5 घंटे में पहुंचेंगे अजमेर से दिल्ली, भरतपुर वालों की होगी मौज, 277 KM का एक्सप्रेसवे देगा कनेक्टिविटी बूस्ट

राजस्थान में सड़क कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलने जा रहा है. इससे अजमेर से दिल्ली का सफर 5 घंटे और भरतपुर से दिल्ली का सफर 3 घंटे का हो जाएगा. इसके लिए प्रदेश में बन रहा ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के बीच सफर को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रोजेक्ट है. 277 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे से जयपुर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली और भरतपुर जैसे इलाकों को जोड़ने की योजना है.
एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद दिल्ली-NCR, अजमेर, ब्यावर और भरतपुर के बीच यात्रा समय कम होने की उम्मीद है. इससे लोगों के साथ-साथ व्यापार और परिवहन को भी फायदा मिल सकता है.
दिल्ली से अजमेर का सफर 5 घंटे में!
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्शन बताया जा रहा है. नया कॉरिडोर दौसा के लालसोट क्षेत्र के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ेगा.
इस कनेक्शन के बाद दिल्ली, गुरुग्राम और सोहना की ओर से आने वाले वाहन राजस्थान के कई प्रमुख शहरों तक हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क के जरिए पहुंच सकेंगे. प्रोजेक्ट से जुड़े बताए गए अनुमान के मुताबिक, एक्सप्रेसवे बनने के बाद यात्रा का समय इस तरह हो सकता है.
दिल्ली से अजमेर: करीब 4.5 से 5 घंटे, जबकि अभी 7–8 घंटे लगने का दावा.
दिल्ली से भरतपुर: करीब 2.5 से 3 घंटे.
ब्यावर से भरतपुर: करीब 3 से 3.5 घंटे, जबकि वर्तमान में 7–8 घंटे लगने का दावा.
277 KM लंबा एक्सप्रेसवे, 6 जिलों से जुड़ेगा राजस्थान
यह 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे जयपुर जिले के दूदू क्षेत्र के ग्राम झाग से शुरू होकर भरतपुर के ऊंचा नगला तक जाने की योजना के तहत बताया गया है. यहां यह NH-21 से जुड़ेगा. जयपुर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली और भरतपुर जिलों को जोड़ने की बात कही गई है. इस प्रोजेक्ट से करीब 210 गांव प्रभावित होने की जानकारी दी गई है. कई इलाकों में भूमि अधिग्रहण और रूट सर्वे का काम जारी होने का दावा है.
एक्सप्रेसवे पर 120 KM प्रति घंटे की रफ्तार!
प्रोजेक्ट के प्रस्तावित ढांचे में कई बड़े निर्माण शामिल हैं. दी गई जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की डिजाइन स्पीड का प्रावधान बताया गया है. इन निर्माणों का एक्सप्रेसवे को अलग-अलग मार्गों और स्थानीय कनेक्टिविटी से जोड़ना है.
30 बड़े और छोटे पुल.
4 रेल ओवर ब्रिज.
7 फ्लाईओवर.
10 इंटरचेंज.
179 छोटे-बड़े अंडरपास.
इन बड़े हाईवे से भी जुड़ेगा नया कॉरिडोर
ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेसवे को अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे, NH-448 और NH-21 जैसे प्रमुख मार्गों से जोड़ने की बात कही गई है. इसके अलावा NH-48 और NH-21 पर ट्रैफिक का दबाव कम करने की उम्मीद भी जताई गई है.
राजस्थान में कनेक्टिविटी का नया दौर?
अगर यह प्रोजेक्ट तय योजना के अनुसार पूरा होता है, तो राजस्थान के कई शहरों के बीच सड़क संपर्क में बदलाव आ सकता है. दिल्ली-NCR से लेकर भरतपुर, जयपुर, अजमेर और ब्यावर तक यात्रा करने वाले लोगों के लिए खास रहेगा.



