Blood Type A Linked to Higher Risk of Autoimmune Liver Disease | ब्लड ग्रुप A वालों में लिवर डिजीज का ज्यादा खतरा

Last Updated:November 27, 2025, 09:41 IST
Blood Type and Liver Disease Risk: एक नई स्टडी में पाया गया है कि ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में ऑटोइम्यून लिवर डिजीज का खतरा अन्य ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में ज्यादा होता है. ब्लड ग्रुप B वाले लोगों में इन बीमारियों का खतरा कम देखा गया है. समय पर जांच, हेल्दी लाइफस्टाइल और नियमित मॉनिटरिंग से लिवर को लंबी उम्र तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
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ब्लड ग्रुप A वालों को ऑटोइम्यून लिवर डिजीज का खतरा ज्यादा होता है.
Blood Type Can Predict Liver Disease Risk: आपका ब्लड ग्रुप सेहत से जुड़ी कई जानकारियां देता है. अधिकतर लोग अपने ब्लड ग्रुप को सिर्फ एक मेडिकल जानकारी के रूप में देखते हैं. जब कभी इमरजेंसी होती है, तब ही ब्लड ग्रुप के आधार पर ट्रीटमेंट किया जाता है. हालांकि ब्लड ग्रुप कई बीमारियों के बारे में भी जानकारी दे सकता है. एक हालिया रिसर्च में खुलासा हुआ है कि आपका ब्लड ग्रुप आपकी लिवर से जुड़ी बीमारियों के जोखिम के बारे में भी बहुत कुछ बता सकता है. खासतौर पर ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में ऑटोइम्यून लिवर डिजीज का खतरा अधिक पाया गया है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से लिवर पर ही हमला करने लगता है. इस रिसर्च में कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं.
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक नई रिसर्च में पाया गया है कि ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में ऑटोइम्यून लिवर डिजीज का खतरा ज्यादा होता है, जबकि B ब्लड ग्रुप वाले लोगों में इसका खतरा कम पाया गया है. यह स्टडी जर्नल फ्रंटियर्स में प्रकाशित हुई है और इस स्टडी में 1200 से ज्यादा लोगों के डाटा का एनालिसिस किया गया. इसमें से 114 मरीज ऑटोइम्यून लिवर डिजीज से जूझ रहे थे. रिसर्चर्स ने पाया कि ब्लड ग्रुप A के बाद O, B और AB ग्रुप वाले लोगों को लिवर की इस बीमारी का खतरा था. जबकि ब्लड ग्रुप B वालों में ऑटोइम्यून डिजीज के अलावा प्राइमरी बिलियरी कॉलेन्जाइटिस (PBC) होने का जोखिम भी कम पाया गया.
ऑटोइम्यून लिवर डिजीज क्या होती है?
डॉक्टर्स की मानें तो शराब, वायरल इंफेक्शन या खराब लाइफस्टाइल से होने वाली लिवर डिजीज अलग होती हैं. ऑटोइम्यून लिवर डिजीज तब होती है, जब शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से लिवर या उसकी कोशिकाओं पर हमला करना शुरू कर देता है. ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस में इम्यून सिस्टम सीधे लिवर सेल्स को नुकसान पहुंचाता है. प्राइमरी बिलियरी कोलेन्जाइटिस में शरीर का इम्यून सिस्टम बाइल डक्ट्स को डैमेज करता है. इससे लिवर में बाइल जमा होने लगता है और समय के साथ स्कारिंग और सिरोसिस हो सकता है. ये बीमारियां धीरे-धीरे बढ़ती हैं और कई सालों तक बिना लक्षणों के डेवलप हो सकती हैं.
ब्लड ग्रुप और लिवर डिजीज का क्या है कनेक्शन?
दरअसल हमारा ब्लड ग्रुप A, B, AB या O इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी लाल रक्त कोशिकाओं पर किस प्रकार के एंटीजन A, B या H मौजूद हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि ये एंटीजन न सिर्फ ब्लड ग्रुप, बल्कि शरीर की इम्यून और इंफ्लेमेशन प्रतिक्रिया को भी प्रभावित करते हैं. स्टडी में यह देखा गया कि ऑटोइम्यून लिवर डिज़ीज़ वाले मरीजों में A एंटीजन की मौजूदगी अधिक थी, जो दर्शाता है कि इस समूह में इम्यून डिसफंक्शन होने की संभावना ज्यादा हो सकती है. ब्लड ग्रुप A होना यह गारंटी नहीं देता कि आपको लिवर रोग जरूर होगा, लेकिन यह आपका जोखिम बढ़ा सकता है. इसलिए अगर आपको बार-बार थकान, जॉइंट पेन, पेट के दाहिने हिस्से में भारीपन, स्किन में खुजली, भूख कम लगना या पीलिया जैसी शुरुआती समस्याएं दिखें, तो तुरंत जांच करवानी चाहिए.
अमित उपाध्याय
अमित उपाध्याय Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
अमित उपाध्याय Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें
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November 27, 2025, 09:39 IST
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इस ब्लड ग्रुप के लोगों को लिवर डिजीज का खतरा ज्यादा, कहीं आपका BG यह तो नहीं?



