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नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री को चढ़ाएं शतावरी, आयुर्वेद में मानी जाती है खास औषधि, जानें फायदे

Last Updated:October 19, 2026, 12:25 IST

Shatavari Health Benefits: शतावरी का इस्तेमाल आयुर्वेद में लंबे समय से औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसे मां सिद्धिदात्री को प्रसाद के रूप में भी चढ़ाया जाता है. आज नवरात्रि के नौवें दिन जानें शतवारी का सेवन सेहत के लिए कैसे फायदेमंद साबित होता है.

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Amazon Prime DayTop Deals Insideमां सिद्धिदात्री से जुड़ी है शतावरी, आयुर्वेद में क्यों मानी जाती है इतनी खास?Zoom

Shatavari Health Benefits: नवरात्र के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. उन्हें सभी सिद्धियों को प्रदान करने वाली देवी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को ज्ञान, आरोग्य और नई ऊर्जा का आशीर्वाद देती हैं. नवरात्र में देवी के नौ स्वरूपों के साथ अलग-अलग औषधियों का संबंध भी बताया जाता है. इसी कड़ी में मां सिद्धिदात्री को शतावरी चढ़ाने की मान्यता है. जिस तरह मां सिद्धिदात्री को सौ सिद्धियां देने वाली देवी कहा जाता है, उसी तरह शतावरी भी शरीर को अनेक तरह से पोषण देती है.

आयुर्वेद में शतावरी की जड़ का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है. इसे पारंपरिक रूप से शरीर को पोषण देने और सेहत बनाए रखने वाली औषधि माना जाता है. आइए जानते हैं कि शतावरी क्या है और आयुर्वेद में इसे किन कारणों से खास माना जाता है.

शतावरी के फायदेशतावरी का इस्तेमाल आयुर्वेद में महिलाओं की सेहत से जुड़ी समस्याओं के लिए भी किया जाता है. पारंपरिक रूप से इसे प्रजनन स्वास्थ्य और स्तनपान के दौरान दूध बनने में सहायता के लिए उपयोग किया जाता रहा है. शतावरी को कुछ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में तनाव से निपटने में सहायक माना जाता है. आयुर्वेद में शतावरी की जड़ का उपयोग पेट की जलन और एसिडिटी जैसी समस्याओं में भी किया जाता है.शतावरी में कुछ ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सिडेंट गुण हो सकते हैं. ये शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सिडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभाते हैं.

शतावरी के सेवन का तरीकाशतावरी का सेवन आयुर्वेद में कई तरीकों से किया जाता है. आमतौर पर इसे पाउडर, कैप्सूल या पारंपरिक मिश्रण के रूप में लिया जाता है. आमतौर पर शतावरी के पाउडर को दूध या गुनगुने पानी के साथ लेना अच्छा माना जाता है. हालांकि, इसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और सेवन के उद्देश्य पर निर्भर करती है.

इस बात का ध्यान रखेंशतावरी एक पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि है, लेकिन प्राकृतिक होने का मतलब यह नहीं कि यह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित है. इसका सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें, खासकर अगर आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या किसी बीमारी की दवा ले रही हैं.

About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

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New Delhi,Delhi

First Published :

October 19, 2026, 12:25 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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