लता मंगेशकर का दमदार गाना, जिसे देखने सिनेमाघरों में बुर्का पहनकर जाती थीं महिलाएं, क्लाइमैक्स पर खूब रोते थे दर्शक

Last Updated:September 10, 2026, 18:15 IST
Lata Mangeshkar Powerful Song : हम लता मंगेशकर के जिस गाने की बात कर रहे हैं, वह हिंदी सिनेमा का सबसे शक्तिशाली गाना है. यह गाना जज्बातों को मथता है, सोचने पर मजबूर करता है. समाज को आईना दिखाता है. कहते हैं कि बीआर चोपड़ा जब अपनी सुपरहिट फिल्म ‘साधना’ सिनेमाघर में देखने पहुंचे थे, तब उन्होंने इस गाने पर बुर्का पहने महिलाओं को रोते देखा था. दरअसल, फिल्म का विषय ऐसा था कि महिलाएं अपना चेहरा छुपाकर सिनेमाघर जा रही थीं. फिल्म का क्लाइमैक्स इतना इमोशनल है कि दर्शक अपने आंसू रोक नहीं पाए थे.
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साहिर लुधियानवी का लिखा गाना महिलाओं के दर्द को बयां करता है. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)
नई दिल्ली: वैजयंतीमाला और सुनील दत्त की सुपरहिट फिल्म ‘साधना’ 25 हफ्तों तक सिनेमाघरों से उतरी नहीं थी. इसका संगीत एन दत्ता ने दिया था और गीत साहिर लुधियानवी ने लिखे थे. हालांकि, जब बीआर चोपड़ा इसे बनाने का प्लान बना रहे थे, तब तमाम डिस्ट्रिब्यूटर्स उन्हें ऐसा करने से रोक रहे थे. दरअसल, फिल्म वेश्यावृत्ति पर बनी थी, जिस पर बनी तमाम फिल्में जैसे ‘पूर्णिमा’, ‘नर्तकी’ और ‘राज नर्तकी’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाई थीं.
मगर बीआर चोपड़ा ने किसी की नहीं मानी. फिल्म की कहानी पर जब काम पूरा हो गया, तब बीआर चोपड़ा ने साहिर लुधियानवी से इसके लिए गीत लिखने की गुजारिश की. गीतकार ने फिर फिल्म की कहानी सुनी, जो उन्हें बहुत पसंद आई थी. बीआर चोपड़ा ने फिर उन्हें गीत के लिए खास सिचुएशन दी. तब साहिर लुधियानवी ने पहले से लिखा एक गीत बीआर चोपड़ा को सुनाया, तो वह गदगद हो गए. उन्हें गीत सुनकर लगा कि मानो यह गीत साहिर ने उनकी फिल्म के लिए ही लिखा हो. इस तरह गीत बनकर तैयार हुआ. वह कालजयी गीत है- ‘औरत ने जन्म दिया मर्दों को’, जिसे लता मंगेशकर ने गाया है.
बीआर चोपड़ा ने गाने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा कभी किसी इंटरव्यू में सुनाया था. जब ‘साधना’ फिल्म रिलीज हुई, तो इसे दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा था. बीआर चोपड़ा भी इसे मराठा मंदिर सिनेमाहॉल में देखने के लिए पहुंचे. पर्दे पर जब फिल्म का यह मशहूर गाना बज रहा था, तो उन्होंने देखा कि उनके अगल-बगल बुर्का पहने बैठी महिलाओं की आंखों से आंसू गिर रहे हैं. फिल्ममेकर यह सब देखकर चकित हो रहे थे. उन्होंने सोचा कि यह एक बार की बात है. ऐसा कभी-कभार हो जाता है. उन्होंने दोबारा अपनी फिल्म को सिनेमाघर में देखने का प्लान बनाया.
महिलाओं का दर्द गाने में हुआ बयांबीआर चोपड़ा कुछ वक्त बाद दोबारा मराठा मंदिर फिल्म ‘साधना’ दोबारा देखने पहुंचे. उन्होंने फिर देखा कि महिलाएं बुर्का पहनकर सिनेमाघर आ रही हैं और गाने को देखते हुए रो रही हैं. दरअसल, फिल्म का विषय ही ऐसा था कि महिलाएं इसे देखने से बच रही थीं. मगर वे इस फिल्म की कहानी और उसके गानों से इतना आकर्षित थीं कि इसे छिपते-छिपाते सिनेमाघरों में देखने के लिए पहुंच रही थीं.
‘साधना’ का क्लाइमैक्स था दमदारफिल्म का क्लाइमैक्स भी बीआर चोपड़ा ने दमदार रखा था. फिल्म की कहानी में दिखाया गया है कि एक वेश्या गृहस्थ जीवन में आती, मगर उसके खिलाफ हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि उसे लगता है कि उसकी जगह कोठे में ही है. वह कोठे में जाने को तैयार हो जाती है, मगर क्लाइमैक्स इतना दमदार था कि दर्शकों की आंखें आंसुओं से पसीज गई थीं. क्लाइमैक्स में वेश्या का रोल निभा रही एक्ट्रेस से सास कहती है- ‘देखो तुम इस घर में बहू बनकर आई थी, मैं तुम्हें इस घर से वेश्या बनकर नहीं जाने दूंगी.’ यह क्लाइमैक्स बड़ा दमदार था.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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First Published :
September 10, 2026, 18:15 IST



