Rajasthan

सरकारी अस्पताल की दवाएं निजी क्लीनिक तक कैसे पहुंचीं? टोंक में छापेमारी के बाद उठे सवाल

Last Updated:October 10, 2026, 22:04 IST

Tonk Sarkari Hospital Me Medicine Chori: टोंक में डीएसटी ने सरकारी दवाओं की चोरी पर कार्रवाई करते हुए सआदत अस्पताल के मेल नर्स अकबर खान के निजी क्लीनिक पर छापेमारी की. क्लीनिक से भारी मात्रा में सरकारी नशीली दवाएं बरामद हुई हैं. अब इन दवाओं की पहचान, उनकी मात्रा और सरकारी अस्पताल से उनके बाहर पहुंचने के तरीके की जांच की जाएगी. चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई है. सूचना के अनुसार, कोटा से अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर टोंक पहुंचेंगे.Amazon Prime DayTop Deals Insideसरकारी अस्पताल की दवाएं निजी क्लीनिक तक कैसे पहुंचीं? छापेमारी के बाद उठे सवालZoomटोंक में सरकारी नशीली दवाओं का जखीरा मिला, सआदत अस्पताल के मेल नर्स अकबर खान को पकड़ा

टोंक. टोंक में जिला स्पेशल टीम (DST) ने सरकारी दवाओं की चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एक निजी क्लीनिक पर छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सरकारी नशीली दवाएं मिलने की जानकारी सामने आई है. कार्रवाई में सआदत अस्पताल के सरकारी मेल नर्स अकबर खान को पकड़ा गया है. बताया जा रहा है कि अस्पताल में काम करने वाला यह कर्मचारी निजी क्लीनिक भी चला रहा था.

DST प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की. निजी क्लीनिक में सरकारी दवाओं का इतना बड़ा जखीरा मिलने से पुलिस टीम भी हैरान रह गई. मामले की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे.

निजी क्लीनिक में मिलीं सरकारी नशीली दवाएंकार्रवाई के दौरान क्लीनिक से भारी मात्रा में सरकारी नशीली दवाएं बरामद होने की बात सामने आई है. अब इन दवाओं की पहचान, उनकी मात्रा और सरकारी अस्पताल से उनके बाहर पहुंचने के तरीके की जांच की जाएगी. चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई है. सूचना के अनुसार, कोटा से अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर टोंक पहुंचेंगे. उनकी मौजूदगी में दवाओं की जांच और उनसे जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी. दवाएं किस श्रेणी की हैं और उन्हें कहां से लाया गया, इसकी पड़ताल आगे की कार्रवाई में अहम रहेगी.

सआदत अस्पताल से दवाएं बाहर आने पर उठे सवालइस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी अस्पताल की दवाएं निजी क्लीनिक तक कैसे पहुंचीं. सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए आने वाली दवाओं का इस्तेमाल तय व्यवस्था के तहत किया जाता है. ऐसे में यदि सरकारी दवाएं निजी जगह पर मिलती हैं तो उनके स्टॉक, रिकॉर्ड और वितरण की जांच जरूरी हो जाती है. यह आशंका भी जताई जा रही है कि अस्पताल के स्टोर से दवाएं बाहर पहुंचने के मामले में दूसरे लोगों की भूमिका हो सकती है. हालांकि, किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत अभी साबित नहीं हुई है. इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

चिकित्सा विभाग में मचा हड़कंपनिजी क्लीनिक में सरकारी नशीली दवाओं का जखीरा मिलने की सूचना के बाद चिकित्सा विभाग में भी हलचल मच गई है. पुलिस और DST की टीम बरामद दवाओं से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटी है. अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर के टोंक पहुंचने के बाद दवाओं की प्रकृति और रिकॉर्ड की जांच से मामले में आगे की जानकारी सामने आ सकती है. फिलहाल इस कार्रवाई ने सरकारी अस्पतालों में दवाओं के रखरखाव और वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि दवाएं किस स्रोत से आईं, क्या उनका अस्पताल के स्टॉक से मिलान होता है और इस पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका रही है.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Tonk,Tonk,Rajasthan

First Published :

October 10, 2026, 22:04 IST

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