Rajasthan

चूरू की राजलदेसर गौशाला की गोबर से बनी इको-फ्रेंडली दीपावली, पर्यावरण को बचाते हुए हो रही लाखों की कमाई

Last Updated:October 16, 2025, 18:14 IST

चूरू के राजलदेसर की गौशाला ने बदलते समय के साथ दीपावली के पारंपरिक मिट्टी के दीपक की जगह गाय के गोबर से बने इको-फ्रेंडली दीपक और मूर्तियों का उत्पादन शुरू किया है. ये दीपक न केवल पर्यावरण के लिए लाभदायक हैं, बल्कि पूजा के बाद इन्हें पानी में विसर्जित करके पौधों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

चूरू. बदलते समय के साथ दीपावली के दीपक की चमक फीकी पड़ी है और उसकी जगह बाजार में आ रही नई, नई विदेशी लाइटिंग नें ले ली, लेकिन चूरू के राजलदेसर की श्री राजलदेसर गौशाला मिट्टी के नहीं बल्कि गाय के गोबर से दीपक और गणेश जी लक्ष्मी जी की मूर्तियां बना रही है और इनकी डिमांड इतनी है की गौशाला पूर्ति नही कर पा रही है.

राजलदेसर की गौशाला इको फ्रेंडली दीपावली की पहल पर काम रही है. गौशाला से जुड़े ललित दाधीच बताते है,  मिट्टी के दीपक का रोशनी के बाद उपयोग नहीं होता है गोबर के बने दीपक तथा प्रतिमाओं को पूजन के बाद पानी में विसर्जित कर सकेंगे. इस पानी को पेड़ पौधों में खाद के रूप में डाल सकेंगे.

पर्यावरण होगा शुद्धदाधीच बताते है कि गोबर से दो प्रकार के दीपक बना रहे हैं केवल गोबर के साथ बाइडिंग सामग्री मिलाकर बनने वाला दीपक दूसरे काम आएगा. ग्वार गम के साथ प्रेशर से बाइडिंग होने से तेल -बाती खत्म होने पर वह समूचा जलेगा नही. दूसरे प्रकार का दीपक गोबर के साथ हवन सामग्री मिलाकर बनाया जा रहा है. बत्ती जलने के बाद यह धूपबत्ती की तरह सुलगता रहेगा, इससे पर्यावरण शुद्ध होगा. गौशाला से जुड़े ललित दाधीच बताते है की राजलदेसर गौशाला पिछले पांच साल से नवाचारों के दम पर प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ गौशालाओं में शुमार है.

गोबर के उत्पाद बनाने के पीछे गौशाला का उद्देश्य है की लोगों क़ो संदेश दिया जा सकें की सिर्फ दूध देने वाली गायों को ही नही बल्कि बिना दूध देने वाली गायों को भी पालकर लाखों रुपए कमाए जा सकते है. दाधीच बताते है नवाचारों की इसी श्रृंखला में गौशाला में गाय के गोबर से गमले, हवन सामग्री, गौ मूत्र अर्क और बालों के लगाने का तेल तक बनाया जा रहा है. गौशाला ऑनलाइन ऑल इंडिया में कारोबार कर, गौशाला में बने प्रोडक्ट सैल कर रही है. हॉलसेल में गोबर के एक दीपक की क़ीमत करीब डेढ़ रुपए रखी है. दाधीच बताते है की गोबर के दीपक बेच गौशाला करीब तीन से पांच लाख रुपए कमा रही है और गौशाला गोपाल को यह प्रशिक्षण भी पूर्णतया निशुल्क दे रही है.

Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

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Location :

Churu,Rajasthan

First Published :

October 16, 2025, 18:14 IST

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राजलदेसर गौशाला के गोबर से बने दीपक और मूर्तियों की बढ़ती डिमांड.

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