चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, महिला ने दिया बेटे को जन्म, रेल मदद से रेलवे ने पहुंचाई चिकित्सा सहायता

Last Updated:September 23, 2026, 19:43 IST
Kota Railway News: कोटा रेल मंडल में मन्नारगुडी-जोधपुर एक्सप्रेस में एक 26 वर्षीय महिला ने बेटे को जन्म दिया. कोटा स्टेशन से ट्रेन रवाना होने के बाद महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई. एक यात्री ने रेल मदद के जरिए रेलवे को सूचना दी. इसके बाद सवाई माधोपुर स्टेशन पर मेडिकल टीम को अलर्ट किया गया. चलती ट्रेन में प्रसव के बाद स्टेशन पर मां और नवजात की जांच कर चिकित्सा सहायता दी गई.
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चलती मन्नारगुडी-जोधपुर एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी
कोटा: भारतीय रेलवे एक बार फिर यात्रियों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ है. कोटा रेल मंडल के अंतर्गत चलती हुई एक एक्सप्रेस ट्रेन में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला यात्री का सुरक्षित प्रसव कराया गया. रेलवे कर्मचारियों, नियंत्रण कक्ष और चिकित्सा टीम की बेहतरीन सूझबूझ और तत्परता के चलते महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया. समय पर मदद मिलने से मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं, जिससे पूरे परिवार और ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों ने राहत की सांस ली है.
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने पूरी घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 26 वर्षीय महिला यात्री शारदा अपने पति और परिवार की पांच-छह महिला सदस्यों के साथ गाड़ी संख्या 22674 मन्नारगुडी-जोधपुर एक्सप्रेस के सामान्य श्रेणी (जनरल कोच) में सवार होकर जोधपुर जा रही थीं. ट्रेन जब सुबह 05:35 बजे कोटा रेलवे स्टेशन से अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई, तो कुछ ही देर बाद अचानक महिला को गंभीर प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. चलती ट्रेन में अचानक आई इस आपातकालीन स्थिति से परिवार के लोग घबरा गए.
रेल मदद ऐप और कंट्रोल रूम की तुरंत सक्रियतामुश्किल समय में परिवार की मदद के लिए ट्रेन में सफर कर रहे एक अन्य सतर्क यात्री ने तुरंत ‘रेल मदद’ के माध्यम से कोटा वाणिज्य नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही कोटा वाणिज्य नियंत्रण कक्ष ने बिना एक पल भी गंवाए अत्यधिक मुस्तैदी दिखाई. नियंत्रण कक्ष ने तुरंत अगले मुख्य स्टेशन यानी सवाई माधोपुर के स्टेशन प्रबंधक देशराज मीणा को फोन पर पूरी स्थिति से अवगत कराया.
स्टेशन पर पहले से तैयार थी मेडिकल टीमसवाई माधोपुर के स्टेशन प्रबंधक देशराज मीणा ने सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से रेलवे चिकित्सालय की मेडिकल टीम को अलर्ट किया. ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही प्लेटफार्म पर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ सभी जरूरी दवाइयों और उपकरणों के साथ पूरी तरह मुस्तैद खड़े थे. इसी बीच, चलती हुई ट्रेन के भीतर ही प्रसव प्रक्रिया पूरी हुई और महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया.
सवाई माधोपुर स्टेशन पर हुआ स्वास्थ्य परीक्षणजैसे ही ट्रेन सवाई माधोपुर स्टेशन पर रुकी, रेलवे की मेडिकल टीम तुरंत कोच के भीतर पहुंची. डॉक्टरों ने नवजात शिशु और जच्चा (मां) दोनों के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की और आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया. जांच के दौरान मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ पाए गए. रेलवे प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई से प्रभावित होकर परिवार वालों ने रेलवे कर्मियों, कंट्रोल रूम और मेडिकल टीम का दिल से आभार व्यक्त किया है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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September 23, 2026, 19:43 IST



