Rajasthan

क्वालिटी डेंटल केयर से आगे बढ़ा डेंटल टूरिज्म, अब तकनीक और कम विजिट पर जोर; जयपुर बना नया ग्लोबल हब

जयपुर. देश में डेंटल टूरिज्म का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है. पहले जहां विदेशी और बाहरी मरीजों के लिए भारत आकर इलाज कराने का मुख्य आकर्षण केवल कम लागत होता था, वहीं अब ट्रेंड बदल चुका है. आज का मरीज एडवांस टेक्नोलॉजी, कम विजिट, कम समय में सटीक इलाज, आराम और बेहतर प्रेडिक्टेबिलिटी को पहली प्राथमिकता दे रहा है. इसी बड़े बदलाव के बीच जयपुर देश और दुनिया में डेंटल टूरिज्म के एक बड़े उभरते केंद्र (ग्लोबल हब) के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है.

अब देश के महानगरों के साथ-साथ सात समंदर पार से भी मरीज डिजिटल डेंटिस्ट्री, सेम-डे स्माइल मेकओवर, कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री, माइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री, डेंटल इम्प्लांट और कंप्लीट स्माइल रिहैबिलिटेशन जैसी एडवांस सुविधाओं के लिए गुलाबी नगरी का रुख कर रहे हैं.

आधुनिक डेंटल टूरिज्म का नया चेहरानिर्माण नगर स्थित डॉ. रेनु डेंटल क्लिनिक की फाउंडर एवं चीफ डेंटल सर्जन डॉ. रेनु चौधरी बताती हैं, आधुनिक डेंटल टूरिज्म अब सिर्फ किफायती इलाज तक सीमित नहीं रह गया है. बाहर से आने वाले मरीजों के पास समय की कमी होती है, इसलिए वे ऐसी तकनीक चाहते हैं जिससे क्लिनिक के चक्कर कम से कम लगाने पड़ें और इलाज का परिणाम 100% सटीक और उनकी उम्मीदों के मुताबिक हो. डिजिटल डेंटिस्ट्री ने इस दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है. 17 से अधिक वर्षों के क्लिनिकल अनुभव के साथ डॉ. रेनु चौधरी इस क्षेत्र में वैश्विक मानकों को अपना रही हैं.

जयपुर आ रहे हैं हर महीने दर्जनों मरीजजयपुर की बेहतर एयर, रेल और रोड कनेक्टिविटी, विश्व स्तरीय हॉस्पिटैलिटी और समृद्ध पर्यटन संस्कृति के कारण यह शहर मेडिकल टूरिस्ट्स की पहली पसंद बनता जा रहा है. डॉ. रेनु चौधरी के अनुसार, उनके क्लिनिक में हर महीने औसतन 20 से 25 इंटरनेशनल मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. इनमें अमेरिका (USA), ब्रिटेन, मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी और बेल्जियम जैसे विकसित देशों के मरीज शामिल हैं. सिर्फ विदेशी ही नहीं, बल्कि भारत के बड़े शहरों जैसे दिल्ली-एनसीआर (गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद), चंडीगढ़, अहमदाबाद, मुंबई और बेंगलुरु से भी लोग एडवांस डेंटल ट्रीटमेंट के लिए विशेष रूप से जयपुर आ रहे हैं.

डिजिटल डेंटिस्ट्री और सेम-डे ट्रीटमेंट से खत्म हुआ इंतजारपारंपरिक डेंटिस्ट्री में दांतों के नाप के लिए फिजिकल मोल्ड्स (सांचे) का इस्तेमाल होता था, जो काफी तकलीफदेह और समय लेने वाला होता था. लेकिन अब क्लिनिक में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकों ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान और तेज बना दिया है. CAD/CAM और प्राइमस्कैन आधुनिक तकनीक की मदद से मरीजों के दांतों की डिजिटल स्कैनिंग की जाती है और कंप्यूटर की मदद से कुछ ही घंटों में बेहद सटीक क्राउन (कैप) या रिस्टोरेशन तैयार कर लिए जाते हैं. सेम-डे स्माइल मेकओवर में बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए समय सबसे कीमती होता है.

इन नई तकनीकों पर विशेष जोरसीएडी/सीएएम तकनीक के कारण अब चुनिंदा मामलों में Same-Day Crown और Same-Day Smile Makeover जैसी सुविधाएं संभव हो चुकी हैं, जिससे मरीजों का हफ्तों का इंतजार मिनटों में बदल गया है. डिजिटल स्माइल डिजाइन में कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री के तहत इस तकनीक से इलाज शुरू होने से पहले ही मरीज के चेहरे और होठों के अनुपात के हिसाब से उसकी नई मुस्कान (स्माइल) को कंप्यूटर पर डिजाइन कर लिया जाता है. मरीज इलाज शुरू होने से पहले ही देख सकता है कि उसका फाइनल लुक कैसा दिखेगा. स्माइल मेकओवर के लिए आज ई.मैक्स विनियर्स और जिरकोनिया क्राउन जैसे बेहद मजबूत और नेचुरल दिखने वाले विकल्पों की मांग सबसे ज्यादा है.

सुरक्षा, सटीकता और एडवांस डायग्नोसिस पर फोकसदांतों की जड़ों के बारीक इलाज और सर्जरी को पूरी सटीकता से करने के लिए अब माइक्रोस्कोपिक डेंटिस्ट्री का उपयोग किया जा रहा है. इसके साथ ही क्लिनिक के भीतर ही उपलब्ध 3D सीबीसीटी इमेजिंग और डिजिटल ओपीजी से सटीक डायग्नोसिस की सुविधा एक ही छत के नीचे मिल जाती है. मरीजों के आराम के लिए जीरो सेंसिटिविटी और मसूड़ों की सेहत के लिए एडवांस स्विस प्रोटोकॉल EMS गाइडेड बायोफिल्म थेरेपी जैसी तकनीकों पर जोर बढ़ा है. अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए क्लिनिक में 6-स्टेप स्टेरिलाइजेशन प्रोटोकॉल के जरिए संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा का कड़ा ध्यान रखा जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में तकनीक, कम विजिट, मरीजों का कम्फर्ट और प्रिसिजन आधारित उपचार ही डेंटल टूरिज्म की नई दिशा तय करेंगे. इस रेस में जयपुर अपनी अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और बेहतरीन टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर वैश्विक पटल पर लीडर बनकर उभर रहा है.

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