न्यूजीलैंड दौरे पर अपने खर्चे पर 5 नेट गेंदबाज ले जाएंगे शुभमन गिल, भारतीय टेस्ट कप्तान का मास्टरस्ट्रोक

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में अनुशासन, आक्रामक तैयारी और खुद को हर चुनौती के लिए तपाने की परंपरा रही है. लेकिन अब भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने एक ऐसा अनूठा और अभूतपूर्व कदम उठाया है, जिसने क्रिकेट गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है. न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी कठिन टेस्ट शृंखला को पूरी तरह से गंभीरता से लेते हुए 26 वर्षीय कप्तान गिल ने अपने दौरे के लिए खुद के खर्चे पर चार से पांच नेट गेंदबाजों को साथ ले जाने का फैसला किया है. यह किसी भी भारतीय क्रिकेटर द्वारा विदेशी दौरे पर अपनी जेब से गेंदबाजों का विशेष समूह ले जाने का अब तक का पहला वाकया माना जा रहा है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) विदेशी दौरों पर भारतीय टीम के अभ्यास के लिए हमेशा से नेट गेंदबाजों की व्यवस्था करता रहा है, लेकिन गिल की यह व्यक्तिगत पहल उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता और जीत के प्रति उनकी भूख को स्पष्ट रूप से दर्शाती है. बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गिल न्यूजीलैंड दौरे के लिए 23 या 24 अक्टूबर को रवाना हो सकते हैं. उनके साथ जाने वाले इन चारों-पांचों गेंदबाजों के आने-जाने के हवाई किराए, ठहरने और यात्रा से जुड़े अन्य सभी खर्चों का वह खुद वहन करेंगे.
व्यस्त शेड्यूल के कारण पहले रवाना होने का फैसला इस फैसले के पीछे का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अत्यधिक व्यस्त कार्यक्रम है. इस समय भारतीय टीम के पास सीरीज से पहले अभ्यास के लिए बेहद सीमित समय है. व्यस्त कार्यक्रमों और प्रतिबद्धताओं के चलते गिल न्यूजीलैंड ए के खिलाफ होने वाले भारत ए के टेस्ट मैचों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. इसके अलावा उन्हें सीमित ओवरों के तहत एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी खेलने हैं.
वहां के माहौल में खुद को ढालने की कवायद ऐसी परिस्थितियों में लाल गेंद के क्रिकेट के लिए पर्याप्त समय और अनुकूल माहौल हासिल करने के उद्देश्य से गिल ने मुख्य टीम से पहले ही न्यूजीलैंड की धरती पर कदम रखने का मन बनाया है. यह अतिरिक्त समय उन्हें वहां के मौसम, पिचों और समुद्री हवाओं वाली चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढालने तथा अपनी तकनीक को पैना करने का बेहतरीन अवसर देगा.
इंग्लैंड की सफलता के बाद अब न्यूजीलैंड की परीक्षा शुभमन गिल के लिए कीवियों की सरजमीं पर यह दौरा किसी लोहे के चने चबाने से कम नहीं होने वाला है. इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई ऐतिहासिक पांच टेस्ट मैचों की रोमांचक सीरीज में गिल ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का लोहा मनवाते हुए कुल 754 रन बनाए थे. उस सीरीज में उनके खेल और परिपक्वता की चौतरफा सराहना हुई थी.
निजी नेट गेंदबाजों से मिलेगा तकनीक निखारने का मौका अब इंग्लैंड के बाद न्यूजीलैंड की तेज, उछाल भरी और सीम-अनुकूल पिचों पर उनकी तकनीक, रक्षात्मक कौशल और मानसिक धैर्य की कड़ी परीक्षा होगी. वहां की स्विंग लेती गेंदों का सामना करना किसी भी एशियाई बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता. ऐसे में अपने निजी नेट गेंदबाजों के साथ अभ्यास करने से उन्हें हर तरह की विविधता, गति और कोण वाली गेंदबाजी का सामना करने का मौका मिलेगा, जिससे टेस्ट क्रिकेट की चुनौतियों से निपटने में उनकी तैयारी पूरी तरह पुख्ता हो सकेगी.
छत्तीसगढ़ के खिलाफ रणजी मैच से करेंगे वापसी न्यूजीलैंड रवाना होने से ठीक पहले, गिल घरेलू क्रिकेट के जरिए भी अपनी लय और फॉर्म को परखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हालांकि वह व्यक्तिगत कारणों के चलते पंजाब की ओर से रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में मैदान पर नहीं उतर पाए थे, लेकिन अब वह छत्तीसगढ़ के खिलाफ 18 अक्टूबर से मुल्लांपुर में शुरू होने वाले पंजाब के दूसरे मैच में अपनी टीम की कमान संभालने के लिए वापसी कर रहे हैं.
मैच प्रैक्टिस से मिलेगी लंबी पारियां खेलने की मदद यह रणजी मुकाबला न्यूजीलैंड के लिए उड़ान भरने से ठीक पहले गिल को लाल गेंद से मैच अभ्यास का बहुमूल्य अवसर प्रदान करेगा. घरेलू क्रिकेट का यह अनुभव उन्हें लंबी पारियां खेलने और मानसिक रूप से तरोताजा रहने में मदद करेगा.
कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में बड़ी चुनौती आगामी टेस्ट शृंखला में भारतीय टीम की जीत की संभावनाओं के लिहाज से शुभमन गिल की बल्लेबाजी और उनकी कप्तानी दोनों ही बेहद अहम और निर्णायक साबित होने वाली हैं. एक कप्तान के तौर पर उन पर टीम को सही दिशा देने का दबाव होगा, तो वहीं मुख्य बल्लेबाज के रूप में रन बनाने की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर है.



