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जिस नॉवेल को रद्दी समझ रहा था लेखक, उस पर बनीं 24 फिल्में! 4 के हीरो बने सुपरस्टार, 1 डायरेक्टर का खुला भाग्य

Last Updated:April 21, 2026, 20:19 IST

हम जिस मशहूर नॉवेल की बात कर रहे हैं, उस पर बनी आखिरी फिल्म 2024 में रिलीज हुई थी. अमिताभ बच्चन को जबरदस्त स्टारडम देने वाली फिल्म भी इसी नॉवेल से प्रेरित थी, जबकि नॉवेल के लेखक इसे तुच्छ मानकर पब्लिश करने से झिझक रहे थे. जब यह नॉवेल रिलीज हुआ, तो इस पर अलग-अलग दौर में करीब 24 फिल्में बनीं, जिसकी बदौलत तमाम डायरेक्टर्स मालामाल हुए ही, साथ में कई एक्टर्स ने इसकी बदौलत सुपर स्टारडम हासिल किया. पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी मशहूर नॉवेल पर फिल्में बनी हैं. क्या आपने यह नॉवेल पढ़ा है?

नई दिल्ली: नॉवेल जब 1917 में प्रकाशित हुआ, तो लेखक उसकी लोकप्रियता से दंग रह गया. लेखक ने एक बार कहा था कि वो मशहूर नॉवेल उन्होंने नशे में लिखा था. कहते हैं कि वे 17 साल की आयु में वह नॉवेल लिख चुके थे. उन्हें अपनी रचना परिपक्व नहीं लग रही थी, इसलिए छपवाने से झिझकते रहे. हम शरत चंद्र चटोपाध्याय के नॉवेल ‘देवदास’ की बात कर रहे हैं. आप इसकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि इस पर हिंदी समेत कई भाषाओं में 24 फिल्में बन चुकी हैं. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)

आप यकीन नहीं करेंगे, अमिताभ बच्चन की ब्लॉकबस्टर फिल्म की कहानी भी ‘देवदास’ से प्रेरित बताई जाती है, जिसमें रेखा ने चंद्रमुखी और राखी ने पारो जैसा किरदार निभाया था. विकीपीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी ‘मुकद्दर का सिकंदर’ की कहानी का आइडिया भी शरत चंद्र चटोपाध्याय के नॉवेल से उठाया गया है. (फोटो साभार: IMDb)

‘देवदास’ नॉवेल के प्रकाशित होने के 11 साल बाद 1928 में उस पर बनी पहली साइलेंट फिल्म ‘देवदास’ रिलीज हुई थी, जिसे नरेश मित्रा ने डायरेक्ट किया था. मशहूर फिल्ममेकर पीसी बरुआ तो ‘देवदास’ से इतना प्रभावित थे कि उन्होंने इस पर बैक-टू-बैक तीन फिल्में बनाकर रिलीज कर डाली. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)

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1935 में आई पीसी बरुआ की पहली मूवी में वह खुद देवदास बने थे और जमुना बरुआ उनकी पार्वती. दूसरी फिल्म 1936 में आई, जिसमें केएल सहगल ने देवदास का रोल निभाया था, जो संगीत जगत के सुपरस्टार थे. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)

साल 1955 में आई बिमल रॉय की फिल्म ‘देवदास’ में दिलीप कुमार लीड हीरो थे, जबकि सुचित्रा सेन पार्वती और वैजयंतीमाला चंद्रमुखी के रोल में थीं. फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड सहित फिल्ममेयर अवॉर्ड अपने नाम किए थे. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)

दिलीप कुमार ‘देवदास’ के रोल में खूब पसंद दिए गए थे. दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में वैजयंतीमाला ने बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड लेने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वे मानती थीं कि उनका रोल सुचित्रा सेन के बराबर था. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज

शाहरुख खान की 2002 में आई ‘देवदास’ नॉवेल पर बनी चुनिंदा यादगार फिल्मों में हैं, जिसमें चंद्रमुखी के रोल के लिए माधुरी दीक्षित नहीं, सुष्मिता सेन पहली पसंद थीं. आईएमडीबी की रिपोर्ट के अनुसार, मनीषा कोइराला, तब्बू, जूही चावला, ऐश्वर्या राय और महिमा चौधरी को भी यह रोल देने पर विचार किया जा रहा था, मगर आखिर में माधुरी चंद्रमुखी बनीं और ऐश्वर्या राय को पारो का रोल मिला. (फोटो साभार: IMDb)

संजय लीला भंसाली की ‘देवदास’ में माधुरी दीक्षित ने गाने ‘काहे छेड़ मोहे’ के लिए 30 किलो वजनी ड्रेस पहनी थी. उन्हें डांस कोरियोग्राफी से काफी दिक्कत हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे किसी तरह पूरा किया. शाहरुख खान ने एक सीन के लिए वाकई में शराब पी थी, जिसकी वजह से उन्हें कई दफा रीटेक देना पड़ा. (फोटो साभार: IMDb)

अनुराग कश्यप की ‘देव डी’ आज के दौर की ‘देवदास’ है, जिसमें माही गिल पार्वती बनी थीं और कल्की कोचलिन चंद्रमुखी. पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी ‘देवदास’ नॉवेल पर फिल्में बन चुकी हैं. (फोटो साभार: IMDb

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April 21, 2026, 20:19 IST

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