Rajasthan

जयपुर के शाही महलों में क्यों बिछती हैं मिर्जापुर की कालीनें? डिजाइन से कीमत तक जानिए खासियत

Last Updated:October 09, 2026, 10:33 IST

Jaipur Mirzapur Handmade Carpets Demand: जयपुर के बाजारों और शाही महलों से लेकर लग्जरी होटलों तक उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की हस्तनिर्मित कालीनों की खास पहचान है. फेस्टिवल सीजन में इन कालीनों की मांग बढ़ जाती है. इसी को देखते हुए मिर्जापुर के कारीगर अपनी आकर्षक कालीनों के साथ जयपुर के जवाहर कला केंद्र में पहुंचे हैं. कारीगरों के मुताबिक, मिर्जापुर की कालीनें पूरी तरह हाथों से तैयार की जाती हैं और अपनी बेहतरीन कारीगरी के लिए देश-विदेश में मशहूर हैं. यहां वूलन, कॉटन और सिल्क जैसी अलग-अलग वैरायटी के साथ टर्किश और मॉडर्न डिजाइन की कालीनें उपलब्ध हैं. इनकी कीमत करीब 5 हजार रुपए से शुरू होकर लाखों रुपए तक जाती है. जयपुर में 50 हजार से 10-15 लाख रुपए तक की कालीनों की अच्छी मांग रहती है. कारीगरों का दावा है कि कुछ खास कालीनें तैयार करने में महीनों लगते हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भेजा जाता है.Amazon Prime DayTop Deals Inside

जयपुर. राजधानी जयपुर कला संस्कृति और बाजार से जुड़ा शहर है. यहां के हस्तकला और शिल्पकला के कलाकारों के हुनर का डंका देश-विदेश में बजता है. जयपुर में लोकल ही नहीं बल्कि देशभर के हैंडमेड प्रोडक्ट्स को लोग ख़ूब पंसद करते हैं. ख़ासतौर पर उत्तर प्रदेश के वो प्रोडक्ट्स जिनकी जयपुर में खूब डिमांड रहती है, उनमें मिर्जापुर की कालीन सबसे खास है. जयपुर के शाही किलों-महलों से लेकर यहां की लग्जरी होटलों की सुंदरता में मिर्जापुर की कालीन चार चांद लगाती है. इसलिए पूरे साल जयपुर में मिर्जापुर की कालीन के कारीगर व्यापार के लिए जयपुर आते हैं. फेस्टिवल सीजन में कालीन की ज्यादा डिमांड रहती है.

जयपुर के जवाहर कला केंद्र में मिर्जापुर के कारीगर अपनी सुंदर कालीनों को लेकर यहां पहुंचे हैं. मिजापुर से आए कारीगरों से लोकल 18 ने जयपुर में डिमांड को लेकर बात भी की. कारीगरों ने बताया कि मिर्जापुर की कालीन वर्ल्ड फेमस है, जिसकी आम लोगों से लेकर वीआईपी तक के बीच डिमांड रहती है, क्योंकि मिर्जापुर की कालीन पूरी तरह हैंडमेड होता है. कालीन की वैरायटी की बात करें तो वूलन कालीन, कॉटन कालीन, सिल्क कालीन जैसे अलग-अलग मटेरियल से बेहतरीन डिजाइन, साइज और अलग-अलग रंगों में तैयार की जाती है, जिन्हें पूरी तरह हाथों से तैयार किया जाता है.

फेस्टिवल सीजन में जयपुर में रहती है कालीन की बंपर डिमांड

कालीन कारीगर ने लोकल 18 को बताया कि जयपुर हेरिटेज सिटी है, इसलिए यहां की ऐतिहासिक इमारतों, किलों महलों, हॉटलों,  बंग्लों और कोठियों में कालीन की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है. ख़ासतौर पर दिपावली से पहले कालीन की डिमांड ज्यादा रहती है. इसलिए सामान्य से लेकर वीआईपी लोगों के लिए उनके बजट के हिसाब से कालीन लेकर यहां आते हैं. जयपुर में वैसे सबसे ज्यादा डिमांड टर्किस और मॉडर्न डिजाइन की कालीन की रहती है. कारीगर बताते हैं कि उनके पास 5 हजार रुपए की शुरुआती कीमत के साथ अलग-अलग वैरायटी और डिजाइन के हिसाब से लाखों रूपए तक की कालीन होती है. खासतौर पर जयपुर में 50 हजार से लेकर 10 से 15 लाख रुपए तक की कीमत की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है.

कैसे तैयार होती है लाखों रुपए की कालीन

कालीन कारीगर बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में पीढ़ियों से लोग कालीन बनाने के काम में लगे हुए हैं, इसलिए हर इलाके के कालीन में कुछ खास सुंदरता और क्वालिटी देखने को मिलती है. बेहतरीन डिजाइन वाली कालीन बनाने में 5 से 10 दिन का समय लगता है, जो पूरी तरह वॉशेबल और वॉटर प्रूफ होती है. इसके अलावा कुछ ऐसी खास कालीन भी हैं, जिन्हें तैयार करने में महीनों का समय लगता है. इस तरह के कालीन को 3 से 4 कारीगर मिलकर तैयार करते है.  विदेशों में भेजने के लिए भी ईरान, टर्की और ऑस्ट्रेलिया सिल्क जैसे डोंरों की क्वालिटी में कालीन तैयार होते हैं, जो 10 से 50 लाख रुपए की कीमत के साथ बिकती है.  हाल ही में 3 करोड़ रुपए की कालीन कजाकिस्तान भेजी थी. दुनियाभर से कालीन के ऑफर मिलते हैं. साथ ही बीच-बीच में भारत के शहरों में आयोजित शॉपिंग फेस्टिवल और फेयरों में अपनी कालीन लेकर पहुंचते हैं. जयपुर में अन्य शहरों के मुकाबले कालीन की डिमांड ज्यादा रहती है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Jaipur,Rajasthan

First Published :

October 09, 2026, 10:33 IST

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