झुंझुनूं में गायों के लिए फरिश्ते बने ये लोग, सालों से कर रहे सेवा, भामाशाहों के सहयोग से संवर रहा गौ अस्पताल

Last Updated:October 26, 2026, 16:53 IST
Jhunjhunu News: झुंझुनूं के सूरजगढ़ में गोरक्षा सेवा समिति पिछले 10 साल से घायल और बीमार गोवंश की सेवा में जुटी है. कार्यकर्ताओं की मेहनत और भामाशाहों के लाखों रुपए के सहयोग से गौ अस्पताल में मेडिकल रूम, ऑपरेशन थियेटर, चारा गृह और दूसरी जरूरी सुविधाएं विकसित की गई हैं. फिलहाल यहां 25 से 30 गोवंश की देखभाल की जा रही है.
झुंझुनूं. सत्यप्रकाश सोनी। बेजुबान सड़क हादसे में घायल हो या बीमारी से जूझ रहा हो, जब उसे मदद की जरूरत होती है, तब सूरजगढ़ की गोरक्षा सेवा समिति के कार्यकर्ता उसके लिए सहारा बनकर पहुंचते हैं. सूचना मिलते ही अपना काम छोड़कर मौके पर पहुंचना, घायल गोवंश को अस्पताल लाना, उपचार करवाना और स्वस्थ होने तक उसकी देखभाल करना समिति के सदस्यों की दिनचर्या बन चुका है. पिछले करीब 10 साल से चल रही इस सेवा ने न केवल बेसहारा गोवंश को नया जीवन देने का प्रयास किया है, बल्कि समाज के लोगों को भी सेवा के इस कार्य से जोड़ा है. कार्यकर्ताओं के समर्पण से प्रभावित होकर भामाशाहों ने लाखों रुपए खर्च कर गौ अस्पताल में जरूरी सुविधाएं विकसित करवाई हैं.
सूरजगढ़ के चाणक्यपुरी में गोरक्षा सेवा समिति की ओर से संचालित गौ अस्पताल बीमार और घायल गोवंश की देखभाल का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है. यहां आमजन और भामाशाहों के सहयोग से उपचार और देखरेख की व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं. सड़क हादसों में घायल और बीमार गोवंश को अस्पताल लाकर पशु चिकित्सकों की मदद से उपचार करवाया जाता है. स्वस्थ होने वाले गोवंश को वापस खुले वातावरण में छोड़ दिया जाता है, जबकि गंभीर हालत में चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं को अस्पताल में ही रखा जाता है. वर्तमान में यहां करीब 25 से 30 गोवंश की देखभाल और उपचार किया जा रहा है.
लम्पी संक्रमण के दौरान बनाया क्वारेंटाइन सेंटर
समिति के सेवाभाव की पहचान उस समय भी सामने आई, जब लम्पी संक्रमण ने गोवंश को अपनी चपेट में लिया था. संक्रमण के दौरान बीमार पशुओं की देखभाल और उपचार के लिए समिति ने अलग से क्वारेंटाइन सेंटर बनाया. यहां संक्रमित गोवंश को दूसरे पशुओं से अलग रखकर उपचार की व्यवस्था की गई. समिति के प्रयासों से कई गोवंश की जान बचाने में सफलता मिली, इस मुश्किल दौर में कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण देखकर भामाशाह भी सहयोग के लिए आगे आए. किसी ने भवन निर्माण में मदद की, तो किसी ने गर्मी से राहत के लिए कूलर और चारे की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग दिया.
गौ अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के पीछे भामाशाहों और आमजन का महत्वपूर्ण योगदान है. गोपाल बरासिया ने दो लाख रुपए की लागत से मेडिकल रूम और एक लाख रुपए खर्च कर शौचालय का निर्माण करवाया. घायल गोवंश को अस्पताल तक पहुंचाने में सुविधा हो, इसके लिए पिकअप गाड़ी में दो लाख रुपए की लागत से लिफ्ट सिस्टम लगवाया गया. बुरहानपुर प्रवासी रामधारी मित्तल ने तीन लाख रुपए की लागत से चारा गृह बनवाया. महेश राणासरिया झुंझुनूं ने चार लाख रुपए खर्च कर श्रीकृष्ण गौ मंदिर की स्थापना करवाई. कोलकाता प्रवासी मांगेलाल मित्तल ने ढाई लाख रुपए की लागत से सोलर सिस्टम युक्त बोरिंग बनवाया. वहीं, दिल्ली प्रवासी महेश शाह, सुरेश झुंझुनूंवाला और संजय डीडवाणिया के सहयोग से ऑपरेशन थियेटर का निर्माण करवाया. समिति संरक्षक सज्जन अग्रवाल ने एक लाख रुपए की लागत से वाटर कूलर युक्त प्याऊ बनवाई. इसके अलावा अस्पताल में स्टोर रूम भी जनसहयोग से तैयार किया.
चारदीवारी से टिन शेड तक, लगातार बढ़ रहीं सुविधाएं
अस्पताल में गोवंश को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. हाल ही में जनसहयोग से अस्पताल की चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाई गई और टिन शेड की लंबाई बढ़ाई गई. समिति के सदस्य बीमार या घायल गोवंश की सूचना मिलने पर कार्यकर्ता दिन हो या रात, मौके पर पहुंचने का प्रयास करते हैं. जरूरत पड़ने पर पिकअप के जरिए पशु को अस्पताल लाया जाता है और पशु चिकित्सकों की मदद से उपचार करवाया जाता है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी बीमार या घायल गोवंश को स्वस्थ होते देखना उनके लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है. सूरजगढ़ का गौ अस्पताल सेवा, समर्पण और सामाजिक भागीदारी की मिसाल बन रहा है. करीब एक दशक से समिति के कार्यकर्ता बेसहारा गोवंश की देखभाल में जुटे हैं, वहीं भामाशाह अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग देकर इस अभियान को मजबूती दे रहे हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
October 26, 2026, 16:44 IST



