पाचन से मानसिक शांति तक, बद्ध पद्मासन के कई फायदे, जानें करने का सही तरीका

Last Updated:October 24, 2026, 13:45 IST
Baddha Padmasana Benefits: बद्ध पद्मासन सेहत के नजरिए से फायदेमंद है. लेकिन इसके लिए अभ्यास की जरूरत होती है. शरीर में लचीलापन होने पर ही इस आसन को कर पाना संभव होता है. यहां जानिए बद्ध पद्मासन को करने का तरीका और फायदे.
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योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को शांत रखने में भी मदद करता है. नियमित योगाभ्यास से शरीर का लचीलापन बढ़ाने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और मानसिक तनाव कम करने में मदद मिल सकती है. योग में कई ऐसे आसन हैं, जो सामान्य अभ्यास से आगे बढ़कर शरीर के संतुलन और स्थिरता को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं. इन्हीं में से एक है बद्ध पद्मासन.इसे पद्मासन का उन्नत रूप माना जाता है.
इसे करने के लिए शरीर में पर्याप्त लचीलापन और संतुलन होना जरूरी है. योग परंपरा में इस आसन को शारीरिक स्थिरता, मानसिक शांति और ध्यान के लिए उपयोगी माना गया है. हालांकि, इसे सही तरीके और सावधानी के साथ करना जरूरी है. आइए जानते हैं बद्ध पद्मासन कैसे किया जाता है और इसके फायदे क्या हैं?
क्या है बद्ध पद्मासन?बद्ध पद्मासन दो शब्दों से मिलकर बना है. इसमें ‘बद्ध’ का अर्थ बंधा हुआ और ‘पद्म’ का अर्थ कमल होता है. इस आसन को करने के लिए पद्मासन की मुद्रा में बैठा जाता है और दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जाकर पैरों के अंगूठों को पकड़ने की कोशिश की जाती है. ये नॉर्मल पद्मासन से ज्यादा कठिन होता है, क्योंकि इसमें कूल्हों, घुटनों, कंधों और हाथों में लचीलेपन की जरूरत होती है. योग परंपरा में इस आसन का अभ्यास शरीर को स्थिर रखने और ध्यान लगाने के लिए किया जाता है. इसे करने से पहले पद्मासन का अभ्यास करना जरूरी है.
बद्ध पद्मासन के फायदे
इस आसन में पैरों, कूल्हों और कंधों को एक खास स्थिति में रखा जाता है. नियमित और सही अभ्यास से इन हिस्सों के लचीलेपन में सुधार हो सकता है. हालांकि, इसके लिए शरीर को जबरदस्ती मोड़ने से बचना चाहिए.
बद्ध पद्मासन में शरीर को सीधा रखने की कोशिश की जाती है. इससे पीठ की मांसपेशियों को सक्रिय रखने और बैठने की मुद्रा सुधारने में मदद मिल सकती है. रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के लिए सही पोश्चर और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है.
बद्ध पद्मासन में बैठना पाचन के लिए भी फायदेमंद साबित होता है. इस आसन के रोजाना अभ्यास से पाचन से जुड़ी समस्याओं से बचाव और रिकवरी आसान हो सकती है.
स्थिर होकर बैठने और सांस पर ध्यान केंद्रित करने से मन को शांत करने में मदद मिल सकती है. इस कारण योग और ध्यान के अभ्यास में ऐसी मुद्राओं का इस्तेमाल किया जाता है.
बद्ध पद्मासन करते समय रखें सावधानीशुरुआत में पहले सामान्य पद्मासन का अभ्यास करें. इसके बाद ही किसी योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में बद्ध पद्मासन करने की कोशिश करें. घुटनों, कूल्हों या कंधों में दर्द होने पर इस मुद्रा को जबरदस्ती न करें. जिन लोगों को जोड़ों की समस्या या पहले से चोट है, उन्हें अभ्यास से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 24, 2026, 13:45 IST
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