Rajasthan

207 MM बारिश से बांसवाड़ा बेहाल, 8 जिलों में वज्रपात-आंधी का येलो अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल

जयपुर. राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है, लेकिन प्रदेश के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है और अगले 3-4 दिनों में राज्य के कुछ और हिस्सों से मानसून लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. इस बीच 20 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है.

बांसवाड़ा, बारां, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर और उदयपुर में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है. पिछले 24 घंटे में बांसवाड़ा के घाटोल में सबसे ज्यादा 207 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं प्रतापगढ़ के पीपलखूंट में 190 मिलीमीटर और बांसवाड़ा के भुंगड़ा में 173 मिलीमीटर बारिश हुई. दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है. 21 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है.

राजस्थान में मानसून की विदाई शुरू होने के साथ अगले 3-4 दिनों में कुछ और हिस्सों से लौटेने का है अनुमान

पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू

आईएमडी के अनुसार, मानसून की वापसी रेखा रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी और खाजूवाला से होकर गुजर रही है. मानसून की सामान्य विदाई 17 सितंबर से मानी जाती है, जबकि इस बार इसकी वापसी करीब दो दिन की देरी से शुरू हुई है. अगले 3-4 दिनों में प्रदेश के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए मौसम परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान के ऊपर ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. इसके अलावा उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक द्रोणिका बनी हुई है. इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.

घाटोल में 207 MM बारिश, प्रतापगढ़ में भी तेज बरसात

पिछले 24 घंटे में राजस्थान के कई जिलों में हल्की से लेकर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई. सबसे ज्यादा बारिश बांसवाड़ा के घाटोल में 207 मिलीमीटर हुई. प्रतापगढ़ के पीपलखूंट में 190 मिलीमीटर, बांसवाड़ा के भुंगड़ा में 173, लोहारिया में 148 और झालावाड़ के मनोहरथाना में 131 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बांसवाड़ा के गढ़ी में 124, प्रतापगढ़ में 103, डूंगरपुर के गलियाकोट में 101 और प्रतापगढ़ के गडोला में 101 मिलीमीटर बारिश हुई. इसके अलावा बीकानेर के कोलायत में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़ और डूंगरपुर में भारी से अति भारी बारिश का असर देखने को मिला.

बांसवाड़ा के घाटोल में सबसे ज्यादा 207 MM बारिश दर्ज की गई और दक्षिणी राजस्थान में बारिश का असर.

8 जिलों में आंधी-बिजली के साथ बारिश का अलर्ट

20 सितंबर को बांसवाड़ा, बारां, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर और उदयपुर में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. इन जिलों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है. कोटा और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. हालांकि, इसका मतलब पूरे संभाग में बारिश होना नहीं है, बल्कि कुछ स्थानों पर मौसम सक्रिय रह सकता है. किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह है.

20 सितंबर को 8 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KM की तेज हवाओं का येलो अलर्ट.

जयपुर समेत कई जिलों में विशेष चेतावनी नहीं

राजधानी जयपुर के लिए 20 सितंबर को कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक और झुंझुनूं समेत कई जिलों में भी विशेष अलर्ट नहीं है. पश्चिमी राजस्थान के सभी 13 जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है. इनमें बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर समेत अन्य जिले शामिल हैं.

21 सितंबर से अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क

आईएमडी के अनुसार, 21 सितंबर से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होने और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है. हालांकि, 20 सितंबर तक पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है. बंगाल की खाड़ी में 22-24 सितंबर के आसपास नई मौसमी प्रणाली बनने के संकेत हैं, लेकिन इसका राजस्थान पर असर अभी स्पष्ट नहीं है. इसलिए 22-26 सितंबर के पूर्वानुमान को फिलहाल लंबी अवधि का संकेत माना जा रहा है.

कोटा और उदयपुर संभागों में 20 सितंबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान.

22-24 सितंबर के आसपास नई मौसमी प्रणाली एक्टिव होने की संभवना

• राजस्थान में मानसून की विदाई शुरू, अगले 3-4 दिनों में कुछ और हिस्सों से लौटेगा मानसून.

• 20 सितंबर को 8 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KM की तेज हवाओं का येलो अलर्ट.

• बांसवाड़ा के घाटोल में सबसे ज्यादा 207 MM बारिश दर्ज, दक्षिणी राजस्थान में बारिश का असर.

• प्रतापगढ़ के पीपलखूंट में 190 MM और बांसवाड़ा के भुंगड़ा में 173 MM बारिश हुई.

• कोटा और उदयपुर संभागों में 20 सितंबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान.

• पश्चिमी राजस्थान के 13 जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है.

पश्चिमी राजस्थान के 13 जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है.

• जयपुर समेत कई जिलों में 20 सितंबर के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई.

• 21 सितंबर से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होने का अनुमान.

• नवनेरा बैराज के 9 गेट खुले, करीब 1.02 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है.

• बंगाल की खाड़ी में 22-24 सितंबर के आसपास नई मौसमी प्रणाली बनने के संकेत मिले हैं.

नवनेरा बैराज के 9 गेट खोले, 1.02 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

कोटा के नवनेरा बैराज में पानी की आवक बढ़ने के बाद 9 गेट खोल दिए गए हैं. वर्तमान में करीब 1,02,303 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर निकासी बढ़ाकर 1,50,000 क्यूसेक तक की जा सकती है. विभाग ने आसपास के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने से बचने तथा आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

बंगाल की खाड़ी में 22-24 सितंबर के आसपास नई मौसमी प्रणाली बनने के संकेत मिले हैं.

राजस्थान में मानसून की विदाई कब शुरू हुई है?

राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है. आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून लौटने लगा है. वापसी रेखा रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी और खाजूवाला से होकर गुजर रही है. अगले 3-4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों के साथ पंजाब और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ भागों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.

20 सितंबर को राजस्थान के किन जिलों में येलो अलर्ट है?

आईएमडी ने 20 सितंबर को बांसवाड़ा, बारां, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर और उदयपुर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. कोटा और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना भी जताई गई है. लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के दौरान सतर्क रहने की सलाह है.

राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज की गई?

पिछले 24 घंटे में राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश बांसवाड़ा जिले के घाटोल में दर्ज की गई. यहां 207 मिलीमीटर बारिश हुई. इसके अलावा प्रतापगढ़ के पीपलखूंट में 190 मिलीमीटर, बांसवाड़ा के भुंगड़ा में 173 मिलीमीटर और लोहारिया में 148 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. झालावाड़ के मनोहरथाना में 131 मिलीमीटर तथा बांसवाड़ा के गढ़ी में 124 मिलीमीटर बारिश हुई. दक्षिणी राजस्थान में बारिश का असर रहा.

20 सितंबर को जयपुर और पश्चिमी राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा?

20 सितंबर को जयपुर के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादल या बारिश की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता. पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है. बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर समेत 13 जिलों के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है. मौसम परिस्थितियां मानसून की विदाई के अनुकूल हो रही हैं.

राजस्थान में 21 सितंबर के बाद मौसम में क्या बदलाव होगा?

आईएमडी के अनुसार, 21 सितंबर से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है. इसके चलते प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है. हालांकि, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में 20 सितंबर तक कहीं-कहीं बारिश जारी रहने का अनुमान है. बंगाल की खाड़ी में 22-24 सितंबर के आसपास नई मौसमी प्रणाली बनने के संकेत हैं, जिसका राजस्थान पर असर अभी स्पष्ट नहीं है.

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