कौन हैं IPS विजय सिंह गुर्जर? कभी दिल्ली पुलिस में थे कांस्टेबल, ऐसा क्या किया कि गुजरात के डिप्टी CM ने पढ़े कसीदे

झुंझुनूं. राजस्थान के झुंझुनूं जिले की माटी में जन्मे गुजरात कैडर के IPS अधिकारी विजय सिंह गुर्जर ने किसानों को न्याय दिलाने की ऐसी कार्रवाई की है, जिसकी चर्चा अब उनके गृह जिले से लेकर गुजरात तक हो रही है. गुजरात के राजकोट ग्रामीण क्षेत्र में सूदखोरी के जाल में फंसे किसानों की करीब 100 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन से जुड़े मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है. इस मामले में लगभग 55 खेतों की 522 बीघा जमीन का जिक्र सामने आया है. आरोप है कि ब्याज पर उधार दिए गए रुपयों के बदले किसानों की जमीन पर कब्जा किया गया और कुछ मामलों में रजिस्ट्री भी अपने नाम करा ली गई. मामले की जांच और कार्रवाई के बाद किसानों को जमीन से जुड़े दस्तावेज लौटाने की प्रक्रिया ने इस पूरे मामले को चर्चा में ला दिया.
गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष संघवी ने आईपीएस विजय सिंह गुर्जर और राजकोट ग्रामीण पुलिस की टीम की सार्वजनिक रूप से सराहना की. उन्होंने किसानों से मिलने वाले आशीर्वाद को मंदिरों में मिलने वाले आशीर्वाद से भी बढ़कर बताया. संघवी ने कहा कि विजय गुर्जर और राजकोट पुलिस ने जो काम किया है, उसे इतिहास में याद रखा जाएगा. यह उपलब्धि झुंझुनूं के लिए भी गर्व का विषय है, क्योंकि विजय सिंह गुर्जर का संबंध जिले की नवलगढ़ तहसील के देवीपुरा बणी गांव से है. किसान परिवार में जन्मे विजय ने दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में करियर शुरू किया और मेहनत के दम पर यूपीएससी परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई. उनकी यह यात्रा संघर्ष, संकल्प और जनसेवा की मिसाल के रूप में सामने आई है.
522 बीघा जमीन और 55 खेतों से जुड़ा है मामला
राजकोट ग्रामीण क्षेत्र में कई किसानों के सूदखोरी के जाल में फंसने की शिकायतें सामने आई थी. आरोप था कि ब्याज पर लिए गए रुपयों के बदले ब्याज पर ब्याज जोड़कर किसानों पर दबाव बनाया गया और उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया गया. कुछ मामलों में जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराने की शिकायतें भी थीं. करीब 55 खेतों से जुड़े इस मामले में कुल 522 बीघा जमीन का उल्लेख किया गया है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपए आंका गया. शिकायतों के बाद पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की. कार्रवाई के दौरान जमीन से संबंधित दस्तावेजों और कथित अनियमितताओं की पड़ताल की गई. किसानों को उनके अधिकार वापस दिलाने के लिए दस्तावेजों और कब्जे से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई.
डिप्टी सीएम बोले- किसानों का आशीर्वाद मंदिरों से भी बढ़कर
किसानों को जमीन से जुड़े दस्तावेज लौटाने के कार्यक्रम में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने विजय सिंह गुर्जर और राजकोट ग्रामीण पुलिस की तारीफ की. उन्होंने कहा, “विजय सिंह गुर्जर चाहे जितने भी मंदिरों में चले जाएं, उन्हें इतना आशीर्वाद कहीं नहीं मिलेगा, जितना आज इन किसानों से मिला है. विजय गुर्जर और राजकोट की पूरी टीम ने जो काम किया है, वह इतिहास में याद रखा जाएगा.” उनके इस बयान के बाद पुलिस की कार्रवाई को व्यापक पहचान मिली.
दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल से बने आईपीएस अधिकारी
विजय सिंह गुर्जर मूल रूप से झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ तहसील के देवीपुरा बणी गांव के निवासी हैं. किसान परिवार में जन्मे विजय ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में की थी. इसके बाद यूपीएएसी परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए. वह गुजरात कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और राजकोट ग्रामीण में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं. किसानों की जमीन से जुड़े मामले में कार्रवाई और गुजरात के गृह मंत्री से मिली प्रशंसा ने उनकी उपलब्धि को नई पहचान दी है.



