Rajasthan

क्या पार्षदों की लग रही है बोली? बीजेपी पर भड़के अशोक गहलोत, कांग्रेस संगठन पर भी उठाए सवाल

Last Updated:September 18, 2026, 12:27 IST

Ashok Gehlot News : राजस्थान निकाय चुनावों के परिणामों के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सत्तारुढ़ भजनलाल सरकार और भाजपा को घेरने के साथ ही कांग्रेस संगठन को भी सवालों के कटघरे में खड़ा किया है. गहलोत ने सवाल उठाया कि अगर सरकार के खिलाफ माहौल था और संगठन ने भी खूब काम किया है तो वोट कांग्रेस की बजाय निर्दलीयों के खाते में कैसे गए? राजस्थान : क्या पार्षदों की लग रही है बोली, बीजेपी पर क्यों भड़के अशोक गहलोत?Zoomपूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सवाल उठाया कि अगर जनता सरकार से नाराज थी तो कांग्रेस के साथ क्यों नहीं आई? बीजेपी से छिटका वोट निर्दलीयों की तरफ क्यों चला गया?

जयपुर. राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. धनबल, सत्ता के दुरुपयोग, पुलिस-प्रशासन के दबाव, परिसीमन और पार्षदों को करोड़ों रुपये के प्रलोभन के आरोप लगाते हुए गहलोत ने सरकार पर तीखे हमले किए हैं. गहलोत की ओर से निकाय चुनावों को लेकर बुलाई गई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की सबसे सियासी बात भाजपा पर लगाए गए आरोपों से इतर रही. वो ये थी कि गहलोत ने कांग्रेस के लिए भी ऐसा सवाल छोड़ दिया जिससे प्रदेश संगठन को दो-चार होना पड़ेगा. पूर्व सीएम का प्रदेश नेतृत्व से सवाल था कि अगर जनता सरकार से नाराज थी तो कांग्रेस के साथ क्यों नहीं आई? बीजेपी से छिटका वोट निर्दलीयों की तरफ क्यों चला गया?

अशोक गहलोत ने इस पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया है. पंचायत स्तर तक संगठन बनाया गया. जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन किए गए और पार्टी ने जमीन पर खूब काम किया. इसके बावजूद जनता का रुख निर्दलीयों की तरफ होना पार्टी के लिए चिंता का विषय होना चाहिए. अगर पार्टी के स्तर पर आक्रामक रणनीति बनाई जाती तो चुनाव परिणाम शायद कुछ और होते. गहलोत का यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि निकाय चुनाव मौजूदा प्रदेश कांग्रेस संगठन के लिए भी एक बड़ा चुनावी इम्तिहान था. संगठन सृजन के बाद पार्टी में जिस जमीनी नेटवर्क को मजबूत करने की बात कही गई उसका चुनावी असर कितना हुआ?

गहलोत ने संगठन की चुनावी तैयारियों पर साधा निशानाअब इसी पर सवाल उठ रहा है. हालांकि गहलोत ने किसी नेता का नाम लेकर सवाल नहीं उठाया लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर संगठन की चुनावी तैयारियों और जमीन पर उसकी पकड़ की तरफ माना जा रहा है. गहलोत का सवाल था कि संगठन है. कार्यकर्ता हैं. मुद्दे हैं और सरकार के खिलाफ नाराजगी भी बताई जा रही है. फिर वोट निर्दलीयों के पाले में क्यों चला गया? यही वह सवाल है जिसका जवाब कांग्रेस को पंचायत चुनाव से पहले तलाशना होगा ताकि कमी को दूर किया जा सके. पंचायत चुनाव में जनता का निर्दलीयों की ओर जाने वाला रुख कांग्रेस की ओर मोड़ा जा सके.

Watch Live : नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा सरकार के अलोकतांत्रिक कृत्यों पर प्रेस वार्ता।https://t.co/b2risTy78o

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