Rajasthan

खेतों में कटी फसल पर बारिश की मार, रातभर हुई बारिश से फसल भीगी, किसानों को नुकसान का डर

Last Updated:September 29, 2026, 17:33 IST

Crop Damage Rajasthan: बीती रात हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में कटी हुई फसल बारिश के कारण भीग गई, जिससे इसके खराब होने की आशंका जताई जा रही है. किसानों के अनुसार, फसल कटाई के बाद खेतों में रखी उपज पर बारिश का सीधा असर पड़ सकता है. अचानक हुई बारिश से किसानों की मेहनत और तैयार फसल को नुकसान होने की चिंता बनी हुई है.

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खेतों में कटी फसल पर बारिश की मार, रातभर हुई बारिश से फसल भीगीZoomअचानक हुई बारिश ने अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी

कोटपूतली: कोटपूतली जिले के विराटनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेड इलाके में बीती रात अचानक हुई बारिश ने अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी है. पिछले कुछ दिनों से मौसम के बदले मिजाज के बीच एक दिन पहले रात को हुई लगभग 30 मिनट की झमाझम बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेरने का अंदेशा पैदा कर दिया है. इस बेमौसम बरसात के कारण खेतों में कटकर सूखने के लिए पड़ी बाजरे की फसल पूरी तरह भीग गई है, जिससे किसानों में भारी मायूसी और चिंता का माहौल है.

रात के वक्त अचानक शुरू हुई बारिश से बचने और अपनी फसल को सुरक्षित करने के लिए किसानों ने भारी मशक्कत की. कई किसान रात के अंधेरे और बारिश के बीच ही खेतों में दौड़ पड़े और भीगती हुई बाजरे की फसल को तिरपाल से ढकने या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास करने लगे. हालांकि, अचानक और तेज बारिश होने के कारण अधिकांश किसानों को अपनी कटी हुई फसल को बचाने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाया, जिससे फसल खुले आसमान के नीचे ही भीग गई.

गुणवत्ता खराब होने और दाने काले पड़ने का डरकृषि जानकारों और स्थानीय किसानों के अनुसार, बाजरे की फसल की कटाई के बाद उसे सूखने के लिए पर्याप्त धूप और हवा की आवश्यकता होती है. लेकिन बारिश के कारण कटी हुई फसल में अत्यधिक नमी (मॉइस्चर) आ गई है. किसानों को इस बात का सबसे बड़ा डर सता रहा है कि यदि धूप नहीं निकली और नमी बनी रही, तो बाजरे के दाने काले पड़ सकते हैं और उनकी गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा. इससे बाजार में उनकी फसल का उचित दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा.

खड़ी फसलों पर भी मंडरा रहा है संकटयह बेमौसम बारिश केवल कटे हुए बाजरे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे खेतों में लहलहा रही अन्य खरीफ फसलों पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है. मेड क्षेत्र में इस समय बाजरे के अलावा ग्वार, मूंग, मोठ और मूंगफली की फसलें पककर तैयार हैं या कटाई के चरण में हैं. किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का यह दौर दोबारा दोहराया गया, तो इन तमाम फसलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों भारी रूप से प्रभावित होंगी.

अन्नदाताओं ने प्रशासन और कृषि विभाग से मांग कीअन्नदाताओं ने प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द विशेष गिरदावरी करवाकर हुए नुकसान का आकलन किया जाए, ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके. फिलहाल, किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं और मौसम के साफ होने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि वे अपनी बची-खुची फसल को सुरक्षित समेट सकें.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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Jaipur,Rajasthan

First Published :

September 29, 2026, 17:33 IST

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