज की गई और कुछ सामान मौके पर ही नष्ट करवाना पड़ा.
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राजस्थान में दीपावली से पहले जमकर छापे
राजस्थान. दीपावली का त्योहार हो और घर में मिठाई न आए, ऐसा कम ही होता है. कोई रिश्तेदारों के लिए डिब्बे खरीदता है तो कोई घर आए मेहमानों का मुंह मीठा करवाने के लिए मिठाई लाता है. लेकिन इस बार मिठाई खरीदने से पहले थोड़ा रुककर सोचने की जरूरत है. वजह है प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की लगातार चल रही कार्रवाई. कहीं पुरानी और खराब मिठाई मिली तो कहीं कलाकंद में मरी हुई मक्खियां और फफूंद लगी क्रीम सामने आई. कई जगह बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री सीज की गई और कुछ सामान मौके पर ही नष्ट करवाना पड़ा.
राज्य सरकार की ओर से ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों, गोदामों और खाद्य सामग्री बनाने वाले प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं. अधिकारियों ने कई जगह सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं. यानी अभी हर सैंपल के बारे में यह कहना सही नहीं होगा कि उसमें मिलावट साबित हो गई है. लेकिन जांच के दौरान जो खराब और दूषित सामग्री मिली है, वह त्योहार के समय लोगों की चिंता जरूर बढ़ाती है.
जिले-जिले में कहां क्या कार्रवाई हुई?
गोविंदगढ़, अलवर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री के नमूने लिए.
शर्मा चाट एवं मिष्ठान भंडार से मिश्री मावा का सैंपल लिया गया.
इसी प्रतिष्ठान पर करीब 20 किलो पुरानी और खराब मिठाई मिली, जिसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया.
खाद्य सुरक्षा अधिकारी केशव गोयल ने कार्रवाई की जानकारी दी.
अधिकारियों ने दुकानदारों को मिठाइयों में कृत्रिम रंगों का कम से कम इस्तेमाल करने की समझाइश भी दी.
हनुमानगढ़
CMHO डॉ. नवनीत शर्मा के नेतृत्व में रावतसर और गोलूवाला में कार्रवाई की गई.
टीम ने 1485 किलो गुड़ और 186 लीटर सरसों का तेल सीज किया.
करीब 30 किलो काजू जब्त किए गए.
40 किलो दूषित खाद्य सामग्री नष्ट करवाई गई.
अलग-अलग प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए.
खैरथल-तिजारा
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुढ़ी बावल, कोटकासिम क्षेत्र में कार्रवाई की.
मुखबिर से सूचना मिलने पर ग्राम मोठूका निवासी लीलाराम के गोदाम का निरीक्षण किया गया.
गोदाम में साफ-सफाई की कमी मिली. वहां हलवाई कलाकंद बना रहे थे.
कलाकंद में मरी हुई मक्खियां और फफूंद लगी हुई पाई गई.
करीब 425 किलो दूषित कलाकंद, 150 किलो दूध और लगभग 50 किलो फफूंद लगी क्रीम मौके पर नष्ट करवाई गई.
खाद्य पदार्थों के लीगल सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए. कार्रवाई की जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग के नोडल अधिकारी हेमंत यादव ने दी.
बहरोड़, कोटपूतली
त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई की दुकानों और गोदामों का निरीक्षण किया.
कार्रवाई के दौरान 510 किलो गुलाब जामुन और रसगुल्ले सहित बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री सीज और नष्ट की गई.
टीम ने खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे.
बाड़ी, धौलपुर
दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कई मिठाई दुकानों और मावा प्लांट का निरीक्षण किया.
तुलसीवन रोड स्थित पनीर प्लांट से मावा, रिफाइंड ऑयल और क्रीम के नमूने लिए गए.
कमलेश्वर, श्रीराम और मित्तल मिष्ठान भंडार से मिठाइयों के सैंपल लिए गए.
होरीलाल प्रजापत मावा प्लांट और श्रीराम मिष्ठान भंडार से भी नमूने लिए गए.
मित्तल मिष्ठान भंडार में पुरानी और दूषित चाशनी मिली, जिसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया. कार्रवाई के दौरान करीब 100 किलो चाशनी नष्ट करवाई गई.
मावा, क्रीम, रिफाइंड पामोलिन तेल सहित खाद्य पदार्थों के कुल छह नमूने लिए गए. मित्तल मिष्ठान भंडार से मावा बर्फी का सैंपल भी लिया गया.
सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा. रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यानजब त्योहार पर इतनी जगहों पर कार्रवाई हो रही है तो आम आदमी मिठाई खरीदते समय क्या करे? सिर्फ दुकान की सजावट और मिठाई के रंग देखकर उसकी गुणवत्ता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. कुछ छोटी सावधानियां जरूर मदद कर सकती हैं.
साफ-सफाई देखें: मिठाई खुली रखी है तो उसके आसपास मक्खियां, धूल या गंदगी तो नहीं है, इस पर ध्यान दें.
बिल जरूर लें: मिठाई खरीदने के बाद बिल लें. पैक मिठाई पर पैकिंग की तारीख, इस्तेमाल की आखिरी तारीख और दूसरी जरूरी जानकारी जरूर देखें.
बहुत तेज रंग से सावधान रहें: मिठाई का रंग जरूरत से ज्यादा चमकीला या असामान्य लगे तो खरीदने से बचें. कृत्रिम रंगों का ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है.
गंध और बनावट पर ध्यान दें: मिठाई से खट्टी या अजीब गंध आ रही हो, उस पर फफूंद दिखे या उसकी बनावट खराब लगे तो उसे न खरीदें.
मावा और दूध से बनी मिठाइयों को लेकर सतर्क रहें: ऐसी मिठाइयां खरीदते समय उनकी ताजगी और रखरखाव पर खास ध्यान दें. दुकानदार से उनके रखे जाने के तरीके के बारे में पूछ सकते हैं .
शिकायत करने में पीछे न हटें: किसी दुकान पर खराब या संदिग्ध खाद्य सामग्री दिखे तो खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
November 04, 2026, 22:10 IST



