बूंदी अस्पताल में 2 प्रसूताओं की मौत, सिजेरियन के बाद बिगड़ी थी तबीयत, OT जांच तक बंद

Last Updated:September 18, 2026, 12:51 IST
Bundi Hospital Maternal Death Case: बूंदी जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में दो प्रसूताओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है. 16 और 17 सितंबर को अस्पताल में चार महिलाओं का सिजेरियन प्रसव कराया गया था. प्रसव के बाद चारों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उपचार के लिए रेफर किया गया. इनमें 32 वर्षीय कविता और 33 वर्षीय वर्षा की उपचार के दौरान मौत हो गई. प्रारंभिक तौर पर यूरिन रुकने और किडनी फेल्योर जैसी स्थिति की आशंका जताई जा रही है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले की गंभीरता को देखते हुए ऑपरेशन थिएटर को जांच रिपोर्ट आने तक बंद कर दिया गया है. सैंपलिंग के लिए टीम भेजी गई है. अतिरिक्त जिला कलेक्टर एच.डी. सिंह ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों और स्टाफ से जानकारी ली. जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की दो उच्च स्तरीय टीमें गठित की गई है. बूंदी जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में दो प्रसूताओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप
बूंदी. राजस्थान के बूंदी जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में दो प्रसूताओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है. 16 और 17 सितंबर को अस्पताल में चार महिलाओं का सिजेरियन प्रसव कराया गया था. प्रसव के बाद चारों की तबीयत बिगड़ गई. इनमें से दो महिलाओं को 16 सितंबर को उपचार के लिए रेफर किया गया, जबकि दो अन्य को 17 सितंबर को रेफर किया गया. रेफर की गई महिलाओं में 32 वर्षीय कविता और 33 वर्षीय वर्षा की उपचार के दौरान मौत हो गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को जांच पूरी होने तक बंद कर दिया है. वहीं सैंपलिंग के लिए टीम भी भेजी गई है. घटना की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की अलग-अलग उच्च स्तरीय टीमों का गठन किया गया है. फिलहाल दोनों महिलाओं की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
चार महिलाओं का हुआ था सिजेरियन प्रसव
बताया जा रहा है कि 16 सितंबर को जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में दो महिलाओं का सिजेरियन प्रसव कराया गया था. प्रसव के बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आगे के उपचार के लिए रेफर किया गया. इनमें 32 वर्षीय कविता की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. इसके अगले दिन यानी 17 सितंबर को भी दो महिलाओं का सिजेरियन प्रसव कराया गया. इन दोनों की भी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रेफर किया गया. इनमें 33 वर्षीय वर्षा की भी उपचार के दौरान मौत हो गई. इस तरह दो दिनों में सिजेरियन प्रसव कराने वाली चार महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और दो की मौत होने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया.
यूरिन रुकने और किडनी फेल्योर की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में महिलाओं की मौत के पीछे यूरिन रुकने और किडनी फेल्योर जैसी स्थिति की आशंका जताई जा रही है. यह स्थिति दवा के संभावित साइड इफेक्ट या ऑपरेशन से जुड़ी किसी जटिलता के कारण हुई या नहीं, इसकी जांच की जा रही है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों मौतों की वास्तविक वजह क्या रही. स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति साफ हो सकेगी.
जांच रिपोर्ट आने तक ऑपरेशन थिएटर बंद
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को फिलहाल सील कर दिया गया है. जांच रिपोर्ट आने तक यहां सिजेरियन सहित अन्य ऑपरेशन नहीं किए जाएंगे. साथ ही सैंपल लेने के लिए टीम भेजी गई है. जांच टीम ऑपरेशन थिएटर, दवाओं, इस्तेमाल किए गए मेडिकल उपकरणों और अन्य संभावित कारणों से जुड़े पहलुओं की जांच कर सकती है. घटना की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर एच.डी. सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे. उन्होंने ऑपरेशन थिएटर के स्टाफ, चिकित्सकों और पीएमओ से पूरे मामले की जानकारी ली. अधिकारियों से महिलाओं के उपचार, ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और रेफर किए जाने की प्रक्रिया के बारे में फीडबैक लिया गया.
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की अलग-अलग टीमें गठित
मामले की जांच के लिए दो उच्च स्तरीय टीमों का गठन किया गया है. इनमें एक टीम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच करेगी, जबकि दूसरी टीम प्रशासन की ओर से पूरे मामले की पड़ताल करेगी. दोनों टीमें अस्पताल में हुए ऑपरेशन, मरीजों को दिए गए उपचार, दवाओं और ऑपरेशन के बाद सामने आई जटिलताओं समेत सभी पहलुओं की जांच करेंगी. जिला अस्पताल के पीएमओ एनएल मीणा ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच में जुटी है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Bundi,Rajasthan
First Published :
September 18, 2026, 12:51 IST



