सेना से रिटायर हुए तो चुनी अनोखी राह, शीर्षासन करते हुए लगा रहे गिरिराज परिक्रमा, ये है लक्ष्य

Last Updated:November 07, 2026, 11:10 IST
Puran Singh Unique Govardhan Giriraj Parikrama: भारतीय सेना से रिटायरमेंट के बाद भी भरतपुर के पूर्व फौजी पूरन सिंह का जुनून और जज्बा बरकरार है. वे भगवान गोवर्धन गिरिराज जी की परिक्रमा सामान्य तरीके से नहीं, बल्कि सिर के बल यानी शीर्षासन करते हुए लगा रहे हैं. उनके इस अनोखे प्रयास को देखने के लिए रास्ते में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट रही है. डीग पहुंचने पर लोगों ने उनका स्वागत किया और हौसले की सराहना की. पूरन सिंह का कहना है कि योग, नियमित अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति से कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. इससे पहले भी वे शीर्षासन में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं और अब शीर्षासन करते हुए गिरिराज जी की परिक्रमा कर एक और विश्व रिकॉर्ड बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
भरतपुर. सेना से रिटायरमेंट के बाद भी एक पूर्व फौजी अपने अनोखे अंदाज और जुनून से लोगों को प्रेरित कर रहे हैं. फौजी पूरन सिंह शीर्षासन करते हुए भगवान गोवर्धन गिरिराज जी की परिक्रमा कर रहे हैं. उनका यह अनोखा अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. परिक्रमा करते हुए जब वे डीग पहुंचे तो स्थानीय श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और उनके इस प्रयास की सराहना की.
बता दें कि पूरन सिंह सामान्य तरीके से परिक्रमा करने के बजाय सिर के बल यानी शीर्षासन की मुद्रा में परिक्रमा कर रहे हैं. इस दौरान वे अपने दोनों हाथों के सहारे शरीर का संतुलन बनाए रखते हैं और आगे बढ़ते हुए गिरिराज जी की परिक्रमा पूरी कर रहे हैं. उनका यह कठिन अभ्यास देखकर लोग भी हैरान हैं.
नियमित अभ्यास से शरीर को स्वस्थ और मजबूत रखा सकते हैं
रास्ते में उन्हें देखने के लिए श्रद्धालु और स्थानीय लोग जुट रहे हैं. पूरन सिंह का कहना है कि योग और नियमित अभ्यास से शरीर को स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है. उम्र चाहे कितनी भी हो अगर मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और कुछ अलग करने का जज्बा हो तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है. उनका उद्देश्य योग के प्रति लोगों को जागरूक करना और युवाओं को नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित करना है. उनका मानना है.कि योग के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखते हुए भगवान की सेवा और भक्ति भी की जा सकती है.
शीर्षासन में बना चुके हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वे शीर्षासन में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं. अब गोवर्धन गिरिराज जी की शीर्षासन करते हुए परिक्रमा कर वे एक बार फिर विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य लेकर निकले हैं. इसके लिए वे लगातार अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं. रिटायरमेंट के बाद भी पूरन सिंह का यह जज्बा और समर्पण लोगों को खासा प्रभावित कर रहा है. उनका अनोखा प्रयास यह संदेश दे रहा है कि योग इच्छाशक्ति और आस्था के मेल से इंसान असंभव दिखने वाले काम को भी करने का प्रयास कर सकता है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
November 07, 2026, 11:08 IST



