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मकराना जनता क्लीनिक या भ्रष्टाचार का अड्डा? बिना बोर्ड संचालन के आरोप, CM से जांच की मांग

Last Updated:October 08, 2026, 08:54 IST

Makrana Janta Clinic Scam: मकराना के कालानाड़ा और बोरावड़ में संचालित जनता क्लीनिकों में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. भाजपा नेता गिरधर पलोड़ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. आरोप है कि सुनसान मकान में बिना बोर्ड के क्लीनिक चल रहे हैं और नियुक्ति में लाखों की रिश्वत ली गई है. हाजिरी, दवा वितरण और सरकारी भुगतान में फर्जीवाड़ा कर धन का दुरुपयोग किया जा रहा है. शिकायत में संबंधित एजेंसियों की जांच कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है.

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Amazon Prime DayTop Deals Insideमकराना में जनता क्लीनिक बना भ्रष्टाचार का अड्डा, CM से जांच की मांगZoomMakrana Janta Clinic Scam: मकराना में जनता क्लीनिकों पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

मकराना: डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना में गरीब और जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित जनता क्लीनिकों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. कालानाड़ा के वार्ड संख्या 55 और बोरावड़ के वार्ड संख्या 42 स्थित छप्पर बस्ती के जनता क्लीनिकों के संचालन पर सवाल उठाते हुए भाजपा राजस्थान के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं जिला जन अभियोग अभाव व सतर्कता समिति सदस्य गिरधर पलोड़ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को शिकायत भेजी है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है.

शिकायतकर्ता के अनुसार, कालानाड़ा स्थित जनता क्लीनिक एक सुनसान मकान में संचालित मिला, जहां क्लीनिक का कोई बोर्ड तक नहीं लगा है. निरीक्षण के दौरान वहां केवल एक स्टाफ सदस्य ही मौजूद मिला. आसपास के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर क्लीनिक के नियमित और पूरे समय संचालन पर भी सवाल खड़े किए गए हैं.

नियुक्ति में लाखों की रिश्वत का आरोपगिरधर पलोड़ ने शिकायत में आरोप लगाया है कि क्लीनिकों में कर्मचारियों की नियुक्ति के नाम पर लाखों रुपए की कथित रिश्वत का लेन-देन हुआ है. इसके अलावा, अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की मिलीभगत से क्लीनिक संचालन के नाम पर सरकारी भुगतान उठाने और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है.

बायोमेट्रिक हाजिरी और रिकॉर्ड्स की जांच की मांगशिकायत में दोनों क्लीनिकों के बायोमेट्रिक हाजिरी रिकॉर्ड, कर्मचारियों की उपस्थिति, वेतन भुगतान, दवाइयों की खरीद-बिक्री, मरीजों की संख्या और सरकारी भुगतान से जुड़े सभी रिकॉर्ड की गहनता से जांच कराने की मांग की गई है. यह भी देखा जाएगा कि सरकारी कागजों में दर्ज सुविधाएं वास्तव में आमजन को मिल भी रही हैं या नहीं.

संचालन एजेंसी पर उठे सवालपलोड़ ने बताया कि जनता क्लीनिकों के संचालन की जिम्मेदारी पहले विनायक एंटरप्राइजेज के पास थी, जबकि वर्तमान में मेन पावर कंपनी के माध्यम से संचालन किया जा रहा है. उन्होंने दोनों एजेंसियों के एग्रीमेंट, स्टाफ नियुक्ति, भुगतान और कार्यादेश की जांच कराने की मांग की है. आरोप सही पाए जाने पर संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई और उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठाई गई है. इस दौरान स्थानीय पार्षद बंसीलाल भाटी ने भी मामले पर चिंता व्यक्त की है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Makrana,Nagaur,Rajasthan

First Published :

October 08, 2026, 08:52 IST

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