महीन कढ़ाई और डिजाइन का कमाल, कारीगरों के हाथों से तैयार होती है बडगांव की पारंपरिक जूती

Last Updated:September 20, 2026, 22:36 IST
Jalor Famous Jutti: जालोर के बडगांव की जूतियां अपनी पारंपरिक कारीगरी, बारीक डिजाइन और खूबसूरती के लिए खास पहचान रखती हैं. जूती कारीगर रमेश जीनगर के अनुसार, साधारण चमड़े को आकार देने से लेकर उस पर कढ़ाई और डिजाइन तैयार करने तक पूरा काम बेहद सावधानी से किया जाता है. मशीनों के बजाय कारीगरों के हाथों का हुनर इन जूतियों को खास बनाता है.
जालोर जिले के बडगांव की पहचान यहां तैयार होने वाली पारंपरिक जूतियों से भी जुड़ी है. देखने में साधारण नजर आने वाली ये जूतियां कारीगरों की मेहनत और हाथ के हुनर का नतीजा होती हैं. पीढ़ियों से चली आ रही इस कला में हर जूती को आकार देने से लेकर उसकी सिलाई और फिनिशिंग तक कई चरणों से गुजरना पड़ता है.
जूती तैयार करने की शुरुआत इसके लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री के चयन से होती है. कारीगर जरूरत के अनुसार सामग्री को नापकर काटते हैं और फिर जूती के अलग-अलग हिस्सों को आकार दिया जाता है. इसके बाद सिलाई के जरिए सभी हिस्सों को मजबूती से जोड़ा जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में कारीगर की पकड़ और अनुभव बहुत काम आता है.
बडगांव की जूतियों में सबसे खास बात उनका पारंपरिक अंदाज माना जाता है. कारीगर जूती के आकार, डिजाइन और उसकी फिनिशिंग पर बारीकी से काम करते हैं. अलग-अलग पसंद के अनुसार साधारण डिजाइन से लेकर सजावटी डिजाइन तक तैयार किए जाते हैं. यही हाथ का काम हर जोड़ी को अपनी अलग पहचान देता है.
Add as Preferred Source on Google
एक जूती तैयार होने के बाद भी कारीगर का काम खत्म नहीं होता. जूती की सिलाई, आकार, किनारों और पहनने में आराम जैसे हिस्सों को दोबारा जांचा जाता है. कहीं कोई कमी दिखाई दे तो उसे हाथ से ठीक किया जाता है. यही वजह है कि एक जोड़ी तैयार करने में कारीगर को समय और मेहनत दोनों लगते हैं.
आज मशीनों के दौर में भी बडगांव के कारीगर इस पारंपरिक हुनर को अपने हाथों से आगे बढ़ा रहे हैं. इस काम में सिर्फ जूती तैयार करना ही नहीं, बल्कि पुरानी कला और स्थानीय पहचान को संभालना भी शामिल है. बडगांव की इन जूतियों के पीछे छिपी मेहनत को करीब से देखें तो हर जोड़ी में कारीगर के अनुभव और हुनर की कहानी दिखाई देती है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :
September 20, 2026, 22:36 IST



