वो तीन कारण क्यों भुवनेश्वर कुमार वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए टीम इंडिया में नहीं चुने जाएंगे!

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए जब बीती रात भारतीय टीम का ऐलान किया गया तो स्क्वॉड में भुवनेश्वर कुमार का नाम देखकर हर कोई दंग रह गया. आईपीएल 2025 और 2026 में भुवी जिस अंदाज में विकेट (45 विकेट) ले रहे थे, उसे देख हर क्रिकेट फैन यही चाहता था कि ये अनुभवी पेसर एकबार फिर टीम इंडिया से खेले. मगर 36 साल की उम्र और चार साल से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूरी के चलते किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उन्हें टीम में दोबारा मौका मिलेगा.
अब कुछ लोगों का यह मानना है कि सिलेक्टर्स भुवनेश्वर कुमार को 2027 का वनडे वर्ल्ड कप खिलाना चाहते हैं, यही कारण है कि चार साल बाद उनकी टीम इंडिया में सॉफ्ट लॉन्चिंग हुई है ताकि वह दोबारा इंटरनेशनल क्रिकेट का अनुभव ले पाए. न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज से रवा हो पाए. चलिए आपको वो तीन कारण बताते हैं कि क्यों भुवी का वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम में चुना जाना मुश्किल है.
भुवनेश्वर कुमार को चार साल बाद भारतीय टीम में चुना गया है.
37 की उम्र, युवाओं से सीधी टक्करभुवनेश्वर कुमार 37 साल के हो चुके हैं. वर्ल्ड कप खेलने के लिए भुवी को हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ सरीखे युवाओं से टक्कर लेनी होगी. वैसे तो जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को अभी भी अपने तीसरे और चौथे पेस बॉलिंग पार्टनर की जरूरत है. भुवी अगर विश्व कप में भारतीय टीम में रखेंगे तो टीम का भला ही होगा क्योंकि हर्षित राणा अभी भी इंजरी से उबर रहे हैं. प्रसिद्ध कृष्णा कभी भी चोटिल हो जाते हैं और गुरनूर बराड़ के पास अनुभव की कमी है. मगर खुद भुवी को भी पता है कि वह वनडे फॉर्मेट के लिए तैयार नहीं हैं.
भुवनेश्वर कुमार को चार साल बाद भारतीय टीम में चुना गया है.
क्या लंबे-लंबे स्पैल कर पाएंगे भुवी?इतना तो तय है कि सिलेक्टर्स सिर्फ अनुभव के आधार पर भुवनेश्वर कुमार को टीम में नहीं चुनने वाले. भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी क्रिकेट से दूर हैं. वह साल में सिर्फ तीन महीने ही क्रिकेट खेलते हैं. आईपीएल, UPT20 लीग में फेंके गए महज चार ओवर के स्पैल के आधार पर 10 ओवर्स बॉलिंग कर जाए इसकी कोई गारंटी नहीं. भुवनेश्वर को रेड बॉल फॉर्मट से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेले लंबा वक्त गुजर चुका है. हमें ये भी समझना होगा कि क्या तीन-तीन चार-चार ओवर के तीन-चार स्पैल करने की इजाजत क्या उनका शरीर देता है?
अब बात वनडे क्रिकेट के रिकॉर्ड की कर लेते हैंएकदिवसीय फॉर्मेट में भुवनेश्वर कुमार का औसत 35.11 के आसपास है और खासकर अफ्रीकी महाद्वीप में उनका रिकॉर्ड भी कुछ खास नहीं है. भारत के लिए भुवी ने 121 वनडे मैच में 141 विकेट लिए हैं. इकॉनमी 5.08 और स्ट्राइक रेट 41.47. इन रिकॉर्ड्स को खराब तो नहीं कहा जा सकता. चलिए मान लेते हैं कि उनका रिकॉर्ड इतना खराब भी नहीं, लेकिन वर्ल्ड कप के लिए किसी गेंदबाज को सिर्फ विकेटों की संख्या से नहीं, बल्कि हालिया प्रदर्शन से भी आंका जाएगा. भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी वनडे मैच जनवरी 2022 में खेला था. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन दोनों मैचों में उनका प्रदर्शन 0/64 और 0/67 रहा था. SA के विरुद्ध उन्होंने 16 वनडे मैच में 57.53 की औसत से सिर्फ 15 विकेट लिए हैं. 2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होना है, ऐसे में भुवी का साउथ अफ्रीका वाला रिकॉर्ड कोई कैसे नजरअंदाज कर सकता है.
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज का शेड्यूलयहां बताना जरूरी हो जाता है कि भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 22 अक्टूबर से एक नवंबर तक पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी. सीरीज का पहला मैच 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में होगा जबकि दूसरा मुकाबला भी इसी शहर में 24 अक्टूबर को खेला जाएगा. तीसरा मैच 27 अक्टूबर को वेलिंग्टन में होगा जबकि चौथा और पांचवां मैच क्रमश: 30 अक्टूबर और एक नवंबर को ऑकलैंड और हैमिल्टन में खेले जाएंगे. टी20 श्रृंखला के बाद भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे और दो टेस्ट भी होंगे.
भुवी के अलावा टीम में और कौन-कौन?भारत का टी-20 स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव



