कालीबाई स्कूटी योजना में बदला नियम, अब 88 हजार छात्राओं को DBT नहीं ई-वाउचर से मिलेगी स्कूटी

Last Updated:August 24, 2026, 10:20 IST
Kalibhai Scooty Scheme E-Voucher: राजस्थान में कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के तहत अब ई-वाउचर के जरिए स्कूटी मिलेगी. उच्च शिक्षा विभाग ने बैंक खाते में पैसे देने (DBT) के नियम को बदलते हुए ई-वाउचर व्यवस्था लागू की है. छात्राएं शोरूम पर ई-वाउचर या क्यूआर कोड दिखाकर अपनी मनपसंद स्कूटी ले सकेंगी. सत्र 2026-27 की 35 हजार छात्राओं सहित पिछले 3 सालों से पेंडिंग कुल 88 हजार मेधावी छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा. कॉलेजों में वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही वितरण शुरू होगा.
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Kalibhai Scooty Scheme E-Voucher: कालीबाई योजना में अब ई-वाउचर से मिलेगी स्कूटी
Jaipur: राजस्थान में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ‘कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना’ और ‘देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना’ के तहत स्कूटी वितरण की व्यवस्था में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है. नियमों में बार-बार हो रहे बदलावों के चलते पिछले तीन सालों से स्कूटी का इंतजार कर रही मेधावी छात्राओं को अब विभाग सीधे बैंक खाते में पैसे (DBT) देने के बजाय ई-वाउचर (E-Voucher) उपलब्ध कराएगा. इस नए नियम के लागू होने से प्रदेश की करीब 88 हजार छात्राओं को जल्द ही स्कूटी मिलने का रास्ता साफ होगा.
गौरतलब है कि इससे पहले विभाग स्वयं टेंडर निकालकर स्कूटी खरीदकर छात्राओं को बांटता था. हालांकि, पिछले तीन वर्षों की पेंडिंग स्कूटियों के निपटारे के लिए मई 2026 में सीधे खाते में 70 हजार रुपये ट्रांसफर (DBT) करने का प्लान बनाया गया था. विभाग का मानना था कि इससे टेंडर, खरीद, भंडारण और वितरण की जटिल प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी. लेकिन अब राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग ने डीबीटी के नियम में संशोधन करते हुए ई-वाउचर व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है.
कैसे काम करेगा ई-वाउचर और क्या होंगे फायदे?नई व्यवस्था के तहत पात्र छात्राओं को विभाग की ओर से ई-वाउचर या एक विशेष क्यूआर (QR) कोड जारी किया जाएगा. छात्राएं अपनी पसंद की कंपनी के ऑटोमोबाइल वेंडर (शोरूम) पर जाकर यह ई-वाउचर दिखाकर सीधे अपनी मनपसंद स्कूटी प्राप्त कर सकेंगी. इसके लिए विभाग द्वारा जल्द ही निविदाएं जारी की जाएंगी. वर्ष 2024, 2025 और मौजूदा सत्र 2026-27 को मिलाकर आगामी एक वर्ष में लगभग 88 हजार छात्राओं को स्कूटी वितरित की जानी है. वर्तमान सत्र 2026-27 की 35 हजार पात्र छात्राओं की फाइनल लिस्ट जारी हो चुकी है और कॉलेजों द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन का काम पूरा कर लिया गया है.
क्या है कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना?वर्ष 2020 में लागू की गई इस योजना का नाम डूंगरपुर की वीरांगना कालीबाई भील के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने शिक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे. इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और नियमित कॉलेज जाने की सुविधा प्रदान करना है. योजना के तहत केवल स्कूटी ही नहीं, बल्कि वाहन के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, 1 साल का कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस, 5 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस, 2 लीटर पेट्रोल (एक बार) और एक आईएसआई (ISI) मार्क्ड हेलमेट भी निशुल्क दिया जाता है.
पात्रता और आवश्यक दस्तावेजइस योजना का लाभ राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) से 12वीं में न्यूनतम 65% और सीबीएसई (CBSE) से 75% अंक प्राप्त करने वाली उन छात्राओं को मिलता है, जो राज्य के किसी भी सरकारी या निजी कॉलेज में नियमित (Regular) स्नातक डिग्री कोर्स में अध्ययनरत हैं. साथ ही, छात्रा के माता-पिता की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. यदि किसी छात्रा को 10वीं के अंकों के आधार पर पहले स्कूटी मिल चुकी है, तो उसे 12वीं के आधार पर स्कूटी न देकर 40,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 24, 2026, 10:20 IST



