ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, ब्रेल किट और हियरिंग एड; विशेष जरूरत वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई होगी आसान

Last Updated:September 12, 2026, 22:05 IST
Sikar Special School : सीकर के सरकारी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए 12 ब्लॉक में संदर्भ कक्ष बनेंगे. पढ़ाई व थेरेपी में मदद मिलेगी. कक्ष में बिजली, पानी और रैंप जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी. दिव्यांग विद्यार्थियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए कमरे तक पहुंच आसान रखना जरूरी होगा. इसके अलावा संदर्भ कक्ष में उपलब्ध उपकरणों और शिक्षण सामग्री का रिकॉर्ड रखा जाएगा.
Sikar News: सीकर जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है. समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के सभी 12 ब्लॉक में संदर्भ कक्ष बनाए जाएंगे. इन कक्षों का उद्देश्य ऐसे स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ-साथ उनकी जरूरत के अनुसार एक्स्ट्रा एक्टिविटी में सहयोग देना है. यहां बच्चों को सहायक शिक्षण सामग्री, उपकरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से सत्र 2026-27 के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार संदर्भ कक्षों में विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को शैक्षणिक और थेरेपी संबंधी सहयोग दिया जाएगा. बच्चों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहेंगे. विशेष शिक्षक की मदद से स्टूडेंट्स को पढ़ाई समझने, अभ्यास करने और स्कूल की गतिविधियों में भाग लेने में सहायता दी जाएगी.
संदर्भ कक्षों में विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार कई तरह के सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे. इनमें ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, स्टैंडिंग फ्रेम, कैलकुलेटर, ब्रेल किट और हियरिंग एड सहित अन्य सामग्री शामिल होगी. इन उपकरणों का इस्तेमाल संबंधित विद्यार्थियों की जरूरत के हिसाब से किया जाएगा. इससे शारीरिक या अन्य चुनौतियों का सामना कर रहे बच्चों को पढ़ाई में अधिक आसानी होगी और उनकी स्कूल गतिविधियों में भागीदारी भी बढ़ेगी.
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इन संदर्भ कक्षों के लिए स्कूल में ऐसा कमरा चुना जाएगा, जो बच्चों के लिए आसानी से पहुंच योग्य और सुविधाजनक हो. कक्ष में बिजली, पानी और रैंप जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी. दिव्यांग विद्यार्थियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए कमरे तक पहुंच आसान रखना जरूरी होगा. इसके अलावा संदर्भ कक्ष में उपलब्ध उपकरणों और शिक्षण सामग्री का रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि सामग्री की उपलब्धता और उपयोग की नियमित निगरानी की जा सके.
संदर्भ कक्ष का संचालन विशेष शिक्षक की देखरेख में किया जाएगा. यहां स्टूडेंट्स की जरूरत के अनुसार उन्हें निर्धारित समय पर संदर्भ कक्ष में बुलाया जाएगा और पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में सहयोग दिया जाएगा. यहां बच्चों की सीखने की क्षमता और जरूरत के अनुसार शिक्षण प्रक्रिया अपनाई जाएगी. विभाग ने प्रत्येक संदर्भ कक्ष में प्रतिदिन कम से कम 10 बच्चों को सुविधा देने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
राजस्थान स्तर पर यह व्यवस्था प्रदेश के 378 ब्लॉक मुख्यालयों पर लागू की जाएगी. दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक ब्लॉक के लिए संदर्भ कक्ष संचालन पर 20 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. इस राशि में संदर्भ कक्ष में आने वाले बच्चों का वास्तविक किराया, उपकरणों का रखरखाव, शिक्षण सामग्री और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं शामिल हैं. इससे ब्लॉक स्तर पर बच्चों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
सीकर जिले के 12 ब्लॉकों के लिए कुल 2.40 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है. इसमें प्रत्येक संदर्भ कक्ष के लिए 12 हजार रुपए बच्चों के वास्तविक किराए तथा 8 हजार रुपए उपकरणों के रखरखाव, शिक्षण सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाएंगे. विभाग का मानना है कि संदर्भ कक्ष शुरू होने से विशेष आवश्यकता वाले स्टूडेंट्स को स्थानीय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक सहयोग मिलेगा और उनकी पढ़ाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
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September 12, 2026, 22:05 IST



