10 हजार कदम या तेज चाल, सेहत के लिए क्या है ज्यादा जरूरी? डॉक्टर से जानें वॉक करने का सही तरीका

Last Updated:October 29, 2026, 09:13 IST
गाजीपुर. फिट रहने के लिए रोज 10 हजार कदम चलने की सलाह अक्सर दी जाती है, लेकिन क्या सेहत के लिए कदमों की संख्या ही सबसे ज्यादा जरूरी है? गाजीपुर के महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के विशेषज्ञ और उपप्रधानाचार्य डॉ. नीरज पांडे के मुताबिक, चलने की रफ्तार भी अहम है. उन्होंने सुबह 2 से 3 किलोमीटर तेज चलने की सलाह दी है. आइए जानते हैं ब्रिस्क वॉकिंग के फायदे और वॉक करने का सही तरीका.
फिट रहने के लिए अक्सर रोजाना 10 हजार कदम चलने की सलाह दी जाती है. हालांकि, गाजीपुर के महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के विशेषज्ञ और उपप्रधानाचार्य डॉ. नीरज पांडे के मुताबिक, सेहत के लिए केवल कदमों की संख्या पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है. आप कितनी तेज गति से चलते हैं, यह भी महत्वपूर्ण है. ब्रिस्क वॉकिंग यानी तेज चाल से चलना नियमित शारीरिक गतिविधि का एक उपयोगी तरीका हो सकता है.
डॉ. नीरज पांडे ने सुबह के समय दो से तीन किलोमीटर तक तेज कदमों से चलने की सलाह दी है. नियमित वॉक से शरीर सक्रिय रहता है और ऊर्जा खर्च होती है. इससे वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है. हालांकि, वॉक की दूरी और रफ्तार व्यक्ति की उम्र, शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार तय करनी चाहिए. जो लोग शुरुआत कर रहे हैं, वे कम दूरी से शुरू करके धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ा सकते हैं.
डॉक्टर के मुताबिक, नियमित रूप से तेज चाल से चलना डायबिटीज के मरीजों के लिए उपयोगी हो सकता है. शारीरिक गतिविधि ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करती है. हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को अपनी दवाओं, खानपान और स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखकर वॉक करनी चाहिए. यदि किसी को दूसरी बीमारी भी है, तो व्यायाम की सही अवधि और गति के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.
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नियमित वॉकिंग से शरीर सक्रिय रहता है और हृदय की सेहत बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है. डॉ. पांडे ने बताया कि तेज चाल से चलना दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है. इसके साथ ही शारीरिक गतिविधि वजन नियंत्रित रखने में भी मदद करती है. हालांकि, जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी समस्या है, उन्हें तेज वॉक शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
डॉ. नीरज पांडे के अनुसार, शारीरिक गतिविधि का लाभ केवल शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हो सकती है. सुबह हरियाली के बीच टहलने से मन तरोताजा महसूस कर सकता है और तनाव कम करने में मदद मिल सकती है. नियमित रूप से वॉक करने से दिनचर्या में अनुशासन भी आता है. इसके लिए जरूरी है कि व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार वॉक करे और इसे रोजमर्रा की आदत बनाने की कोशिश करे.
डॉ. पांडे ने सूरज निकलने के बाद वॉक करने का सुझाव दिया है. उन्होंने यह भी बताया कि वॉक के बाद योगासन किए जा सकते हैं. उनके मुताबिक, एक से दो घंटे तक की शारीरिक गतिविधि सेहत पर सकारात्मक असर डाल सकती है, लेकिन हर व्यक्ति को शुरुआत में इतनी देर व्यायाम करने की जरूरत नहीं है. अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे अवधि बढ़ाना बेहतर है. वॉक के दौरान आरामदायक जूते पहनें, पर्याप्त पानी पिएं और चक्कर, सीने में दर्द या असामान्य सांस फूलने जैसी परेशानी होने पर रुककर चिकित्सकीय सलाह लें.
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October 29, 2026, 09:13 IST



