कोटा की कोचिंग छात्राओं ने शिक्षकों को बांधी राखी, मिला सुरक्षा का वचन

Last Updated:August 27, 2026, 15:54 IST
Kota Raksha Bandhan: कोटा में देशभर से पढ़ाई के लिए आईं कोचिंग छात्राओं ने घर से दूर अनोखे अंदाज में रक्षाबंधन मनाया. बोरखेड़ा, तलवंडी और कांगड़ी समेत कई इलाकों में छात्राओं ने शिक्षकों की कलाई पर राखी बांधी. शिक्षकों ने भी उनकी सुरक्षा का संकल्प लेते हुए मिठाई और ट्रॉफी भेंट की. जो छात्र घर नहीं जा सके, उन्होंने ऑनलाइन राखी मनाई.
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कोटा में कोचिंग करने वाली छात्राओं ने बांधी शिक्षकों को राखी
कोटा: शिक्षा नगरी के रूप में देश-दुनिया में अपनी पहचान बना चुके कोटा शहर में भाई-बहन के पवित्र स्नेह के प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार इस बार एक बहुत अनूठे रूप में मनाया. देश के कोने-कोने से डॉक्टर और इंजीनियर बनने का बड़ा सपना लेकर कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहे कोचिंग विद्यार्थियों के लिए यह पर्व अपनों से दूर होने के दर्द को भूला देने वाला साबित हुआ. घर से मीलों दूर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं ने अपने शिक्षकों को ही अपना भाई और अभिभावक मानते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधी. इस अनोखी पहल ने कोचिंग नगरी में एक बार फिर पारिवारिक माहौल की अनूठी मिसाल पेश की है.
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर शहर के प्रमुख कोचिंग हब माने जाने वाले क्षेत्रों जैसे बोरखेड़ा, तलवंडी, कांगड़ी और आसपास के तमाम इलाकों में सुबह से ही चहल-पहल देखने को मिली. हजारों की संख्या में विभिन्न राज्यों से आए कोचिंग छात्र-छात्राओं में पर्व को लेकर उत्साह नजर आया. जो विद्यार्थी किन्हीं कारणों से इस बार अपने घर नहीं जा सके और अपने परिजनों से दूर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, उन्होंने अपनी इस कमी को कोटा के अपने शिक्षकों और साथियों के बीच रहकर पूरा किया. कई छात्र-छात्राओं ने डिजिटल और ऑनलाइन माध्यमों से अपने दूर बैठे भाइयों को याद किया, तो वहीं स्थानीय स्तर पर छात्राओं ने अपने शिक्षकों व साथी छात्रों की कलाई पर राखी सजाकर इस पर्व की पवित्रता को और अधिक बढ़ा दिया.
शिक्षकों ने लिया सुरक्षा का संकल्पविद्यार्थियों द्वारा की गई इस अनूठी पहल से अभिभूत होकर शिक्षकों ने भी अपनेपन की मिसाल पेश की. गुरुओं ने अपनी इन दूर-दराज से आई बेटियों को केवल एक छात्र नहीं, बल्कि अपने परिवार का हिस्सा मानते हुए उनकी सुरक्षा, मार्गदर्शन और उज्ज्वल भविष्य का दृढ़ संकल्प लिया. इस दौरान शिक्षकों ने स्नेह प्रकट करते हुए सभी छात्राओं को मिठाइयां खिलाईं और उपहार के रूप में टॉफियां व आशीर्वाद भेंट किए. गुरु और शिष्य के इस पवित्र रिश्ते की यह बानगी देखकर वहां मौजूद हर शख्स का मन भावुक हो उठा. यह पल यह साबित करने के लिए काफी था कि गुरु का साया सिर पर हो, तो अपनों से दूर होने का अहसास भी छूमंतर हो जाता है.
बाजारों में सजी दुकानें, राखियों और मिठाइयों की डिमांडदूसरी ओर, रक्षाबंधन के इस पावन पर्व को लेकर कोटा शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचल तक के बाजारों में रौनक छाई हुई है. शहर की हर सड़क और बाजार आकर्षक और सुंदर राखियों की दुकानों से सज चुके हैं. बाजारों में पारंपरिक और फैंसी राखियों के साथ-साथ अलग प्रकार के गिफ्ट्स और मिठाइयों की मांग आसमान छू रही है. दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ यह बता रही है कि महंगाई या दूरी चाहे जितनी भी हो, लेकिन इस पवित्र त्योहार के प्रति लोगों का उत्साह और उमंग कभी कम नहीं हो सकती. कोटा के बाजारों से लेकर कोचिंग संस्थानों तक, हर तरफ बस रक्षाबंधन की ही खुशियां बिखरी हुई है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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August 27, 2026, 15:54 IST



