राजस्थान में बारिश की विदाई या फिर लौटेगा तूफानी मौसम? जानें कहां और कब बदलेगा मौसम

जयपुर. राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी हिस्सों में हुई बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 19 अक्टूबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने और मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. इससे पहले पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. टोंक जिले के नगरफोर्ट में सर्वाधिक 23 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा.
राजस्थान में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आईएमडी के अनुसार जयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 18 अक्टूबर को भी हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं. हालांकि, अब बारिश का दौर लंबा चलने के आसार नहीं हैं. पश्चिमी राजस्थान में अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. दूसरी ओर, 23 और 24 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम में दोबारा बदलाव की संभावना बनेगी.
राजस्थान में 19 अक्टूबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है
आज कहां हो सकती है बारिश?
दक्षिण राजस्थान में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय
आईएमडी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ के रूप में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके साथ मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर द्रोणिका भी मौजूद है. वहीं, दक्षिण राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक 3.1 किलोमीटर ऊंचाई पर ट्रफ फैला हुआ है. इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से हाल के दिनों में पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. हालांकि, मौजूदा पूर्वानुमान के अनुसार 19 अक्टूबर से प्रदेश के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है.
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य के ज्यादातर भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है
बाड़मेर में 38 डिग्री पहुंचा पारा, गर्मी का असर बरकरार
प्रदेश में बारिश की गतिविधियों के बावजूद पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में गर्मी का असर बना हुआ है. आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पूर्वी राजस्थान में बारिश और बादलों की आवाजाही से कुछ स्थानों पर लोगों को गर्मी से राहत मिली. हालांकि, फिलहाल तापमान में बड़ी गिरावट या ठंड बढ़ने को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं है. मौसम शुष्क होने के साथ कई इलाकों में दिन के समय धूप का असर बढ़ सकता है.
23-24 अक्टूबर को फिर बदल सकता है मौसम
आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 23 और 24 अक्टूबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ इलाकों में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है. हालांकि, इसकी तीव्रता और संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों को लेकर आगे जारी होने वाले पूर्वानुमान से स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल पश्चिमी राजस्थान में अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है.
टोंक के नगरफोर्ट में सर्वाधिक बारिश दर्ज हुई
• राजस्थान में 19 अक्टूबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है.
• मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य के ज्यादातर भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है.
• पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई.
• टोंक जिले के नगरफोर्ट में सर्वाधिक 23 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
• बाड़मेर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई
• जयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है.
• पश्चिमी राजस्थान में अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.
• दक्षिण राजस्थान के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है.
• उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 23-24 अक्टूबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है.
• किसानों को पककर तैयार फसलों और खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाने के लिए उचित इंतजाम करने की सलाह दी गई है.
किसानों के लिए आईएमडी की सलाह
हाल में हुई बारिश को देखते हुए किसानों को पककर तैयार फसलों और खुले में रखे अनाज की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी गई है. कृषि उपज मंडियों में खुले में रखे अनाज और अन्य कृषि उत्पादों को भी भीगने से बचाने के लिए उचित इंतजाम करने चाहिए. आने वाले दिनों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने से कृषि कार्यों को गति मिल सकती है, लेकिन 23-24 अक्टूबर के संभावित पश्चिमी विक्षोभ को देखते हुए किसानों को आईएमडी के आगामी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए.
किसानों को पककर तैयार फसलों और खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाने के लिए उचित इंतजाम करने की सलाह दी गई है
राजस्थान में 19 अक्टूबर को मौसम कैसा रहेगा?राजस्थान में 19 अक्टूबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने से बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है. हालांकि, जयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है. पूरे प्रदेश में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है.
राजस्थान के किन इलाकों में बारिश की संभावना है?आईएमडी के अनुसार 19 अक्टूबर को जयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है. इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बादल छाने और मेघगर्जन की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. हालांकि, बारिश का प्रभाव सीमित रहने की संभावना है. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है. पश्चिमी राजस्थान के ज्यादातर जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना कम है.
राजस्थान में पिछले 24 घंटों में कहां सबसे ज्यादा बारिश हुई?
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार टोंक जिले के नगरफोर्ट में सर्वाधिक 23 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. जयपुर, टोंक और बारां समेत कुछ अन्य इलाकों में भी मौसम का असर देखने को मिला. इसके विपरीत, पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा.
राजस्थान में अगला पश्चिमी विक्षोभ कब सक्रिय हो सकता है?मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 23 और 24 अक्टूबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ इलाकों में मौसम दोबारा बदल सकता है. हालांकि, अभी इसके प्रभाव वाले क्षेत्रों और बारिश की संभावित तीव्रता को लेकर विस्तृत जानकारी स्पष्ट नहीं है. इसके लिए आईएमडी के आगामी बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी होगा. फिलहाल अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
राजस्थान में किसानों को मौसम विभाग ने क्या सलाह दी है?हाल में हुई बारिश को देखते हुए किसानों को पककर तैयार फसलों और खुले आसमान के नीचे रखे अनाज को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है. कृषि उपज मंडियों में खुले में रखे अनाज और अन्य कृषि उत्पादों को भी भीगने से बचाने के लिए उचित इंतजाम करने चाहिए. अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क रहने से कृषि कार्यों को गति मिल सकती है. हालांकि, 23-24 अक्टूबर को संभावित पश्चिमी विक्षोभ को देखते हुए किसानों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए.



