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राजस्थान में सरकारी काम के बदले रिश्वत का खेल? कोटा, चिड़ावा और झालावाड़ में ACB की बड़ी कार्रवाई

Last Updated:October 05, 2026, 18:02 IST

ACB Action On Corrupt Officer: राजस्थान एसीबी ने कोटा, झुंझुनूं और झालावाड़ में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. कोटा नगर निगम, चिड़ावा बिजली विभाग और झालावाड़ जिला परिषद में हुई कार्रवाई के दौरान संविदाकर्मियों और एक जेईएन को गिरफ्तार किया है. प्रदेश में एक ही दिन अलग-अलग जगहों पर रिश्वत के मामलों में एसीबी की कार्रवाई होना सरकारी तंत्र में घूसखोरी की स्थिति को लेकर सवाल खड़े करता है.राजस्थान में सरकारी काम के बदले रिश्वत का खेल? 3 जिलों में ACB की कार्रवाईZoomसरकारी काम के बदले रिश्वत

कोटा. राजस्थान में रिश्वतखोरी के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई लगातार जारी है. सोमवार को प्रदेश के तीन अलग-अलग जिलों से रिश्वत लेने के मामलों में कार्रवाई की खबर सामने आई. कोटा नगर निगम, झुंझुनूं के चिड़ावा बिजली विभाग और झालावाड़ जिला परिषद में एसीबी की टीम ने कार्रवाई की. तीनों मामलों में संविदाकर्मी और एक जेईएन रिश्वत लेते पकड़े गए.

एक मामले में आरोपी मौके से फरार भी हो गया. इन कार्रवाइयों से एक बार फिर सरकारी विभागों में रिश्वत के खेल पर सवाल खड़े हो रहे हैं. एसीबी की टीमें आए दिन किसी न किसी अधिकारी या कर्मचारी को रिश्वत लेते पकड़ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद घूसखोरी पूरी तरह रुकती नजर नहीं आ रही है.

कोटा नगर निगम में 10 हजार की रिश्वत लेते संविदाकर्मी गिरफ्तारकोटा नगर निगम में एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. यह रिश्वत प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त की राशि में से ली जा रही थी. एसीबी की कार्रवाई के दौरान एक अन्य आरोपी संविदाकर्मी नरेश वर्मा भी मौके पर मौजूद था, लेकिन टीम की कार्रवाई की भनक लगते ही वह फरार हो गया. एसीबी अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है. मामला प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त से जुड़ा बताया जा रहा है. योजना की राशि में से रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद एसीबी ने कार्रवाई की.

चिड़ावा में जेईएन 15 हजार की रिश्वत लेते पकड़ी गईझुंझुनूं जिले के चिड़ावा में भी बिजली विभाग में एसीबी ने कार्रवाई की. यहां जेईएन ग्रामीण दीपिका गोदारा को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. जानकारी के अनुसार लाइन शिफ्टिंग के लिए 11 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी. इसके बाद एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और ट्रैप की कार्रवाई की. बिजली विभाग से जुड़े इस मामले में जेईएन को रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद विभाग में भी हड़कंप मच गया. एसीबी की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जांच की जाएगी.

झालावाड़ में 3 हजार की रिश्वत लेते संविदाकर्मी ट्रैपझालावाड़ में जिला परिषद के संविदाकर्मी जयराम वर्मा के खिलाफ भी एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की. एसीबी ने उसे 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा. बताया गया कि अन्नपूर्णा रसोई योजना में फर्जी टोकन से बिल बनाने के नाम पर रिश्वत राशि ली जा रही थी. इसी शिकायत के आधार पर झालावाड़ एसीबी टीम ने कार्रवाई की. एसीबी ने मामा-भांजा चौराहे के इलाके में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया. कार्रवाई के बाद संविदाकर्मी को गिरफ्तार किया गया.

आए दिन हो रही कार्रवाई, फिर भी नहीं रुक रही घूसखोरीप्रदेश में एक ही दिन अलग-अलग जगहों पर रिश्वत के मामलों में एसीबी की कार्रवाई होना सरकारी तंत्र में घूसखोरी की स्थिति को लेकर सवाल खड़े करता है. कोटा में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि से रिश्वत, चिड़ावा में लाइन शिफ्टिंग के नाम पर पैसे और झालावाड़ में अन्नपूर्णा रसोई के बिल बनाने के नाम पर रिश्वत का मामला सामने आया. एसीबी की टीम लगातार शिकायतों पर कार्रवाई कर रही है. आए दिन किसी न किसी विभाग में अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े जा रहे हैं. कई मामलों में ट्रैप के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद हो रही है. इसके बावजूद रिश्वतखोरी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है. आला अधिकारियों के स्तर पर भी सवाल उठते हैं कि आखिर निगरानी और कार्रवाई के बाद भी निचले स्तर पर घूस लेने का सिलसिला क्यों नहीं रुक रहा.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

October 05, 2026, 18:02 IST

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