Rajasthan

3 दिन के टकराव का हुआ अंत, पुलिस के लिखित जवाब के साथ कांग्रेस जाएगी कोर्ट

जयपुर. एनएसयूआई की प्रदर्शनकारी रितु बराला केस की जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से चल रहा कांग्रेस का चल रहा धरना प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया. पुलिस कमिश्नरेट के भीतर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का धरने और बाहर कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के बीच आखिरकार पुलिस और कांग्रेस के बीच लिखित जवाब पर सहमति बन गई है. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल की ओर से स्पष्ट किया गया कि मौजूदा तथ्यों के आधार पर जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज करने का विधिसम्मत आधार नहीं था. क्योंकि रितु बराला पहले ही दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में अपनी शिकायत दे चुकी हैं. कांग्रेस अब कोर्ट का रुख करने का मानस बना रही है.

पुलिस की ओर से लिखित जवाब दिए जाने के बाद कांग्रेस ने धरना समाप्त करने का फैसला किया. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने राजस्थान में कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है. रितु बराला केस में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस लगातार तीन दिन से पुलिस पर दबाव बना रही थी. पार्टी की मांग थी कि मामले में जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज की जाए ताकि शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. इस मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कमिश्नरेट में धरना दिया जबकि बाहर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और नारेबाजी की.

कांग्रेस ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवालकांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए. कांग्रेस का आरोप था कि शिकायत के बावजूद जीरो एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने से न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. पार्टी ने इस मुद्दे को महिला सुरक्षा और पीड़िता को न्याय दिलाने से जोड़ते हुए सरकार और पुलिस को घेरा.

कमिश्नरेट के भीतर टकराव, डोटासरा चोटिलबुधवार को धरने के दौरान घटनाक्रम ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कमिश्नरेट के भीतर सीढ़ियों से फिसलकर गिर गए और उनके पैर में चोट आई. मौके पर चिकित्सक बुलाए गए और उन्हें राहत देने के लिए दर्द निवारक स्प्रे का इस्तेमाल किया गया. इस घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना साधते हुए डोटासरा के चोटिल होने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया. जूली ने कमिश्नरेट के भीतर सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि परिसर में शौचालयों पर ताले लगा दिए गए और पानी की आपूर्ति तक बंद कर दी गई. कांग्रेस नेताओं ने इन परिस्थितियों को धरने के दौरान दबाव बनाने की कोशिश के रूप में पेश किया.

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल बोले लिखित में तथ्य उपलब्ध करा दिए गए हैंधरने के समाप्त होने के बाद पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने जीरो एफआईआर दर्ज नहीं करने के पीछे पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया. उनका कहना था कि पुलिस पिछले दो दिनों से कांग्रेस नेताओं को स्थिति बता रही थी, लेकिन बुधवार को जब कांग्रेस नेताओं ने लिखित जवाब देने पर जोर दिया तो उन्हें लिखित में तथ्य उपलब्ध करा दिए गए हैं.

एफआईआर दर्ज करने का विधिसम्मत आधार नहीं था
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के अनुसार दिल्ली पुलिस ने जयपुर पुलिस को अवगत कराया था कि रितु बराला कनॉट प्लेस थाने में पहले ही अपनी शिकायत दे चुकी हैं. दिल्ली पुलिस को शिकायत प्राप्त हो चुकी है और उस पर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है. ऐसे में जयपुर पुलिस के पास मौजूदा तथ्यों के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज करने का विधिसम्मत आधार नहीं था.

जीरो एफआईआर के प्रावधान अलग हैपुलिस कमिश्नर ने जीरो एफआईआर के प्रावधान को लेकर कहा कि इसका इस्तेमाल उन परिस्थितियों में किया जा सकता है जब परिवादी किसी कारण से उस थाना क्षेत्र तक नहीं पहुंच पा रहा हो जहां घटना हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि केरल में इस मामले से संबंधित क्या तथ्य थे इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. तीन दिन चले धरने और प्रदर्शन के दौरान कानून के उल्लंघन के सवाल पर सचिन मित्तल ने कहा कि पुलिस इस पूरे मामले पर विचार करेगी और जो भी विधिसम्मत कार्रवाई होगी वह की जाएगी.

लिखित जवाब पर बनी सहमति, धरना समाप्तपूरे घटनाक्रम में निर्णायक मोड़ तब आया जब कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से अपना पक्ष लिखित में देने की मांग की. पुलिस की ओर से लिखित जवाब दिए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और कांग्रेस ने धरना समाप्त कर दिया. तीन दिन तक चले विरोध प्रदर्शन का नतीजा यह रहा कि पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज नहीं की और कांग्रेस को इसके कारण के साथ लिखित जवाब दिया गया. पुलिस का तर्क है कि शिकायत पहले ही दिल्ली पुलिस के पास पहुंच चुकी है और वहां कानूनी कार्रवाई जारी है।

अब आगे क्या?
धरना समाप्त होने के बावजूद इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी बहस खत्म नहीं हुई है. अब दो सवाल अहम हैं. दिल्ली पुलिस रितु बराला की शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई करती है और जयपुर में हुए धरने-प्रदर्शन को लेकर पुलिस क्या निर्णय लेती है? पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने प्रदर्शन के दौरान संभावित कानूनी उल्लंघनों पर कार्रवाई को लेकर विचार करने की बात कही है. फिलहाल तीन दिन के टकराव के बाद कांग्रेस का धरना समाप्त हो गया है. लेकिन रितु बराला मामले में न्याय और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद बरकरार है.

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