राजस्थान समेत 3 राज्यों में अस्पतालों पर IT-ED की रेड, पार्क ग्रुप के ठिकानों पर सुबह 5 बजे से जांच

जयपुर. राजस्थान में सोमवार सुबह अस्पतालों से जुड़े कारोबार पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई शुरू हुई. जयपुर, बहरोड़ और झुंझुनूं में अस्पतालों पर आयकर विभाग की टीमों ने सर्च की. वहीं, इस कार्रवाई का दायरा राजस्थान तक ही सीमित नहीं रहा. हरियाणा के फरीदाबाद में भी आयकर विभाग की जांच जारी रही, जबकि पंजाब के मोहाली, बठिंडा और पटियाला में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने छापे मारे.
राजस्थान में जयपुर के मानसरोवर स्थित अमर मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर, बहरोड़ के पार्क कैलाश हॉस्पिटल और झुंझुनूं के चूरू रोड स्थित आरआर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कार्रवाई की गई. इसके अलावा पार्क मेडिवर्ल्ड से जुड़े कई ठिकानों पर भी सर्च की जानकारी सामने आई है. जांच एजेंसियां अस्पतालों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और कंप्यूटरों में दर्ज जानकारी की पड़ताल कर रही हैं.
नकदी के जरिए भुगतान के शक पर जांचसूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक है कि पार्क ग्रुप ने हाल के दिनों में कई अस्पतालों का अधिग्रहण किया और इन सौदों में कथित तौर पर नकदी के जरिए भुगतान हुआ. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लेन-देन में इस्तेमाल हुई रकम कहां से आई. वहीं, आयकर विभाग के सूत्रों के हवाले से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी की आशंका भी जताई जा रही है. हालांकि, टैक्स चोरी की वास्तविक रकम और किसी गड़बड़ी की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
सुबह 5 से 6:30 बजे के बीच अस्पतालों में पहुंचीं टीमेंजानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग की टीमें सोमवार सुबह करीब 5 बजे से 6:30 बजे के बीच तीनों अस्पतालों में पहुंचीं. इसके बाद तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई. कार्रवाई के दौरान अस्पतालों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए. गेट पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई. जयपुर में मानसरोवर स्थित अमर मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर, बहरोड़ के पार्क कैलाश हॉस्पिटल और झुंझुनूं के आरआर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में अधिकारियों ने रिकॉर्ड खंगाले. पार्क ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स से जुड़े ठिकानों पर जांच का मकसद वित्तीय लेन-देन और टैक्स से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल करना बताया जा रहा है.
रिकॉर्ड रूम, सर्वर रूम और बैंक खातों की जांचआयकर विभाग की टीमों ने अस्पतालों के रिकॉर्ड रूम और सर्वर रूम में तलाशी ली. अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन, टैक्स भुगतान, बिलिंग रिकॉर्ड और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की. कंप्यूटर, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डिजिटल डेटा भी जांच के दायरे में है. अस्पतालों की ओर से अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत किए गए दावों से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले गए. इनमें पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS), मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) और आयुष्मान भारत योजना से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं. इन दस्तावेजों की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अस्पतालों के वित्तीय रिकॉर्ड और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत किए गए दावों में कोई गड़बड़ी तो नहीं है. फिलहाल जांच के नतीजों को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है.
झुंझुनूं में 15 से ज्यादा अधिकारी पहुंचे, कर्मचारियों को कंप्यूटर छूने से रोकाझुंझुनूं के चूरू रोड स्थित आरआर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आयकर विभाग के 15 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे. यहां अस्पताल के गेट पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. टीम ने अस्पताल में लगे कंप्यूटरों की जांच की. कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों को कंप्यूटर नहीं छूने की हिदायत दी गई, ताकि जांच में किसी तरह की बाधा नहीं आए. दूसरी ओर, बहरोड़ स्थित पार्क हॉस्पिटल में आयकर विभाग की टीम पांच गाड़ियों में पहुंची. यहां अस्पताल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) और अकाउंट्स विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की गई. टीम ने अस्पताल के वित्तीय रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की.
20 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी का शकआयकर विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पार्क ग्रुप के अस्पतालों में बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन के जरिए टैक्स चोरी और वित्तीय गड़बड़ी की आशंका है. सूत्रों का कहना है कि जांच में 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी का मामला सामने आने की संभावना है. हालांकि, यह अभी जांच का विषय है. कार्रवाई के दौरान सामने आए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही पता चलेगा कि टैक्स से जुड़ी कोई गड़बड़ी हुई है या नहीं. फिलहाल 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम को लेकर जताई जा रही आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अस्पतालों के अधिग्रहण और नकद भुगतान की भी जांच
जांच एजेंसियों को शक है कि पार्क ग्रुप ने हाल के दिनों में कई अस्पतालों का अधिग्रहण किया. इन सौदों में कथित तौर पर नकदी के जरिए भुगतान किए जाने की आशंका है. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि अस्पतालों को खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था और लेन-देन किस तरह हुआ. पंजाब के मोहाली, बठिंडा और पटियाला में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमें भी जांच कर रही हैं. वहीं, हरियाणा के फरीदाबाद में आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है. इस तरह जांच का दायरा राजस्थान के तीन शहरों से आगे बढ़कर पंजाब और हरियाणा तक पहुंच गया है.
पार्क मेडिवर्ल्ड के कई ठिकाने जांच के दायरे में
पार्क ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स उत्तर भारत के कई राज्यों में अस्पताल चलाने वाला समूह है. इसकी पेरेंट कंपनी पार्क मेडिवर्ल्ड है. उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी का आईपीओ दिसंबर 2025 में आया था. अस्पताल समूह के विस्तार और दूसरे अस्पतालों के अधिग्रहण से जुड़े सौदों की भी जांच की जा रही है. एजेंसियां वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि इन सौदों में पैसा कहां से आया और उसका इस्तेमाल कैसे हुआ. फिलहाल राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में जांच जारी है. आयकर विभाग और ED की कार्रवाई में सामने आने वाले दस्तावेजों और दूसरे तथ्यों के आधार पर आगे की स्थिति साफ होगी. अभी टैक्स चोरी की रकम, कथित नकद भुगतान और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर अंतिम नतीजा सामने नहीं आया है.



