पैदल चलते-चलते मोबाइल हुआ डिस्चार्ज? यहां बिना पैसे एक साथ 50 फोन हो रहे चार्ज

Last Updated:September 18, 2026, 12:25 IST
Ramdevra Mela: बीकानेर से रामदेवरा जाने वाले पैदल जातरुओं के लिए सेवा शिविरों में भोजन और विश्राम के साथ निःशुल्क मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था की गई है. आधुनिक सेवा के तहत शिविरों में विशेष बोर्ड लगाए गए हैं, जहां एक साथ 20 से 50 मोबाइल चार्ज हो सकते हैं. कई दिनों की इस कठिन यात्रा में श्रद्धालु परिजनों के संपर्क में रह सकें, इसके लिए सेवादारों ने यह पहल की है. जातरू आराम करते समय फोन चार्ज कर रहे हैं. सेवादार पूरी निगरानी रख रहे हैं ताकि किसी का फोन गुम न हो, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है.
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बीकानेर. लोकदेवता बाबा रामदेव के मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं. राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पदयात्री (पैदल जातरू) रामदेवरा की ओर कूच करते हैं. इस लंबी और कठिन पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा के लिए बीकानेर सहित विभिन्न मार्गों पर अनेक सेवा शिविर लगाए गए हैं. इन सेवा शिविरों में भोजन, पानी, चाय, नाश्ता, चिकित्सा और विश्राम जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अब मोबाइल चार्ज करने की निःशुल्क व्यवस्था भी शुरू की गई है. आधुनिक युग में यह अनोखी पहल लंबी पदयात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए काफी उपयोगी और राहत भरी साबित हो रही है.
पदयात्रा के दौरान मोबाइल की बैटरी खत्म होना एक आम समस्या है. इसी परेशानी को दूर करने के लिए सेवादारों ने मोबाइल चार्जिंग के लिए विशेष प्लेट और बड़े एक्सटेंशन बोर्ड तैयार करवाए हैं. इन बोर्ड पर बड़ी संख्या में चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं. कई शिविरों में ऐसी व्यवस्था की गई है कि एक प्लेट पर 20 से अधिक श्रद्धालु एक साथ अपने मोबाइल फोन चार्ज कर सकते हैं. वहीं, कुछ बड़े सेवा शिविरों में तकनीकी व्यवस्थाओं को और अधिक बढ़ाते हुए करीब 50 मोबाइल फोन एक साथ चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस सुविधा के लिए श्रद्धालुओं से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है.
परिजनों से संपर्क बनाए रखना हुआ आसानबीकानेर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पैदल ही बाबा रामदेव के दर्शन के लिए रामदेवरा की ओर रवाना होते हैं. यह कठिन यात्रा कई दिनों तक चलती है. इस दौरान श्रद्धालु लगातार अपने परिवार के संपर्क में रहते हैं. वे मोबाइल के माध्यम से रास्ते, मौसम और आगे आने वाले सेवा शिविरों से जुड़ी अहम जानकारी भी प्राप्त करते हैं. मोबाइल की बैटरी खत्म होने पर उन्हें परिजनों से संपर्क करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था. सुरक्षा के लिहाज से भी परिजनों का चिंतित होना स्वाभाविक है. इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए सेवा शिविर संचालकों ने बड़े स्तर पर चार्जिंग की यह नई सुविधा शुरू की है.
आधुनिक जरूरतों के साथ बदल रहा सेवा का स्वरूपपदयात्रा के दौरान जब श्रद्धालु थककर सेवा शिविर में पहुंचते हैं, तो वे विश्राम करने के साथ ही अपने मोबाइल फोन भी चार्जिंग पर लगा देते हैं. मोबाइल फुल चार्ज होने तक श्रद्धालु आराम से भोजन, चाय-पानी और अन्य सुविधाओं का लाभ लेते हैं. इसके बाद वे नई ऊर्जा के साथ अपनी यात्रा दोबारा शुरू कर देते हैं. यह सुविधा विशेष रूप से उन जातरुओं के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है, जो अपने साथ पावर बैंक लेकर नहीं चलते हैं.
मेले के मार्ग पर लगाए गए इन चार्जिंग केंद्रों पर एक साथ दर्जनों मोबाइल लगे दिखाई देते हैं. सेवादार भी पूरी ईमानदारी और मुस्तैदी से यह व्यवस्था संभाल रहे हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु का फोन चोरी या गुम न हो. बाबा रामदेव मेले में जातरुओं की सेवा करने की यह परंपरा कई पीढ़ियों पुरानी है, लेकिन अब समय और तकनीक के साथ सेवा का स्वरूप भी आधुनिक हो रहा है. आज के डिजिटल दौर में सेवादारों की इस सोच ने जातरुओं की यात्रा को बेहद सुरक्षित और सुविधाजनक बना दिया है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Barmer,Barmer,Rajasthan
First Published :
September 18, 2026, 12:25 IST



