सीकर में अग्निवीरों का इम्तिहान शुरू, 23 दिन में 12,270 युवाओं की होगी परीक्षा

सीकर: कभी सेना भर्ती रैली में 30-35 हजार युवाओं की भीड़ जुटती थी, लेकिन अग्निपथ योजना लागू होने के बाद भर्ती का पूरा गणित बदल गया है. अब कम संख्या में अभ्यर्थी रैली में पहुंच रहे हैं, लेकिन चयन की प्रक्रिया पहले से अलग और चरणबद्ध हो गई है. सीकर के सांवली रोड स्थित जिला खेल स्टेडियम में 1 अक्टूबर से अग्निवीर सेना भर्ती रैली शुरू हो गई है. 23 अक्टूबर तक चलने वाली इस रैली में राजस्थान के छह जिलों के 12,270 अभ्यर्थी शामिल होंगे.
इस बार भर्ती रैली में सीकर के अलावा जयपुर, झुंझुनूं, अलवर, कोटा और जोधपुर जिले के युवाओं को शामिल किया गया है. पहले दिन जयपुर और सीकर जिले के 369 अभ्यर्थियों को बुलाया गया. इनमें जयपुर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से 45 और सीकर जिले के दांतारामगढ़, धोद, फतेहपुर, खंडेला, लक्ष्मणगढ़, नेछवा, नीमकाथाना, पाटन, रामगढ़ शेखावाटी, रींगस, सीकर और श्रीमाधोपुर क्षेत्र के 324 युवा शामिल रहे. भर्ती प्रक्रिया सुबह करीब 4 बजे शुरू हुई और अभ्यर्थियों को सुबह 5 बजे से स्टेडियम में प्रवेश दिया गया.
610 युवा आज लगाएंगे दौड़
2 अक्टूबर को जयपुर और सीकर ग्रामीण क्षेत्र के कुल 610 अभ्यर्थी भर्ती मैदान में उतरेंगे. इनमें जयपुर जिले के आमेर, आंधी, बस्सी, चाकसू, चौमूं, दूदू, फुलेरा, सांभर, सांगानेर, शाहपुरा, तुंगा समेत कई क्षेत्रों के 517 युवा शामिल हैं. वहीं सीकर ग्रामीण और श्रीमाधोपुर क्षेत्र के 93 अभ्यर्थियों को भी बुलाया गया है. इस भर्ती में युवाओं के सामने सबसे पहला बड़ा इम्तिहान शारीरिक दक्षता का होगा. सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ के साथ अन्य शारीरिक परीक्षण किए जाएंगे. महीनों से गांवों और कस्बों में सुबह अंधेरे में दौड़ लगाने वाले युवा अब उसी मेहनत को भर्ती मैदान में परखेंगे. इसके बाद चयन प्रक्रिया के अगले चरणों में पहुंचने वाले अभ्यर्थियों के लिए अन्य परीक्षण होंगे.
35 हजार से 6 हजार तक पहुंची सीकर में युवाओं की भीड़
अग्निपथ योजना जून 2022 में लागू होने के बाद सेना भर्ती का स्वरूप बदल गया. इससे पहले सीकर की सेना भर्ती रैलियों में करीब 35 हजार तक युवा पहुंचते थे. 2023 की अग्निवीर भर्ती में सीकर से करीब 12 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए और 4 हजार से अधिक का चयन हुआ था. 2024 में करीब 13 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें लगभग ढाई हजार चयनित हुए. 2025 में करीब 10 हजार अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए. अब यह संख्या करीब 6 हजार के आसपास रह गई है. यानी चार साल में सेना भर्ती का मैदान वही है, युवाओं का सपना भी वही है, लेकिन भर्ती का पूरा गणित बदल चुका है. सीकर में शुरू हुई यह रैली आने वाले 23 दिनों तक उन हजारों युवाओं की मेहनत का इम्तिहान लेगी, जिन्होंने सेना की वर्दी पहनने के लिए महीनों पसीना बहाया है.



