क्या करवा चौथ पर प्रेग्नेंट महिलाएं रख सकती हैं व्रत? डॉक्टर से जानें जरूरी सलाह

अंबाला: करवा चौथ का त्योहार नजदीक आते ही सुहागिन महिलाओं में इसकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं. पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं. लेकिन अगर आप गर्भवती हैं और इस बार करवा चौथ का व्रत रखने की तैयारी कर रही हैं, तो आपको अपनी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. दरअसल, गर्भावस्था के दौरान लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहना परेशानी का कारण बन सकता है.
ऐसे में सवाल है कि क्या गर्भवती महिलाओं को करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए? अगर वे व्रत रखती हैं, तो किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है? इस बारे में नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने लोकल18 से बातचीत में जरूरी जानकारी साझा की.
गर्भवती महिलाएं व्रत रखने से पहले डॉक्टर से लें सलाह
डॉ. रजिता ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए या नहीं, यह उनकी स्वास्थ्य स्थिति और गर्भावस्था पर निर्भर करता है. यदि गर्भावस्था में किसी तरह की परेशानी नहीं है, तब भी व्रत रखने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. वहीं, जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कोई जटिलता या स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के व्रत नहीं रखना चाहिए. उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान शरीर को पर्याप्त पानी और पोषण की जरूरत होती है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए और अपनी सेहत के अनुसार पानी व जरूरी खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए.
सरगी में शामिल करें फल, दूध और मेवे
डॉ. रजिता ने बताया कि करवा चौथ पर सरगी का विशेष महत्व होता है. गर्भवती महिलाओं को सुबह सरगी में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए, जिनसे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषण मिल सके. इसके लिए फल, दूध, मेवे और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ लिए जा सकते हैं. अपनी डाइट के अनुसार रोटी और हल्की सब्जी भी खाई जा सकती है.
तला-भुना और मसालेदार भोजन खाने से बचें
डॉ. रजिता के अनुसार, सुबह के समय बहुत अधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन खाने से बचना चाहिए. गर्भावस्था के दौरान एसिडिटी और पेट में जलन की समस्या हो सकती है, इसलिए हल्का और संतुलित भोजन लेना बेहतर रहता है. नारियल पानी भी तरल पदार्थों के सेवन का एक विकल्प हो सकता है. हालांकि, इसे पर्याप्त पानी का विकल्प नहीं मानना चाहिए.
कमजोरी महसूस होने पर जबरदस्ती न रखें व्रत
गर्भवती महिलाओं को व्रत के दौरान अपनी शारीरिक जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए. यदि भूख लगती है या कमजोरी महसूस होती है, तो जबरदस्ती व्रत जारी रखने के बजाय अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए. डॉक्टर की सलाह के अनुसार फल, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है.
ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या में बरतें सावधानी
डॉ. रजिता ने बताया कि यदि किसी महिला को ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर या गर्भावस्था से जुड़ी अन्य परेशानी है, तो उसे विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसी स्थिति में व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है.
पूजा के दौरान ज्यादा देर तक खड़े रहने से बचें
उन्होंने बताया कि करवा चौथ की पूजा के दौरान गर्भवती महिलाओं को ज्यादा देर तक खड़े रहने और थकान वाले काम करने से बचना चाहिए. यदि जमीन पर बैठने में परेशानी होती है, तो वे कुर्सी पर बैठकर आराम से पूजा कर सकती हैं. दिनभर पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है.
चक्कर या धुंधला दिखाई देने पर न करें अनदेखी
यदि व्रत के दौरान चक्कर आएं, बहुत ज्यादा कमजोरी हो, सिरदर्द हो, धुंधला दिखाई दे या लगातार जी मिचलाए, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें. व्रत तुरंत छोड़कर जरूरत के अनुसार भोजन और तरल पदार्थ लें तथा चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें.
मां और बच्चे की सेहत को दें प्राथमिकता
डॉ. रजिता की सलाह के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को करवा चौथ का व्रत रखने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझना चाहिए और स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए. त्योहार की परंपराओं का पालन करते समय मां और बच्चे की सेहत से समझौता नहीं करना चाहिए. यदि डॉक्टर व्रत रखने से मना करते हैं, तो उनकी सलाह का पालन करना ही उचित है.



